त्वरित लिंक्स
General Science
10 views
आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, आनुवंशिक बहाव, प्राकृतिक चयन और जीन प्रवास जैसे विकासवादी बल कार्य न कर रहे हों।
- 2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic Drift) एक दिशाहीन और यादृच्छिक प्रक्रिया है, जो विशेष रूप से बड़ी जनसंख्या की तुलना में छोटी आबादियों में अधिक प्रभावशाली होती है और इसके परिणामस्वरूप दुर्लभ एलील पूरी तरह से विलुप्त हो सकते हैं।
- 3. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत को वीिज़मैन (Weismann) के 'जर्मप्लास्ट सिद्धांत' (Germplasm theory) द्वारा पूरी तरह से सही सिद्ध कर दिया गया था, जिसमें यह दर्शाया गया कि कायिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था के अनुसार आदर्श परिस्थितियों में किसी जनसंख्या में एलील और जीनोटाइप आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि आनुवंशिक अपवाह एक यादृच्छिक प्रक्रिया है जो छोटी जनसंख्या को अत्यधिक प्रभावित करती है। कथन 3 गलत है क्योंकि अगस्त वीिज़मैन (August Weismann) ने 'जर्मप्लास्ट सिद्धांत' के माध्यम से लामार्कवाद के इस विचार का खंडन किया था कि कायिक कोशिकाओं में अर्जित गुण वंशागत होते हैं, यह केवल जनन कोशिकाओं (Germ cells) के माध्यम से संभव है। विकिपीडिया संदर्भ।
Related Questions
→
अतिचालकता की खोज किसने की थी?
→
भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है और यह एक पार्सल सेक्युरेंट कोण पर आधारित है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है, और SI प्रणाली में इसका मात्रक पास्कल-सेकंड (Pa·s) या प्वाइज़ेन होता है।
3. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($N/m$) है और इसकी विमा $[ML^0T^{-2}]$ होती है।
4. एक 'एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट' (AU) सूर्य और पृथ्वी के बीच की माध्य दूरी है, जिसका मान लगभग $1.496 imes 10^{11}$ मीटर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के सिद्धांतों, विशेष रूप से 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg equilibrium) और उत्परिवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी (Randomly mating population) में एलील (Allele) और जीनोटाइप की आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते आबादी पर उत्परिवर्तन, चयन, आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift), जीन प्रवाह और गैर-यादृच्छिक संगमन जैसे विकासवादी बल कार्य न कर रहे हों।
2. 'आनुवंशिक अपवाह' (Genetic drift) मुख्य रूप से बड़ी आबादियों में अधिक प्रभावशाली होता है, क्योंकि इसमें संयोग वश एलील आवृत्तियों में तेजी से बड़े बदलाव आते हैं, जिसके कारण 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) जैसी परिघटनाएँ उत्पन्न होती हैं।
3. ह्यूगो डी व्रीज़ (Hugo de Vries) द्वारा प्रतिपादित 'उत्परिवर्तन सिद्धांत' (Mutation theory of evolution) के अनुसार, जैव विकास क्रमिक और दिशात्मक परिवर्तन का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एकल-चरण में होने वाले बड़े, अचानक और वंशागत उत्परिवर्तन (जिन्हें 'साल्टेशन' कहा जाता है) के कारण होता है।
4. प्राकृतिक चयन (Natural selection) के 'दिशात्मक चयन' (Directional selection) प्रारूप में, चरम फिनोटाइप वाले जीवों को प्राथमिकता मिलती है और औसत फिनोटाइप वाले जीवों का चयन कम होता है, जिससे आबादी का औसत मान एक विशेष दिशा में विस्थापित हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
आवर्त सारणी के तत्वों के विभिन्न आवर्ती गुणों और उनके रासायनिक व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी परमाणु की 'प्रथम आयनन एन्थैल्पी' का मान सामान्यतः आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर बढ़ता है, किंतु नाइट्रोजन (N) की प्रथम आयनन एन्थैल्पी अपने ठीक बाद आने वाले ऑक्सीजन (O) से अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के $2p$ कक्षकों का पूर्णतः पूरित (Completely filled) होना है।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान फ्लोरीन की तुलना में क्लोरीन के लिए अधिक ऋणात्मक (अधिक ऊष्माक्षेपी) होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन पर तीव्र अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षण (Interelectronic repulsion) लगता है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'लैंथेनाइड आकुंचन' (Lanthanoid Contraction) के कारण, छठी अवधि के संक्रमण तत्व (जैसे Hafnium) की परमाणु त्रिज्या और रासायनिक गुण लगभग पाँचवीं अवधि के ठीक ऊपर स्थित तत्वों (जैसे Zirconium) के समान हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा उनके संक्षारण (Corrosion) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम धातु अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण हवा में खुली रखने पर आग पकड़ लेती है, इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए केरोसिन (मिट्टी के तेल) में डुबोकर रखा जाता है, जबकि सफेद फॉस्फोरस अपनी उच्च प्रतिक्रियाशीलता के कारण पानी के अंदर संग्रहीत किया जाता है।
2. लोहे पर जंग लगने की प्रक्रिया एक वैद्युत-रासायनिक (Electrochemical) परिघटना है, जिसमें नम वायु की उपस्थिति में आयरन का ऑक्सीकरण होता है और एनोड पर आयरन फेरस आयनों में परिवर्तित होता है, जबकि कैथोड पर ऑक्सीजन का अपचयन होता है।
3. 'पारद मिश्रधातु' (Amalgam) किसी भी धातु की पारे (Mercury) के साथ बनी मिश्रधातु होती है, और लोहे की अत्यधिक संक्षारण-रोधी प्रकृति के कारण लोहे का उपयोग सोडियम या पोटैशियम जैसी धातुओं के निष्कर्षण के दौरान अमलगम बनाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.