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यांत्रिकी (Mechanics) में गति के नियमों, जड़त्व और संरक्षित बलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी अ-जड़त्वीय निर्देश फ्रेम (Non-inertial frame of reference) में न्यूटन के गति के नियमों को लागू करने के लिए 'छद्म बल' (Pseudo force) की कल्पना करनी पड़ती है, जिसकी दिशा हमेशा त्वरण की दिशा के विपरीत होती है और इसका परिमाण वस्तु के द्रव्यमान तथा फ्रेम के त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
- 2. 'रूढ़िवादी बल' (Conservative force) वे बल होते हैं जिनके द्वारा किसी बंद पथ (Closed path) में किया गया कुल कार्य शून्य नहीं होता है, और ऐसे बलों के अंतर्गत किया गया कार्य पथ की प्रकृति पर पूरी तरह से निर्भर करता है।
- 3. 'प्रत्यास्थ टक्कर' (Elastic collision) में कुल संवेग और कुल गतिज ऊर्जा दोनों ही पूरी तरह से संरक्षित रहते हैं, जबकि 'अप्रत्यास्थ टक्कर' (Inelastic collision) में केवल संवेग संरक्षित रहता है, गतिज ऊर्जा नहीं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अ-जड़त्वीय निर्देश फ्रेम में न्यूटन के नियमों को वैध बनाने के लिए छद्म बल (जैसे अपकेंद्रीय बल) का उपयोग किया जाता है, जिसका परिमाण $F = -ma$ होता है (अर्थात फ्रेम के त्वरण के विपरीत दिशा में)। कथन 2 गलत है क्योंकि रूढ़िवादी बल (जैसे गुरुत्वाकर्षण बल या स्थिरवैद्युत बल) के अंतर्गत किसी बंद पथ में किया गया कुल कार्य हमेशा शून्य होता है और यह बल केवल प्रारंभिक तथा अंतिम स्थितियों पर निर्भर करते हैं, न कि तय किए गए पथ पर। कथन 3 पूरी तरह सही है क्योंकि प्रत्यास्थ टक्कर में संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहते हैं, जबकि अप्रत्यास्थ टक्कर में गतिज ऊर्जा का ह्रास ऊष्मा, ध्वनि या विरूपण के रूप में होता है। विकिपीडिया संदर्भ
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियमन के संदर्भ में…
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धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया में अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा की उपस्थिति में उसके गलनांक से नीचे के तापमान पर गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उपयोग मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्कों को उनके संगत ऑक्साइडों में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।
2. सोडियम धातु को अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण केरोसिन तेल के नीचे संग्रहित किया जाता है, जबकि सफेद फास्फोरस को खुली हवा में रखने पर वह स्वतः प्रज्वलित हो जाता है, इसलिए उसे सुरक्षित रखने के लिए जल के भीतर डुबोकर रखा जाता है।
3. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite process) में एल्युमिनियम पाउडर का उपयोग अपचायक के रूप में किया जाता है, जो आयरन (III) ऑक्साइड जैसे धातु ऑक्साइडों को अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के माध्यम से अपचयित करके पिघली हुई अवस्था में मुक्त करता है, जिसका उपयोग रेल की पटरियों को जोड़ने में होता है।
4. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Heroult process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूरोस्पार ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक का हिमांक कम करने और मिश्रण की विद्युत चालकता बढ़ाने का कार्य करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों (Pathogens) और उनके संचरण या निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटैनोस्पैस्मिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में लगातार दर्दनाक ऐंठन या संकुचन पैदा करते हैं।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित तंत्रिका-आक्रामक (Neurotropic) रोग है जो लाइساवायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और इसके संक्रमण के पश्चात केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तीव्र एन्सेफलाइटिस विकसित होता है, जिसके विशिष्ट लक्षणों में जल से अत्यधिक डर लगना यानी 'हाइड्रोफोबिया' शामिल है।
3. 'एड्स' (AIDS) उत्पन्न करने वाला ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवायरस है जो मुख्य रूप से CD4+ T-लिम्फोसाइट्स को नष्ट करता है, और इस रोग की पुष्टि के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) परीक्षण को प्राथमिक स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में उपयोग किया जाता है, जबकि 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण केवल पुष्टिकरण (Confirmatory) के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी पिंड पर किया गया कुल कार्य उस पिंड की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह नियम केवल रूढ़िवादी (Conservative) बलों के लिए ही मान्य है, अ-रूढ़िवादी बलों (Non-conservative forces) के लिए नहीं।
2. 'अपकेन्द्री बल' (Centrifugal force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय निर्देश फ्रेम (Inertial frame of reference) में वृत्ताकार गति कर रहे पिंड पर केंद्र से बाहर की ओर कार्य करता है।
3. जब कोई उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगाता है, तो गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा उपग्रह पर किया गया कुल कार्य एक पूरे चक्कर (Complete orbit) में शून्य होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative properties) और उत्प्रेरण के विशिष्ट सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में अपेक्षित अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलेय कणों की प्रकृति पर निर्भर करता है, न कि उनकी संख्या पर।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों (जैसे $NaCl$ या $CaCl_2$) के लिए उनके वियोजन (Dissociation) की मात्रा के कारण हमेशा एक से अधिक होता है, जबकि संघन या डाइमेराइजेशन (Dimerization) प्रदर्शित करने वाले विलेय के लिए इसका मान एक से कम होता है।
3. 'एन्जाइम उत्प्रेरण' के संदर्भ में, 'माइकलिस-मेंटेन का समीकरण' (Michaelis-Menten equation) एंजाइम-उत्प्रेरित अभिक्रिया के वेग और सब्सट्रेट की सांद्रता के बीच के संबंध को व्यक्त करता है, जिसमें अधिकतम वेग ($V_{max}$) तब प्राप्त होता है जब सभी एंजाइम अणु सब्सट्रेट के साथ संतृप्त हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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