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General Science
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मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'टाइफाइड' (आंत्र ज्वर) एक जीवाणु जनित रोग है जो 'सालमोनेला टाइफी' (Salmonella typhi) जीवाणु के संक्रमण से होता है, और इसके संपुष्टि के लिए 'विडाल परीक्षण' (Widal test) किया जाता है।
  2. 2. 'फाइलेरियासिस' (हाथीपांव) का संक्रमण क्रिमि 'वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी' (Wuchereria bancrofti) के कारण होता है, जो मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से मानव शरीर में फैलता है और इसके कारण लसीका वाहिकाओं में चिरकारी सूजन आ जाती है।
  3. 3. एड्स (AIDS) उत्पन्न करने वाला 'ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस' (HIV) एक रेट्रोवायरस है जो मुख्य रूप से 'सहायक टी-लिम्फोसाइट्स' ($T_h$ कोशिकाओं) को संक्रमित करके उनकी संख्या को धीरे-धीरे कम कर देता है।
  4. 4. जन्मजात और उपार्जित प्रतिरक्षा के अंतर्गत, 'इंटरफेरॉन' (Interferons) प्रोटीन विषाणु-संक्रमित कोशिकाओं द्वारा स्रावित किए जाते हैं जो आसपास की गैर-संक्रमित कोशिकाओं को और अधिक विषाणु संक्रमण से बचाने का कार्य करते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि टाइफाइड एक आंत का जीवाणु संक्रमण है जो 'सालमोनेला टाइफी' के कारण होता है और इसके निदान के लिए विडाल टेस्ट का उपयोग किया जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि फाइलेरियासिस (हाथीपांव) का संचरण मादा 'क्यूलेक्स' मच्छर (न कि एनोफेलीज) के काटने से होता है। कथन 3 सही है क्योंकि HIV एक रेट्रोवायरस है जो सहायक T-कोशिकाओं को नष्ट कर प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है। कथन 4 सही है क्योंकि विषाणु-संक्रमित कोशिकाएँ 'इंटरफेरॉन' नामक प्रोटीन स्रावित करती हैं जो अन्य कोशिकाओं को विषाणु संक्रमण से बचाते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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