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General Science
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मानव शरीर में प्रतिरक्षी अणुओं (Antibodies) की संरचना के संदर्भ में, प्रत्येक मूल 'Y'-आकार के अणु में कितने पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं (Polypeptide chains) पाई जाती हैं, और वे आपस में किस बंध द्वारा जुड़ी होती हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव शरीर में प्रतिरक्षी या इम्युनोग्लोबुलिन (Immunoglobulins) वाई (Y) आकार के प्रोटीन अणु होते हैं। प्रत्येक प्रतिरक्षी अणु चार पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाओं से मिलकर बना होता है: दो समान लंबी श्रृंखलाएं जिन्हें 'भारी श्रृंखला' (Heavy chains) कहते हैं और दो समान छोटी श्रृंखलाएं जिन्हें 'हल्की श्रृंखला' (Light chains) कहा जाता है। ये चारों श्रृंखलाएं आपस में मजबूत सहसंयोजक डाइसल्फ़ाइड बंधों (Disulfide bonds) द्वारा जुड़ी होती हैं।
Related Questions
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों की रासायनिक प्रकृति, निष्कर्षण तथा उनके विशिष्ट गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्युमिनियम का निष्कर्षण 'हॉल-हरोल्ट प्रक्रम' द्वारा किया जाता है, जिसमें शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूरोस्पार ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है।
2. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का $3:1$ के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को घोलने में सक्षम है क्योंकि यह मिश्रण 'नेसेंट क्लोरीन' उत्पन्न करता है।
3. सफेद फॉस्फोरस, जो चार अलग-अलग मुख्य रूपों में पाया जाने वाला एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील अधातु है, पानी में अघुलनशील होने के कारण पानी के भीतर संग्रहीत किया जाता है, और यह अंधेरे में चमकने का गुण यानी स्फुरदीप्ति (Phosphorescence) प्रदर्शित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में जैविक अणुओं और पोषण (Nutrition and Vitamins) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. थायमिन (विटामिन $B_1$) का सक्रिय रूप 'थायमिन पाइरोफास्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुवेट डीहाइड्रोजनेज और अल्फा-कीटोसुग्लेरेट डीहाइड्रोजनेज एंजाइमों के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम (Coenzyme) के रूप में कार्य करता है।
2. नियासिन (विटामिन $B_3$) का संश्लेषण मानव शरीर में ट्रिप्टोफैन अमीनो अम्ल से भी हो सकता है, और इसके व्युत्पन्न 'निकोटिनएमाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड' (NAD⁺) तथा 'NADPH' ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण और अपचयी मार्गों में इलेक्ट्रॉन वाहक की भूमिका निभाते हैं।
3. टोकोफेरॉल (विटामिन $E$) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोशिका झिल्ली में मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड को लिपिड पेराक्सिडेशन से बचाता है तथा एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है।
4. विटामिन $K$ (फिलोक्विनोन) यकृत में प्रोथ्रोम्बिन और अन्य रक्त स्कंदन कारकों (Clotting factors II, VII, IX, X) के गामा-कार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक को-फैक्टर है, जो रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया को सुगम बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है और यह एक पार्सल सेक्युरेंट कोण पर आधारित है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है, और SI प्रणाली में इसका मात्रक पास्कल-सेकंड (Pa·s) या प्वाइज़ेन होता है।
3. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($N/m$) है और इसकी विमा $[ML^0T^{-2}]$ होती है।
4. एक 'एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट' (AU) सूर्य और पृथ्वी के बीच की माध्य दूरी है, जिसका मान लगभग $1.496 imes 10^{11}$ मीटर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुणों, विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बलों (Cohesive forces) के कारण होता है, और तापमान बढ़ने पर इसका मान लगातार कम होता जाता है तथा क्रांतिक तापमान (Critical temperature) पर यह शून्य हो जाता है।
2. द्रवों की श्यानता (Viscosity) तापमान में वृद्धि होने पर घटती है क्योंकि अणुओं के बीच की गतिज ऊर्जा बढ़ने से उनके बीच का आकर्षण बल कमजोर हो जाता है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) विस्थापित तरल के द्रव्यमान के केंद्र (Centre of buoyancy) पर कार्य करता है।
4. जब कोई केशिका नली (Capillary tube) ऐसे द्रव में डुबोई जाती है जो काँच को नहीं भिगोता है (जैसे पारा), तो द्रव नली के भीतर ऊपर चढ़ जाता है और उसका चंद्रतल (Meniscus) अवतल (Concave) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं, जिनमें उनके अपने स्वयं के द्विमार्गी वृत्ताकार डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण करने की क्षमता होती है।
2. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' (निर्माण) चेहरा अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum) की तरफ स्थित होता है, जबकि 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की तरफ होता है, और यह ग्लाइकोसिलेशन तथा ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है।
3. परॉक्सिसोम (Peroxisome) एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो कैटालेज और ऑक्सीडेज एंजाइमों से समृद्ध होता है, और यह पादप कोशिकाओं में ग्लायॉक्सीलेट चक्र के माध्यम से वसा अम्लों के कार्बोहाइड्रेट में रूपांतरण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेता है।
4. लाइसोसोम (Lysosome) अंतःकोशिकी पाचन के लिए उत्तरदायी होते हैं और इनमें अम्लीय फॉस्फेटेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइम होते हैं, जिनकी सक्रियता का अनुकूलतम pH लगभग 7.4 (क्षारीय) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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