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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
- 2. 'लेंज का नियम' (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा सदैव उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
- 3. जब किसी चालक को किसी चुंबकीय क्षेत्र में गति कराया जाता है, तो उसमें उत्पन्न प्रेरित धारा के कारण एक चुंबकीय क्षेत्र बनता है जो फ्लेमिंग के वाम-हस्त नियम (Fleming's Left-Hand Rule) का पालन करता है।
- 4. स्वप्रेरत्व (Self-inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' (Henry) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। फैराडे के नियम के अनुसार प्रेरित विद्युत वाहक बल चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के बराबर होता है। लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत का पालन करता है। स्वप्रेरत्व का मात्रक हेनरी है। कथन 3 गलत है क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान चालक पर लगने वाले बल या प्रेरित धारा की दिशा की व्याख्या के लिए फ्लेमिंग के 'दक्षिण-हस्त नियम' (Right-Hand Rule) का उपयोग किया जाता है, न कि वाम-हस्त नियम का (जो धारावाही चालक पर बल के लिए है)। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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पानी का सूत्र?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध (Single covalent bonds) होते हैं, और सामान्यतः इन्हें 'पैराफिन' (Paraffins) कहा जाता है क्योंकि इनकी रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता कम होती है।
2. एल्काइन्स (Alkynes) में कम से कम एक कार्बन-कार्बन त्रि-बंध (Triple bond) होता है, और असंतृप्तता के उच्च स्तर के कारण ये एल्केन्स और एल्कीन्स की तुलना में अत्यधिक अम्लीय प्रकृति दर्शाते हैं क्योंकि इनका कार्बन परमाणु $sp^3$ संकरित (Hybridized) होता है।
3. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रज्वलन-रोधी गुणवत्ता का माप है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या यह दर्शाती है कि ईंधन में 'अपस्फोटन' (Knocking) की प्रवृत्ति कम होगी, और इसके मानक के रूप में अत्यधिक अपस्फोटन उत्पन्न करने वाले 'n-हेप्टेन' को शून्य तथा न्यूनतम अपस्फोटन वाले 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 अंक दिया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा सदैव उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) के भीतर उच्च चुंबकीय पारगम्यता वाला नरम लोहे का क्रोड रखा जाता है, तो परिनालिका के भीतर का चुंबकीय क्षेत्र कमजोर हो जाता है क्योंकि नरम लोहा बाह्य चुंबकीय क्षेत्र को प्रतिकर्षित करता है।
4. भँवर धाराएँ (Eddy Currents) किसी चालक में तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग विद्युत ब्रेक, प्रेरण भट्टी (Induction Furnace) और स्पीडोमीटर में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकती हैं (इलेक्ट्रॉन-ग्राही), जबकि लुईस क्षार (Lewis base) इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने की क्षमता रखते हैं, जिसके परिणामस्वरूप समन्वय उपसहसंयोजक बंध (Coordinate covalent bond) का निर्माण होता है।
2. कठोर-मृदु अम्ल-क्षार सिद्धांत (HSAB Principle) के अनुसार, 'कठोर अम्ल' उच्च आवेश घनत्व, छोटे आकार और कम ध्रुवणीयता वाले धनाढ्य आयन होते हैं, जो प्राथमिकता के आधार पर 'मृदु क्षारों' के साथ मजबूत और स्थिर परिसरों का निर्माण करते हैं।
3. जब किसी दुर्बल अम्ल (जैसे एसिटिक अम्ल) और उसके प्रबल क्षार के साथ बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जलीय विलयन बनाया जाता है, तो यह विलयन जल-अपघटन (Hydrolysis) के कारण क्षारीय प्रकृति का होता है, और इसका pH मान 7 से अधिक होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र, रुधिर समूहों और प्लाज्मा प्रोटीन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रक्त प्लाज्मा में उपस्थित 'एल्ब्यूमिन' (Albumin) प्रोटीन यकृत द्वारा संश्लेषित होता है और यह रक्त का परासरणी दाब (Osmotic pressure) बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है, जबकि 'फाइब्रिनोजेन' रक्त स्कंदन में सहायक होता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood Group या $O_h$) सबसे पहले 1952 में मुंबई में खोजा गया था, जिसकी लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर 'H' एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है, और इस रक्त समूह वाले व्यक्ति को केवल इसी समूह का रक्त चढ़ाया जा सकता है।
3. 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटalis' (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति केवल तब उत्पन्न होती है जब Rh-धनात्मक माता और Rh-ऋणात्मक पिता का गर्भधारण होता है, जिससे दूसरी गर्भावस्था के दौरान भ्रूण की लाल रक्त कोशिकाओं का मोठ्या पैमाने पर विनाश होता है।
4. मानव शरीर में लिंफ (लसिका) एक रंगहीन द्रव है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएँ और रक्त प्लेटलेट्स अनुपस्थित होते हैं, किंतु इसमें श्वेत रक्त कोशिकाएँ (मुख्यतः लिंफोसाइट्स) प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए उत्तरदायी हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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