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General Science
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पारsec (पारसेक) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है, जो एक खगोलीय इकाई (AU) द्वारा किसी तारे पर अंतरित 1 चाप सेकण्ड (arcsecond) के कोण से संबंधित है, और यह लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
- 2. 'स्टेरेडियन' (Steradian) एक व्युत्पन्न मात्रक है जो किसी गोले के केंद्र पर उसके क्षेत्रफल द्वारा बनाए गए घन कोण (Solid angle) को मापता है, और यह एक विमाहीन राशि नहीं है क्योंकि इसका अपना एक अलग विमीय सूत्र होता है।
- 3. सांद्रता, आवृत्ति और पृष्ठ तनाव जैसी भौतिक राशियों में पृष्ठ तनाव का SI मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($ ext{N/m}$) होता है, जिसे मूल मात्रकों के पदों में किलोग्राम प्रति सेकंड वर्ग ($ ext{kg s}^{-2}$) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
- 4. प्रकाश वर्ष (Light-year) समय की एक इकाई है जिसका उपयोग अंतरिक्ष में अत्यधिक लंबे समयान्तरालों और कालिक गणनाओं के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष या $3.08 imes 10^{16}$ मीटर के बराबर होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'स्टेरेडियन' पूरक मात्रक (Supplementary unit) है जो घन कोण को मापता है, परंतु यह एक विमाहीन (Dimensionless) राशि है क्योंकि यह दो लम्बाइयों के वर्गों का अनुपात होती है। कथन 3 सही है क्योंकि पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का सूत्र बल प्रति एकांक लंबाई ($F/L$) होता है, जिसका SI मात्रक $ ext{N/m}$ है और विमीय विश्लेषण के अनुसार इसे $ ext{[M T}^{-2} ext{]}$ अर्थात् $ ext{kg s}^{-2}$ लिखा जा सकता है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'प्रकाश वर्ष' समय की नहीं बल्कि दूरी की एक इकाई है, जो निर्वात में प्रकाश द्वारा एक वर्ष में तय की गई दूरी को दर्शाती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हार्मोनल नियंत्रण प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पीयूष ग्रंथि का पश्च भाग (न्यूरोहाइपोफाइसिस) 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) हार्मोनों का संश्लेषण स्वयं करता है, जिनका स्रावण हाइपोटैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी तंत्र के नियंत्रण में होता है।
2. अधिवृक्क वल्पुट (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरॉन' (Aldosterone) एक मिनरलोकोर्टिकोइड है जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनरावशोषण को प्रेरित करता है तथा पोटैशियम और फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को बढ़ावा देता है।
3. अग्न्याशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाएँ 'इंसुलिन' का स्रावण करती हैं, जो एक पेप्टाइड हॉर्मोन है और यकृत व वसा ऊतकों में ग्लाइकोजेनेसिस की प्रक्रिया को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है।
4. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'थायरोकैल्सीटोनिन' (TCT) हार्मोन रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाता है, जिससे अस्थियों से कैल्शियम का विखनिजीकरण तेज हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विलयन का 'परासरण दाब' ($1$V = $nRT$ के अनुरूप) एक अणुसंख्यक गुण है जो विलेय के कणों की कुल संख्या पर निर्भर करता है, न कि उनकी प्रकृति पर, और यह तनु विलयनों के आणविक द्रव्यमान निर्धारण के लिए सबसे उपयुक्त विधि है क्योंकि इसका परिमाण कमरे के तापमान पर भी आसानी से मापने योग्य होता है।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के लिए हमेशा $1$ से कम होता है, क्योंकि जलीय विलयन में वियोजन (Dissociation) के कारण कणों की संख्या घट जाती है।
3. 'समांगी उत्प्रेरण' (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक समान भौतिक अवस्था (Phase) में होते हैं, और ओस्टवाल्ड विधि द्वारा अमोनिया के ऑक्सीकरण से नाइट्रिक अम्ल के निर्माण में प्रयुक्त प्लैटिनम gauze इस उत्प्रेरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (Erythroblastosis foetalis) एक ऐसी स्थिति है जो तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता का Rh-धनात्मक गर्भस्थ शिशु होता है, जिससे पहले गर्भधारण के दौरान ही माता के शरीर में Rh प्रति-एंटीबॉडी का अत्यधिक निर्माण हो जाता है जो शिशु के लिए घातक होता है।
2. 'O' रक्त समूह वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी उपस्थित होते हैं, जिसके कारण उन्हें 'सार्वभौमिक दाता' (Universal Donor) माना जाता है, क्योंकि उनकी लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर कोई एंटीजन (A या B) नहीं होता है।
3. रुधिर स्कंदन (Blood Coagulation) की कैस्केड प्रक्रिया में, प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बोकाइनेज (Thrombokinase) एंजाइम की आवश्यकता होती है, जो कैल्सियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति में कार्य करता है।
4. मानव शरीर में 'एन्जियोटेंसिन-II' एक शक्तिशाली वाहिकासंकीर्णक (Vasoconstrictor) है जो वृक्क के जुक्स्टाग्लोमेरुलर तंत्र द्वारा रेनिन के स्रावण से प्रेरित होकर रक्तचाप को बढ़ाता है और एल्डोस्टेरोन के स्रावण को उद्दीपित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोसटिन' (Somatostatin) हार्मोन अग्र पिट्यूटरी (Anterior pituitary) से ग्रोथ हॉर्मोन (GH) और थ्रोट्रॉपिन (TSH) के स्राव को संदमित (Inhibit) करने का कार्य करता है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) का मेडुला भाग केटेकोलामाइन्स (एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन) का स्राव करता है, जो अनुकंपी तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system) के प्रभावों की नकल करते हुए 'फाइट या फ्लाइट' प्रतिक्रिया को नियंत्रित करते हैं।
3. पैराथायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) हाइपोकैल्सीमिया की स्थिति में रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थि के resorption (अस्थि विलीनिकरण) को प्रेरित करता है तथा वृक्क नलिकाओं द्वारा कैल्शियम के पुनअवशोषण को कम करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली पेप्टिक या मुख्य कोशिकाएं (Chief/Zymogenic cells) 'पेप्सिनोजेन' का स्राव करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन का पाचन प्रारंभ करती हैं।
2. जब रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड का आंशिक दाब ($P_{CO_2}$) बढ़ता है और ऑक्सीजन का आंशिक दाब ($P_{O_2}$) घटता है, तो हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति आत्मीयता (Affinity) बढ़ जाती है, जिससे फेफड़ों में ऑक्सीजन का बंधन और ऊตकों में उसका विमोचन सुगम हो जाता है।
3. मानव हृदय का पेसमेकर 'सिनोएट्रियल नोड' (SAN) स्वतः उत्तेजित होने की क्षमता रखता है और यह दाएँ आलिंद के दाहिने ऊपरी कोने पर स्थित होता है, जो हृदय की संकुचन दर को नियंत्रित करता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में माइलिन आच्छद (Myelin sheath) का निर्माण परिधीय तंत्रिका तंत्र में श्वान कोशिकाओं (Schwann cells) द्वारा और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में ऑलिगोडेंड्रोजिट्स (Oligodendrocytes) द्वारा किया जाता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को बढ़ाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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