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General Science
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मानव शरीर की शारीरिक क्रिया-विज्ञान (Physiology) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. छोटी आंत के अग्रभाग (ड्योडिनम) में अग्न्याशय द्वारा स्रावित 'ट्रिप्सिनोजेन' निष्क्रिय एंजाइम आंत की श्लेष्मला (Mucosa) द्वारा स्रावित 'एंटेरोकाइनेज' एंजाइम की उपस्थिति में सक्रिय ट्रिप्सिन में बदलता है, जो प्रोटीन के पाचन में सहायक होता है।
  2. 2. मानव श्वसन तंत्र में, कूपिकाओं (Alveoli) की सतह पर 'सर्फेक्टेंट' (Surfactant) नामक फॉस्फोलिपिड यौगिक का स्रावण होता है, जो सतही तनाव को कम करके कूपिकाओं को पिचकने (Collapse) से बचाता है।
  3. 3. परिसंचरण तंत्र के अंतर्गत, 'प्रथम हृदय ध्वनि' (Lub) का उत्पन्न होना द्विवलनी और त्रिवलनी कपाटों के खुलने के कारण होता है, जबकि 'द्वितीय हृदय ध्वनि' (Dub) अर्धचंद्रकार कपाटों के बंद होने से संबंधित है।
  4. 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में, प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) का संचालन रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) द्वारा किया जाता है, जिसमें संवेदी न्यूरॉन से आने वाले संकेत सीधे मोटर न्यूरॉन तक पहुँचते हैं, और इस मार्ग को प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) कहा जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: अग्न्याशय से स्रावित होने वाला ट्रिप्सिनोजेन एक निष्क्रिय एंजाइम है, जो छोटी आंत के एंटेरोकाइनेज द्वारा सक्रिय ट्रिप्सिन में परिवर्तित होता है। कथन 2 सही है: फेफड़ों की कूपिकाओं में टाइप-II कोशिकाओं द्वारा स्रावित पल्मोनरी सर्फेक्टेंट सतही तनाव को कम करता है जिससे श्वसन के दौरान कूपिकाएं पिचकती नहीं हैं। कथन 3 गलत है: 'प्रथम हृदय ध्वनि' (Lub) निलय के संकुचन के शुरुआती चरण में द्विवलनी (Mitral) और त्रिवलनी (Tricuspid) कपाटों के **बंद** होने से उत्पन्न होती है, खुलने से नहीं। कथन 4 सही है: प्रतिवर्ती क्रियाएं रीढ़ की हड्डी द्वारा नियंत्रित होती हैं और इसमें प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) शामिल होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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