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General Science
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत गोलीय लेंसों, अपवर्तन और वर्ण विक्षपण (Dispersion) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लेंस मेकर सूत्र (Lens Maker's Formula) के अनुसार, यदि किसी पतले उत्तल लेंस के दोनों ओर के माध्यमों के अपवर्तनांक भिन्न-भिन्न हों, तो लेंस की फोकस दूरी दोनों माध्यमों के सापेक्षिक अपवर्तनांक और लेंस के दोनों वक्र पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं पर निर्भर करती है।
- 2. जब श्वेत प्रकाश की किरण किसी प्रिज्म से गुजरती है, तो बैंगनी रंग का प्रकाश लाल रंग के प्रकाश की तुलना में सबसे अधिक विचलित (Deviate) होता है, क्योंकि कांच का अपवर्तनांक बैंगनी रंग के लिए सबसे अधिक और लाल रंग के लिए सबसे कम होता है।
- 3. किसी लेंस की क्षमता (Power) उसकी फोकस दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और जब एक उत्तल लेंस (क्षमता $+2D$) और एक अवतल लेंस (क्षमता $-1.5D$) को संपर्क में रखा जाता है, तो इस संयोजन की कुल प्रभावी क्षमता $+0.5D$ होती है और यह एक अभिसारी लेंस की तरह व्यवहार करता है।
- 4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के आधार पर कार्य करने वाले प्रकाशीय तंतु (Optical Fibres) में प्रकाश का संचरण क्रोड (Core) से आच्छद (Cladding) की ओर होता है, जहाँ क्रोड का अपवर्तनांक आच्छद के अपवर्तनांक की तुलना में कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि लेंस मेकर सूत्र ($ \frac{1}{f} = (\frac{n_2}{n_1} - 1)(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}) $) के अनुसार लेंस की फोकस दूरी लेंस के पदार्थ और उसके चारों ओर के माध्यम के अपवर्तनांक पर निर्भर करती है, लेकिन मानक सूत्र में लेंस के दोनों ओर का माध्यम एकसमान माना जाता है। कथन 2 सत्य है; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, प्रिज्म से गुजरने पर प्रकाश का वर्ण विक्षेपण होता है जहाँ बैंगनी प्रकाश का अपवर्तनांक अधिकतम होने के कारण उसका विचलन सबसे अधिक होता है। कथन 3 सत्य है, क्योंकि लेंसों की क्षमता का बीजगणितीय योग किया जाता है ($ P = P_1 + P_2 = +2D - 1.5D = +0.5D $), जो सकारात्मक होने के कारण अभिसारी प्रकृति को दर्शाता है। कथन 4 असत्य है क्योंकि प्रकाशीय तंतु (Optical Fibres) में क्रोड (Core) का अपवर्तनांक आच्छद (Cladding) के अपवर्तनांक से अधिक होता है ताकि किरण का पूर्ण आंतरिक परावर्तन हो सके।
Related Questions
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पदार्थ के सामान्य गुणों (पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज का सिद्धांत) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) उस बल के रूप में परिभाषित होता है जो द्रव के पृष्ठ पर खींची गई काल्पनिक रेखा की एकांक लंबाई पर लंबवत कार्य करता है, और तापमान बढ़ने के साथ अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है क्योंकि तापमान बढ़ने से अणुओं की उष्मीय ऊर्जा बढ़ती है और उनके बीच का संसंजक बल (Cohesive force) कमजोर हो जाता है।
2. 'श्यानता' (Viscosity) द्रवों का वह आंतरिक गुण है जिसके कारण द्रव की विभिन्न परतें अपनी आपेक्षिक गति का विरोध करती हैं, और गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ जाती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और इस बल का केंद्र हटाए गए तरल के आयतन के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Centre of buoyancy) कहा जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की कक्षीय गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical energy) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है, और उपग्रह की चाल उसके पथ के पेरिजी (Perigee) पर अधिकतम तथा अपोजी (Apogee) पर न्यूनतम होती है।
2. भू-तुल्यकालिक उपग्रह (Geosynchronous satellite) का आवर्त काल पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन काल (एक sidereal day) के ठीक बराबर होता है, और यह अनिवार्य रूप से पृथ्वी के विषुवत वृत्त (Equator) के ठीक तल में स्थित होना चाहिए।
3. जब कोई उपग्रह अपनी कक्षा में बिना किसी ईंधन के निरंतर गति करता है, तो पृथ्वी के केंद्र के सापेक्ष उपग्रह का कोणीय संवेग (Angular momentum) संरक्षित रहता है क्योंकि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा लगाया गया बल आघूर्ण (Torque) शून्य होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में पोषण और वृहत् पोषक तत्वों के उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होने वाली वह चयापचय प्रक्रिया है जिसमें गैर-कार्बोहाइड्रेट अग्रcursers (जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो एसिड) से ग्लूकोज का संश्लेषण होता है, जो उपवास की स्थिति में रक्त शर्करा को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
2. 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids वे हैं जिन्हें मानव शरीर संश्लेषित नहीं कर सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है, और वेल्लीन, ल्यूसीन तथा लाइसिन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
3. जल में घुलनशील 'विटामिन C' (ऐस्कॉर्बिक अम्ल) का मुख्य कार्य कोलेजन संश्लेषण में सहायक होना है, और इसकी अत्यधिक कमी से 'बेरी-बेरी' नामक गंभीर विकार उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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एल्केन सामान्य सूत्र?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हार्मोनल नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाले 'रिलीजिंग हार्मोन' (Releasing hormones) अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) के हॉर्मोनों के स्राव को नियंत्रित करते हैं, जबकि पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) का अपना कोई पाचक या अंतःस्रावी संश्लेषण नहीं होता, बल्कि यह हाइपोथैलेमस द्वारा निर्मित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) का केवल भंडारण और विमोचन करती है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का वल्कुट (Cortex) भाग भ्रूण के एक्टोडर्म से उत्पन्न होता है और यह 'कैटकोलामाइन्स' (एपिलीनफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन) का स्राव करता है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में 'लड़ो या उड़ो' (Fight or Flight) प्रतिक्रिया को प्रेरित करते हैं।
3. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित थायरोक्सिन ($T_4$) और ट्राईआयोडोथायरोनिन ($T_3$) हॉर्मोन शरीर की आधारीय चयापचय दर (BMR), लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा के चयापचय को नियंत्रित करते हैं, तथा इनके संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य होता है।
4. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में स्थित अल्फा कोशिकाएं 'इंसुलिन' का और बीटा कोशिकाएं 'ग्लूकागन' का स्राव करती हैं, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को विपरीत दिशा में संतुलित रखते हुए होमियोस्टैसिस बनाए रखते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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