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General Science
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कार्बनिक रसायन के अंतर्गत हाइड्रोकार्बन और ईंधनों के रासायनिक गुणों तथा उनके संरचनात्मक व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एल्केन्स (Alkanes) में सभी कार्बन परमाणु $sp^3$ संकरित होते हैं और ये मुक्त मूलक halogenation (हैलोजनीकरण) अभिक्रियाओं के प्रति उच्च प्रतिक्रियाशीलता दर्शाते हैं, जिसमें प्रकाश की उपस्थिति में श्रृंखला संचरण (Chain propagation) का चरण ऊष्माशोषी होता है।
  2. 2. जब एथाइन (एसिटलीन) गैस को लाल तप्त लोहे की नली में 873 K ताप पर प्रवाहित किया जाता है, तो यह चक्रीय बहुलीकरण (Cyclic polymerization) के माध्यम से बेन्जीन का निर्माण करती है, जो ऐरिफ़ेटिक से एरोमैटिक यौगिक में परिवर्तन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  3. 3. डीजल इंजनों में ईंधन के स्वतः प्रज्वलन (Auto-ignition) के कारण उत्पन्न होने वाली 'नॉक' या अपस्फोटन (Knocking) की प्रवृत्ति को मापने के लिए 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) का उपयोग किया जाता है, जहाँ उच्च सीटेन संख्या बेहतर प्रज्वलन गुणवत्ता को दर्शाती है।
  4. 4. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से प्राप्त होने वाले केरोसिन (मिट्टी का तेल) और गैसोलीन (पेट्रोल) में, गैसोलीन की ऑक्टेन संख्या कम होती है जिसके कारण यह डीजल की तुलना में संपीडन अनुपात (Compression ratio) को सहन करने की अत्यधिक क्षमता रखता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि एल्केन्स के हैलोजनीकरण में श्रृंखला संचरण (propagation step) के दौरान एक पद ऊष्माक्षेपी और दूसरा ऊष्माशोषी होता है, तथा कुल मिलाकर यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है। कथन 2 सत्य है; एथाइन के चक्रीय त्रिकीकरण (trimerization) द्वारा बेन्जीन का निर्माण होता है। कथन 3 सत्य है, क्योंकि डीजल ईंधनों के लिए सीटेन संख्या उनके स्वतः प्रज्वलन और अपस्फोटन-विरोधी गुणों का पैमाना है। कथन 4 असत्य है क्योंकि पेट्रोल (गैसोलीन) की ऑक्टेन संख्या अधिक होती है और यह डीजल की तुलना में उच्च संपीडन अनुपात को सहन नहीं कर सकता, बल्कि डीजल का संपीडन अनुपात अधिक होता है। विकिपीडिया संदर्भ
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