General Science
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मानव शरीर में जैविक अणुओं और उनके चयापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. विटामिन B12 (कोबालामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो यकृत (Liver) में कई वर्षों तक भंडारित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की parietal कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'Intrinsic Factor' की अनिवार्यता होती है।
- 2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential Amino Acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो सकता, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से लेना आवश्यक होता है; उदाहरण के लिए, वैलीन, ल्यूसीन और टायरोसिन इसी श्रेणी में आते हैं।
- 3. ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें संचित ग्लाइकोजेन का ग्लूकोज-1-फास्फेट में विघटन होता है, और यह मुख्य रूप से यकृत और कंकाल पेशियों में इंसुलिन हार्मोन के नियंत्रण में संपन्न होती है।
- 4. सेलूलोज एक पादप-जनित पॉलीसेकेराइड है जिसमें ग्लूकोज इकाइयाँ $eta$-1,4-ग्लूकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं, और मानव शरीर में इसे पचाने के लिए आवश्यक 'सेल्युलेज' एंजाइम का पूर्ण अभाव होता है, जिससे यह आहार में फाइबर के रूप में कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि विटामिन B12 (कोबालामिन) जल-विलेय होने के बावजूद यकृत में वर्षों तक संचित रह सकता है और इसके अवशोषण के लिए आंतरिक कारक (Intrinsic Factor) आवश्यक है। कथन 2 गलत है क्योंकि टायरोसिन एक 'अनावश्यक' (non-essential) अमीनो अम्ल है, जबकि वैलीन और ल्यूसीन आवश्यक हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि ग्लाइकोजेनोलिसिस को मुख्य रूप से ग्लूकागन और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन प्रेरित करते हैं, न कि इंसुलिन (जो ग्लाइकोजेनेसिस को बढ़ावा देता है)। कथन 4 सही है क्योंकि सेलूलोज में $eta$-1,4-ग्लाइकोसिडिक बंध होते हैं और मनुष्य में सेल्युलेज एंजाइम नहीं पाया जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथों (Circuits) के व्यवहार के संदर्भ में…
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ध्वनि तरंगों और तरंग गति (Wave Motion) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, जबकि दाब में परिवर्तन का ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता बशर्ते तापमान स्थिर रहे।
2. अनुप्रस्थ तरंगें केवल उन्हीं माध्यमों में उत्पन्न की जा सकती हैं जिनमें अपरोपण प्रतिबल (Shear stress) को सहन करने की क्षमता हो, यही कारण है कि अनुप्रस्थ तरंगें गैसों और द्रवों के भीतर संचरित नहीं हो सकतीं (किंतु द्रवों के पृष्ठ पर संचरित हो सकती हैं)।
3. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम سے दूसरे माध्यम में जाती हैं, तो उनकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, जबकि माध्यम के बदलने के कारण उनके वेग में परिवर्तन हो जाता है।
4. अनुनाद (Resonance) की परिघटना तब घटित होती है जब किसी वस्तु की स्वाभाविक आवृत्ति (Natural frequency) बाह्य रूप से आरोपित आवर्त बल की आवृत्ति के बराबर हो जाती है, जिससे आयाम में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और प्रत्यावर्ती धारा (AC) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का एक परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी चालक को चुंबकीय क्षेत्र में गति कराया जाता है, तो उसमें भंवर धाराएँ (Eddy currents) उत्पन्न होती हैं, जिनका उपयोग विद्युत ब्रेक (Magnetic braking) और प्रेरण भट्टी (Induction furnace) जैसी तकनीकों में किया जाता है।
4. एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर अन्योन्य प्रेरण (Mutual induction) के सिद्धांत पर कार्य करता है, जो दिष्ट धारा (DC) और प्रत्यावर्ती धारा (AC) दोनों के वोल्टेज को स्टेप-अप या स्टेप-डाउन करने में समान रूप से प्रभावी होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'अंतःप्रद्रव्य जालिका' (Endoplasmic Reticulum - ER) और 'गोल्जी काय' (Golgi Apparatus) के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. खुरदूरी अंतःप्रद्रव्य जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, और यह मुख्य रूप से प्रोटीन संश्लेषण और उनके परिस्रवण (Secretion) में सक्रिय रूप से भाग लेती है।
2. चिकनी अंतःप्रद्रव्य जालिका (SER) पर राइबोसोम अनुपस्थित होते हैं, और यह लिपिड, स्टेरॉयड हार्मोन्स तथा ग्लाइकोजेन चयापचय के संश्लेषण का प्रमुख स्थल है।
3. गोल्जी काय का 'सिस' (Cis) या निर्माण चेहरा (Forming face) आमतौर पर अंतःप्रद्रव्य जालिका की ओर होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) या परिपक्व चेहरा (Maturing face) प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है।
4. अंतःप्रद्रव्य जालिका और गोल्जी काय दोनों ही दोहरी झिल्ली (Double membrane) से घिरे कोशिकांग हैं, जो केंद्रक झिल्ली के साथ निरंतरता बनाए रखते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होने पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस स्थिति में विरल माध्यम में अपवर्तित किरण का वेग शून्य हो जाता है।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी प्रकृति बदल लेता है और अवतल लेंस (अपसारी लेंस) की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र ($C$) और फोकस ($F$) के बीच रखा जाता है, तो उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र से परे (परे $C$) बनता है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के दौरान, परावर्तित प्रकाश की कुल तीव्रता आपतित प्रकाश की तीव्रता के 100% के बराबर होती है क्योंकि इस परिघटना में माध्यम द्वारा प्रकाश का कोई अवशोषण या आंशिक अपवर्तन नहीं होता है।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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