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General Science
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोसटिन' (Somatostatin) हार्मोन अग्र पिट्यूटरी (Anterior pituitary) से ग्रोथ हॉर्मोन (GH) और थ्रोट्रॉपिन (TSH) के स्राव को संदमित (Inhibit) करने का कार्य करता है।
- 2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) का मेडुला भाग केटेकोलामाइन्स (एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन) का स्राव करता है, जो अनुकंपी तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system) के प्रभावों की नकल करते हुए 'फाइट या फ्लाइट' प्रतिक्रिया को नियंत्रित करते हैं।
- 3. पैराथायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) हाइपोकैल्सीमिया की स्थिति में रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थि के resorption (अस्थि विलीनिकरण) को प्रेरित करता है तथा वृक्क नलिकाओं द्वारा कैल्शियम के पुनअवशोषण को कम करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित सोमاتोसटिन (Somatostatin) पिट्यूटरी ग्रंथि से वृद्धि हार्मोन (GH) और थायराइड-उत्तेਜक हार्मोन (TSH) के स्राव को रोकता है। कथन 2 सही है: अधिवृक्क मेडुला (Adrenal medulla) से कैटेकोलामाइन (एपिनेफ्रिन और नोरेपिनेफ्रिन) स्रावित होते हैं जो आपातकालीन परिस्थितियों में 'फाइट या फ्लाइट' (Fight or flight) प्रतिक्रिया को संचालित करते हैं। कथन 3 गलत है: पैराथर्मोन (PTH) रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए हड्डियों से कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है और वृक्क नलिकाओं (Renal tubules) से कैल्शियम के पुनअवशोषण को *बढ़ाता* है, घटाता नहीं है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनवन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राऊल्ट के नियम का पालन करने वाले आदर्श विलयनों के लिए विलेय की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है।
2. वांट हॉफ गुणांक ($i$) का मान उन विलयनों के लिए एक से अधिक होता है जो जलीय माध्यम में वियोजित (Dissociation) होते हैं, जबकि संघनन (Association) दर्शाने वाले विलेय के लिए इसका मान एक से कम होता है।
3. विषमांगी उत्प्रेरण (Heterogeneous catalysis) के 'अधिशोषण सिद्धांत' के अनुसार, अभिकारक अणु उत्प्रेरक की सतह पर आकर भौतिक या रासायनिक रूप से अधिशोषित होते हैं, जिससे उनकी सतह पर सक्रिय ऊर्जा (Activation energy) का मान बढ़ जाता है और अभिक्रिया की दर मंद हो जाती है।
4. एंजाइम उत्प्रेरण 'ताला-कुंजी' (Lock and Key) प्रतिमान का पालन करता है, जिसमें उत्प्रेरक की विशिष्ट ज्यामितीय संरचना केवल विशिष्ट सबस्ट्रेट अणुओं को ही उनके सक्रिय स्थलों पर जुड़ने की अनुमति देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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श्वेत रक्त कण?
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सुपरकंडक्टर की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
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रासायनिक बंधन और अम्लीय-क्षारीय गुणों (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा अष्टक-अपूर्ण यौगिक (जैसे $BF_3$) उत्कृष्ट लुईस अम्ल के रूप में कार्य करते हैं।
2. जब किसी दुर्बल अम्ल के लवण को उसके प्रबल क्षार के साथ जल में घोला जाता है, तो जल-अपघटन (Hydrolysis) के फलस्वरूप प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति क्षारीय होती है और विलयन का pH मान 7 से अधिक होता है।
3. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म (Conjugate acid-base pair) में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है, और किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार भी उतना ही प्रबल होता है।
4. जल के स्व-आयनन (Self-ionization) के कारण, शुद्ध जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) तापमान पर निर्भर करता है, और तापमान बढ़ाने पर $K_w$ का मान बढ़ने से शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, यद्यपि वह रासायनिक रूप से उदासीन ही रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तंत्रिका तंत्र की इकाई?
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