त्वरित लिंक्स
General Science
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यांत्रिकी (Mechanics) में गति के नियमों, जड़त्व और संरक्षित राशियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी वस्तु का जड़त्व (Inertia) उसके द्रव्यमान का प्रत्यक्ष माप है; अर्थात जिस वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होता है, उसके विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है।
- 2. न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, जिसके कारण वे एक-दूसरे को निरस्त (Cancel) कर देते हैं और परिणामस्वरूप निकाय का कुल त्वरण शून्य हो जाता है।
- 3. जब कोई व्यक्ति किसी गतिशील लिफ्ट में ऊपर की ओर त्वरित गति से यात्रा करता है, तो लिफ्ट के फर्श द्वारा उस व्यक्ति पर आरोपित अभिलंब प्रतिक्रिया बल (Normal reaction force) उसके वास्तविक भार से अधिक प्रतीत होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: किसी वस्तु का जड़त्व पूरी तरह से उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है। अधिक द्रव्यमान का अर्थ है अधिक जड़त्व।
कथन 2 गलत है: न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं। चूँकि वे अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते हैं। निकाय का त्वरण शुद्ध बल (Net force) पर निर्भर करता है।
कथन 3 सही है: जब लिफ्ट ऊपर की ओर त्वरित होती है, तो आभासी भार बढ़ जाता है क्योंकि अभिलंब प्रतिक्रिया बल $R = m(g + a)$ हो जाता है, जो वास्तविक भार ($mg$) से अधिक है। भौतिकी में गति और बलों के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय (Stomach) की भित्ति में पाई जाने वाली पेप्टिक या मुख्य कोशिकाएँ (Chief cells) प्रोएंजाइम पेप्सिनोजेन का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीनों को प्रोटीोज और पेप्टोन में तोड़ता है।
2. मानव हृदय का पेसमेकर यानी सिनोएट्रियल नोड (SAN) दाएँ आलिंद के ऊपरी कोने पर स्थित होता है और यह स्वतः उत्तेजना उत्पन्न करने की क्षमता रखता है, जिससे हृदय की पेशियों में संकुचन की लहर शुरू होती है।
3. श्वसन तंत्र के नियंत्रण के संबंध में, मेडुला ऑब्लॉंगेटा में स्थित श्वसन लय केंद्र (Respiratory rhythm center) मुख्य रूप से तंत्रिका संकेतों द्वारा फुफ्फुसीय वेंटिलेशन को नियंत्रित करता है, और इसमें कार्बन डाइऑक्साइड या हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता में वृद्धि होने पर यह केंद्र अत्यधिक सक्रिय हो जाता है।
4. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) के अंतर्गत, अनुकंपी (Sympathetic) तंत्रिका तंत्र हृदय की धड़कन की दर और रक्तचाप को कम करता है, जबकि परानुकंपी (Parasympathetic) तंत्रिका तंत्र हृदय गति, श्वसन दर तथा जठरांत्र संबंधी गतिविधियों को बढ़ाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरंग का वेग?
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चाय?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उदासीन गैसीय परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, क्योंकि इलेक्ट्रॉन को जोड़ने पर हमेशा ऊर्जा का निष्कासन होता है।
2. आवर्त सारणी में वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ने के कारण आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) के मान में सामान्यतः कमी आती है, किंतु संक्रमण तत्वों की तीसरी श्रेणी (5d) के तत्वों की आयनन एन्थैल्पी अपने ठीक ऊपर की दूसरी श्रेणी (4d) के तत्वों की तुलना में अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण लैंथेनाइड संकुचन के कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश में अत्यधिक वृद्धि है।
3. फ्लोरिन की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) पॉलिंग पैमाने पर संपूर्ण आवर्त सारणी में सर्वाधिक (4.0) होती है, लेकिन इसकी प्रथम इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है क्योंकि फ्लोरिन का आकार बहुत छोटा होता है।
4. किसी तत्व की धात्विक प्रकृति आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर घटती है क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने से इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति कम हो जाती है, जबकि वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर धात्विक प्रकृति बढ़ती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा का मात्रक?
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