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General Science
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसकी लंबाई के सीधे समानुपाती और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता (Resistivity) का मान चालक की लंबाई और मोटाई पर निर्भर करता है।
- 2. जब विभिन्न प्रतिरोधकों को समानांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे व्यक्तिगत प्रतिरोध से भी कम होता है, और प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर समान रहता है।
- 3. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) एक ऐसी प्रायोगिक व्यवस्था है जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को ज्ञात करने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है ($P/Q = R/S$)।
- 4. अतिचालकता (Superconductivity) के दौरान कुछ विशेष पदार्थों का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वे अपने भीतर से चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को बाहर धकेल देते हैं, जिसे 'मीस्नर प्रभाव' (Meissner effect) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि किसी चालक की 'प्रतिरोधकता' (Resistivity) या विशिष्ट प्रतिरोध केवल पदार्थ की प्रकृति और ताप पर निर्भर करता है, वह चालक की लंबाई और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता (जबकि प्रतिरोध करता है)। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। समानांतर संयोजन में कुल समतुल्य प्रतिरोध घट जाता है। व्हीटस्टोन सेतु अज्ञात प्रतिरोध मापने के लिए प्रयुक्त होता है। अतिचालकता अवस्था में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रतिरोध शून्य हो जाता है और मीस्नर प्रभाव देखा जाता है।
Related Questions
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों, लेंसों और दर्पणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस की तरह व्यवहार करने के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की भांति कार्य करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $f = R/2$ होता है, और यह संबंध केवल तभी पूर्ण रूप से सत्य है जब आपतित किरणें मुख्य अक्ष के बहुत निकट (paraxial rays) हों।
3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जा रही हो और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए।
4. एक समतल दर्पण की आवर्धन क्षमता (Magnification) का मान हमेशा +1 होता है, जिसका अर्थ यह है कि इसके द्वारा बना प्रतिबिंब हमेशा वस्तु के आकार के बराबर, आभासी और सीधा होता है, भले ही वस्तु दर्पण से कितनी भी दूरी पर क्यों न रखी हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के नियमन और फीडबैक तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण करने के लिए प्रेरित करता है, जो आगे चलकर जननांगों से सेक्स हॉर्मोन के उत्पादन को नियंत्रित करता है।
2. पीयूष ग्रंथि के पश्च भाग (Neurohypophysis) से स्रावित 'ऑक्सीटोसिन' (Oxytocin) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के संकुचन को तेज करता है और दुग्ध स्स्रावण (Milk ejection) के लिए स्तन ग्रंथियों की मायोएपिथेलियल कोशिकाओं को उत्तेजित करता है।
3. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) से निकलने वाला 'कोर्टिसोल' (Cortisol) एक ग्लूकोकॉर्टिकॉइड है, जो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा चयापचय को नियंत्रित करता है तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाकर (Immunosuppression) सूजनरोधी प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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गोबर गैस का मुख्य घटक क्या है?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative Properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative Lowering of Vapour Pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राऊल्ट के नियम द्वारा निर्धारित होता है तथा तनु विलयनों के लिए पूर्णतः सत्य है।
2. 'वांट-हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के वियोजन की स्थिति में एक से अधिक ($i > 1$) होता है, जबकि संगुणन की स्थिति में इसका मान एक से कम ($i < 1$) होता है, जिसका उपयोग अणुसंख्यक गुणधर्मों के असामान्य प्रेक्षणों को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।
3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' (Heterogeneous Catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न-भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, जिसमें उत्प्रेरक की सतह पर अभिकारकों का भौतिक या रासायनिक अधिशोषक (Adsorption) और सक्रिय संकुल का निर्माण मुख्य चरण होता है।
4. 'धनात्मक उत्प्रेरक' रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) के मान को बढ़ा देता है, जिसके कारण अभिक्रिया की दर अत्यंत तीव्र हो जाती है और साम्यावस्था का मान भी परिवर्तित हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले संक्रामक रोगों और उनके रोगजनकों (Pathogens) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) का रोगजनक 'क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी' (Clostridium tetani) एक जीवाणु है, जो एक एक्सोटॉक्सिन 'टेटनोस्पैस्मिन' का उत्पादन करता है, जिससे कंकाल की पेशियों में अनैच्छिक और दर्दनाक संकुचन (Spasms) होने लगते हैं।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित रोग है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और इसके संक्रमण के लिए 'नेग्री बॉडीज' (Negri bodies) की उपस्थिति मस्तिष्क की कोशिकाओं में एक महत्वपूर्ण नैदानिक विशेषता है।
3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से त्वचा और परिधीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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