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General Science
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विद्युत परिपथों, ओम के नियम और किर्चऑफ के नियमों (Kirchhoff's laws) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किर्चऑफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
- 2. किर्चऑफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का पालन करता है, जो यह बताता है कि किसी बंद पाश (Closed loop) में सभी विद्युत वाहक बलों (emf) और प्रतिरोधों पर कुल विभव पतन का बीजगणितीय योग उस पाश में उपस्थित कुल धाराओं के गुणनफल के बराबर होता है।
- 3. जब समान प्रतिरोध वाले कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series combination) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध बढ़ जाता है और प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है।
- 4. आंतरिक प्रतिरोध ($r$) वाले किसी विद्युत सेल का टर्मिनल विभवांतर ($V$) तब उसके विद्युत वाहक बल ($E$) से अधिक होता है जब सेल से कोई धारा ली जा रही हो (निरावेशन की स्थिति में)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि किर्चऑफ का धारा नियम (KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। कथन 2 सही है क्योंकि किर्चऑफ का वोल्टेज नियम (KVL) ऊर्जा संरक्षण पर आधारित है और किसी बंद लूप में कुल विभवांतर का बीजगणितीय योग शून्य होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि श्रेणीक्रम में जुड़े प्रतिरोधकों में धारा का मान समान होता है, भिन्न नहीं। कथन 4 गलत है क्योंकि निरावेशन (Discharging) के दौरान टर्मिनल विभवांतर $V = E - Ir$ होता है, यानी यह विद्युत वाहक बल ($E$) से कम होता है, अधिक नहीं। विकिपीडिया संदर्भ।
Related Questions
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मानव शरीर में 'सक्रिय प्रतिरक्षा' (Active Immunity) और 'निष्क्रिय प्रतिरक्षा' (Passive Immunity) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सक्रिय प्रतिरक्षा तब विकसित होती है जब किसी व्यक्ति का शरीर स्वयं प्रतिजनों (Antigens) जैसे कि रोगाणुओं या टीकों के संपर्क में आने पर प्रतिरक्षी (Antibodies) उत्पन्न करता है, और यह तुरंत प्रभावी हो जाती है।
2. निष्क्रिय प्रतिरक्षा तब प्रदान की जाती है जब किसी अन्य जीव द्वारा तैयार किए गए प्रतिरक्षी (जैसे गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा द्वारा या स्तनपान के समय कोलोस्ट्रम के माध्यम से) सीधे शरीर में पहुंचाए जाते हैं, और यह दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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इलेक्ट्रॉन खोज?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की सतह पर उपस्थित ABO प्रतिजन (Antigens) ग्लाइकोस्फिंगोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के होते हैं, जिनका निर्माण विशिष्ट ग्लाइकोसिलट्रांसफेरेज एंजाइमों द्वारा होता है, जिन्हें 'ABO' जीन द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
2. 'बॉम्बे फिनोटाइप' ($O_h$) से ग्रस्त व्यक्तियों के प्लाज्मा में सामान्य प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी के अतिरिक्त एक विशिष्ट और आक्रामक 'एंटी-H' एंटीबॉडी भी उपस्थित होती है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) के व्यक्ति से रक्त नहीं ले सकते हैं।
3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) मुख्य रूप से तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh⁺) पिता और एक Rh-ऋणात्मक (Rh⁻) माता से दूसरी बार गर्भधारण होता है, क्योंकि प्रथम प्रसव के समय माँ के शरीर में बनी IgG प्रकार की एंटी-Rh एंटीबॉडी प्लेसेंटा को पार करके भ्रूण की RBCs को नष्ट कर देती हैं।
4. रक्त स्कंदन (Blood Coagulation) की बाह्य प्रणाली (Extrinsic pathway) की शुरुआत तब होती है जब रक्त वाहिका की आंतरिक एंडोथेलियल क्षति के कारण संपर्क कारक (Contact factor या Factor XII) सीधे उपकला के नीचे कोलेजन तंतुओं के संपर्क में आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ध्वनि तरंगें?
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प्रकाश की चाल निर्भर?
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