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General Science
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन और तंत्रिका तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली पेप्टिक या मुख्य कोशिकाएँ (Chief cells) निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' स्रावित करती हैं, जिसे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) द्वारा सक्रिय पेप्सिन में बदला जाता है, और यह पेप्सिन प्रोटीन को प्रोटीज और पेप्टोन में जल-अपघटित करता है।
  2. 2. 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) के अनुसार, ऊतकों में उच्च कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता, कम pH और उच्च तापमान की स्थिति हीमोग्लोबिन के लिए ऑक्सीजन की आत्मीयता (Affinity) को बढ़ा देती है, जिससे फेफड़ों में ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है।
  3. 3. 'सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र' (Sympathetic nervous system) के सक्रिय होने पर हृदय की धड़कन बढ़ जाती है, पुतलियाँ फैल जाती हैं और पाचन नली की क्रमाकुंचन (Peristalsis) गति मंद पड़ जाती है, जो संकटकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए शरीर को तैयार करता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि आमाशय की मुख्य (पैप्टिक या ज़ाइमोजीन) कोशिकाएँ पेप्सिनोजेन स्रावित करती हैं, जो $HCl$ की उपस्थिति में सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन पाचन में सहायक होती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) के कारण ऊतकों में उच्च $CO_2$, निम्न pH और उच्च तापमान होने पर हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति आत्मीयता घट जाती है, जिससे ऊतकों को ऑक्सीजन आसानी से प्राप्त होती है। कथन 3 सही है क्योंकि सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र 'फाइट-या-फ्लाई' प्रतिक्रिया को नियंत्रित करता है, जिसके दौरान हृदय गति बढ़ती है और पाचन तंत्र की क्रियाएँ धीमी हो जाती हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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