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General Science
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आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी परमाणु की 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron gain enthalpy) सदैव ऋणात्मक होती है, जिसका अर्थ है कि जब भी किसी विलगित गैसीय परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन जोड़ा जाता है, तो ऊर्जा हमेशा उत्सर्जित ही होती है।
- 2. आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर आयनन ऊर्जा (Ionization energy) का मान सामान्यतः बढ़ता है, किंतु समूह 15 (नाइट्रोजन परिवार) के तत्वों की आयनन ऊर्जा अपने से अगले समूह 16 (ऑक्सीजन परिवार) के तत्वों की तुलना में अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण समूह 15 के कक्षकों का अर्ध-पूरित (Half-filled) होना है।
- 3. 'विद्युतऋणात्मकता' (Electronegativity) एक परमाणु का विलगित गैसीय अवस्था में इलेक्ट्रॉन को आकर्षित करने की क्षमता का माप है, और पॉलिंग पैमाने के अनुसार फ्लोरिन की विद्युतऋणात्मकता सभी तत्वों में सर्वाधिक होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि सभी तत्वों की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी ऋणात्मक नहीं होती है। उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) और कुछ अन्य तत्वों (जैसे बेरिलियम और नाइट्रोजन) के लिए इलेक्ट्रॉन जोड़ने पर ऊर्जा का अवशोषण होता है, जिससे इनकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी धनात्मक होती है। कथन 2 बिल्कुल सही है; आवर्त सारणी के बाएं से दाएं जाने पर आयनन ऊर्जा बढ़ती है, लेकिन समूह 15 के तत्वों (जैसे नाइट्रोजन) के $p$-कक्षक अर्ध-पूरित होते हैं जो अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करते हैं, जिससे उनमें से इलेक्ट्रॉन निकालना अधिक कठिन होता है और उनकी आयनन ऊर्जा समूह 16 के तत्वों से अधिक हो जाती है। कथन 3 गलत है क्योंकि विद्युतऋणात्मकता 'विसलगित गैसीय अवस्था' (Isolated gaseous state) का गुण नहीं बल्कि बंधित अवस्था (Bonded state) में किसी परमाणु की साझे के इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर आकर्षित करने की प्रवृत्ति है, जबकि विलगित गैसीय अवस्था का गुण इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अम्ल?
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भौतिक राशियों, उनके विमीय सूत्रों और मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$): विमीय सूत्र $[M^{-1} L^3 T^{-2}]$ और SI मात्रक $N \cdot m^2 \cdot kg^{-2}$
2. श्यानता गुणांक ($\eta$): विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ और SI मात्रक $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$
3. प्लांक नियतांक ($h$): विमीय सूत्र $[M^1 L^2 T^{-1}]$ और SI मात्रक $J \cdot s$
4. पृष्ठ तनाव ($S$): विमीय सूत्र $[M^1 L^0 T^{-2}]$ और SI मात्रक $N \cdot m^{-2}$
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाश के अपवर्तन-परावर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है, तो पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस घटना के दौरान परावर्तन के सामान्य नियम ($i = r$) पूरी तरह से लागू होते हैं।
2. एक पतले उत्तल लेंस को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी प्रकृति अपरिवर्तित रहती है किंतु उसकी फोकस दूरी अनंत हो जाती है जिससे वह समतल कांच की भांति व्यवहार करता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए दर्पण सूत्र ($\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$) केवल परपेक्सी (Paraxial) किरणों के लिए ही वैध होता है, अर्थात उन किरणों के लिए जो मुख्य अक्ष के अत्यंत निकट होती हैं और जिनका आपतन कोण बहुत छोटा होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पेंटिंग?
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मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वाइन फ्लू (H1N1) एक संक्रामक वायरल श्वसन रोग है जो मुख्य रूप से ड्रॉपलेट इन्फेक्शन के माध्यम से फैलता है, और इसके उपचार के लिए 'ओसेल्टामिविर' (Oseltamivir) जैसी एंटीवायरल दवा का उपयोग किया जाता है।
2. जापानी एन्सेफलाइटिस (Japanese Encephalitis) एक विषाणुजनित मस्तिष्क ज्वर है जिसका संचरण मुख्य रूप से 'मानसनिया' या 'क्यूलैक्स' प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छरों के काटने से होता है, और यह सूअर तथा पक्षी जैसे कशेरुकी जीवों में प्रचुर मात्रा में पनपता है।
3. ट्रिकोफाइटन (Trichophyton) प्रजाति के कवक मानव में 'दाद' (Ringworm) रोग का कारण बनते हैं, जो त्वचा पर खुजलीदार चकत्ते उत्पन्न करते हैं, और इनके संक्रमण के निवारण के लिए फ्लूकोनाजोल या क्लोट्रिमजोल जैसी एंटीफंगल औषधियां दी जाती हैं।
4. रेबीज (Hydrophobia) एक जीवाणु जनित घातक रोग है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, और इसका संक्रमण संक्रमित कुत्ते या बिल्ली के लारयुक्त काटने के घाտ के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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