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पानी का सूत्र?

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H2O।
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ABO रक्त समूह प्रणाली में, आरबीसी की सतह पर मौजूद एंटीजन (एग्लुटिनोजेन) के प्रकार के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, और रक्त समूह 'O' वाले व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लुटिनिन) उपस्थित होते हैं। 2. 'Rh कारक' (Rhesus factor) से जुड़ी 'गर्भभ्रूण रक्ताणुकोशाकता' (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति केवल तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता की संतान हो, और यह समस्या सामान्यतः पहले गर्भ के दौरान ही अत्यधिक गंभीर और घातक हो जाती है क्योंकि प्राथमिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया तत्काल और प्रबल होती है। 3. मानव हृदय के चालन तंत्र (Conduction System) में, 'साइनोएट्रियल नोड' (SA Node) को हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर कहा जाता है, जिससे उत्पन्न होने वाला स्वतः प्रेरणा (authythmic) विद्युत आवेग सबसे पहले आलिंदों को संकुचित करता है और फिर एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड (AV Node) से होते हुए निलय तक पहुँचਦਾ है। 4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Blood Coagulation) में, प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बोप्लास्टिन, कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) और विटामिन $K$ की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और थ्रॉम्बिन अंततः घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन में परिवर्तित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और प्रत्यावर्ती धारा (AC) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है। 2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का एक परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है। 3. जब किसी चालक को चुंबकीय क्षेत्र में गति कराया जाता है, तो उसमें भंवर धाराएँ (Eddy currents) उत्पन्न होती हैं, जिनका उपयोग विद्युत ब्रेक (Magnetic braking) और प्रेरण भट्टी (Induction furnace) जैसी तकनीकों में किया जाता है। 4. एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर अन्योन्य प्रेरण (Mutual induction) के सिद्धांत पर कार्य करता है, जो दिष्ट धारा (DC) और प्रत्यावर्ती धारा (AC) दोनों के वोल्टेज को स्टेप-अप या स्टेप-डाउन करने में समान रूप से प्रभावी होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? रासायनिक बंधन (Chemical Bonding) और अम्ल-क्षार सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण कर सकती हैं (इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही), जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म को दान करते हैं। 2. अमोनिया ($NH_3$) अणु में नाइट्रोजन परमाणु पर एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (Lone pair) की उपस्थिति के कारण यह एक उत्कृष्ट लुईस क्षार के रूप में कार्य करता है। 3. ब्रॉन्स्टेड-लोरी (Bronsted-Lowry) संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) भी अत्यंत प्रबल और प्रतिक्रियाशील होता है। 4. जल एक उभयधर्मी (Amphoteric) विलायक है जो ब्रॉन्स्टेड-लोरी अम्ल और ब्रॉन्स्टेड-लोरी क्षार दोनों रूप में कार्य कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और मात्रकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी भी भौतिक राशि की विमाएँ यह दर्शाती हैं कि उस राशि को व्यक्त करने के लिए मूल इकाइयों पर कौन-कौन सी घातें (Exponents) चढ़ाई जाती हैं, और विमीय विश्लेषण का उपयोग केवल समीकरणों की सत्यता की जाँच करने के लिए किया जा सकता है, नए भौतिक संबंधों को व्युत्पन्न करने के लिए नहीं। 2. 'प्लांग स्थिरांक' (Planck's constant) और 'कोणीय संवेग' (Angular momentum) दोनों की विमीय सूत्र (Dimensional formula) सर्वथा समान होती है, जो कि $[ML^2T^{-1}]$ है। 3. पार्सेक (Parsec) और प्रकाश वर्ष (Light-year) दोनों खगोलीय दूरियाँ मापने के मात्रक हैं, जिनमें से 1 पार्सेक का मान लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? जीन नियमन (Gene Regulation) और ओपेरॉन मॉडल (Operon Model) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जैकब और मोनोड (Jacob and Monod) द्वारा प्रतिपादित 'लैक्टोज ओपेरॉन' (Lac Operon) प्रणाली एक 'प्रेरक' (Inducible) प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें लैक्टोज की अनुपस्थिति में 'दमनकारी' (Repressor) प्रोटीन ऑपरेटर जीन से जुड़कर संरचनात्मक जीनों के अनुलेखन (Transcription) को रोक देता है। 2. ट्रिप्टोफैन ओपेरॉन (Trp Operon) एक 'संमपीड्य' (Repressible) प्रणाली है, जिसमें कोरप्रेसर (Corepressor) के रूप में कार्य करने वाला ट्रिप्टोफैन स्वयं निष्क्रिय दमनकारी (Inative repressor) के साथ जुड़कर उसे सक्रिय बनाता है, जिससे यह ऑपरेटर क्षेत्र से बंध जाता है। 3. यूकेरियोटिक जीवों में जीन अभिव्यक्ति के नियमन की प्रक्रिया केवल अनुलेखन स्तर (Transcriptional level) पर ही नियंत्रित होती है, और अनुलेखन के पश्चात होने वाले संवर्धित संशोधन (Post-transcriptional modifications) इसमें कोई भूमिका नहीं निभाते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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