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General Science
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन और तंत्रिका तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली पेप्टिक या मुख्य कोशिकाएँ (Chief cells) निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' स्रावित करती हैं, जिसे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) द्वारा सक्रिय पेप्सिन में बदला जाता है, और यह पेप्सिन प्रोटीन को प्रोटीज और पेप्टोन में जल-अपघटित करता है।
- 2. 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) के अनुसार, ऊतकों में उच्च कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता, कम pH और उच्च तापमान की स्थिति हीमोग्लोबिन के लिए ऑक्सीजन की आत्मीयता (Affinity) को बढ़ा देती है, जिससे फेफड़ों में ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है।
- 3. 'सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र' (Sympathetic nervous system) के सक्रिय होने पर हृदय की धड़कन बढ़ जाती है, पुतलियाँ फैल जाती हैं और पाचन नली की क्रमाकुंचन (Peristalsis) गति मंद पड़ जाती है, जो संकटकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए शरीर को तैयार करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि आमाशय की मुख्य (पैप्टिक या ज़ाइमोजीन) कोशिकाएँ पेप्सिनोजेन स्रावित करती हैं, जो $HCl$ की उपस्थिति में सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन पाचन में सहायक होती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) के कारण ऊतकों में उच्च $CO_2$, निम्न pH और उच्च तापमान होने पर हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति आत्मीयता घट जाती है, जिससे ऊतकों को ऑक्सीजन आसानी से प्राप्त होती है। कथन 3 सही है क्योंकि सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र 'फाइट-या-फ्लाई' प्रतिक्रिया को नियंत्रित करता है, जिसके दौरान हृदय गति बढ़ती है और पाचन तंत्र की क्रियाएँ धीमी हो जाती हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
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दुधवा?
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आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी परमाणु की 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron gain enthalpy) सदैव ऋणात्मक होती है, जिसका अर्थ है कि जब भी किसी विलगित गैसीय परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन जोड़ा जाता है, तो ऊर्जा हमेशा उत्सर्जित ही होती है।
2. आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर आयनन ऊर्जा (Ionization energy) का मान सामान्यतः बढ़ता है, किंतु समूह 15 (नाइट्रोजन परिवार) के तत्वों की आयनन ऊर्जा अपने से अगले समूह 16 (ऑक्सीजन परिवार) के तत्वों की तुलना में अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण समूह 15 के कक्षकों का अर्ध-पूरित (Half-filled) होना है।
3. 'विद्युतऋणात्मकता' (Electronegativity) एक परमाणु का विलगित गैसीय अवस्था में इलेक्ट्रॉन को आकर्षित करने की क्षमता का माप है, और पॉलिंग पैमाने के अनुसार फ्लोरिन की विद्युतऋणात्मकता सभी तत्वों में सर्वाधिक होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की प्रकृति बदल जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $R = 2f$ एक सर्वकालिक सत्य है, जो सभी आपतित किरणों के लिए समान रूप से लागू होता है, चाहे किरणें मुख्य अक्ष के निकट हों या उससे अत्यधिक दूर हों।
3. जब प्रकाश किरण किसी विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी तरंगदैर्ध्य और वेग दोनों घट जाते हैं, किंतु उसकी आवृत्ति (Frequency) अपरिवर्तित रहती है क्योंकि आवृत्ति प्रकाश स्रोत की एक मूल विशेषता है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जा रही हो तथा आपतन कोण का मान माध्यम युग्म के क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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भौतिक राशियों और मापन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'व्युत्पन्न राशियाँ' (Derived quantities) वे भौतिक राशियाँ हैं जिन्हें मूल राशियों के गणितीय संयोजन से प्राप्त किया जाता है, और यदि किसी व्युत्पन्न राशि का मात्रक जूल ($J$) है, तो उसका विमीय सूत्र $[ML^2T^{-2}]$ होता है, जो कार्य और ऊर्जा दोनों के समतुल्य है।
2. 'पारिस्थितिकीय दाब' या वायुमंडलीय दाब को मापने के लिए उपयोग किया जाने वाला 'बार' (Bar) मात्रक एसआई (SI) मूल मात्रक प्रणाली का हिस्सा है, और 1 बार का मान ठीक $10^5$ पास्कल के बराबर होता है।
3. 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) समय का एक मात्रक है जो एक वर्ष में प्रकाश द्वारा तय की गई दूरी को व्यक्त करता है, और इसका उपयोग खगोलीय पिंडों के बीच की अत्यधिक दूरियों को मापने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भूकंप की तरंगें?
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