त्वरित लिंक्स
General Science
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तरंग का वेग?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
माध्यम की प्रकृति पर।
Related Questions
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कृत्रिम उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा (Elliptical Orbit) में परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बंधन में बंधा हुआ है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की परिक्रमण अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह हमेशा विषुवत वृत्त (Equator) के ठीक ऊपर पश्चिम से पूर्व दिशा में पृथ्वी की घूर्णन गति के संरेख परिक्रमा करता है।
3. जब कोई उपग्रह अपनी कक्षा की ऊंचाई को बढ़ाने के लिए उसके वेग में परिवर्तन करता है, तो कक्षा की त्रिज्या बढ़ने के साथ-साथ उपग्रह की कक्षीय चाल (Orbital Speed) और कुल यांत्रिक ऊर्जा दोनों में वृद्धि होती है।
4. उपग्रह के अंदर स्थित अंतरिक्ष यात्री भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव करता है क्योंकि उपग्रह और उसके भीतर की सभी वस्तुएँ पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण से मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गामा किरणें?
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प्रकाश का वेग सबसे पहले किसने मापा?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम द्वारा निर्धारित होता है।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान यदि किसी वैद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में संगुणन (Association) होता है, तो 1 से कम होता है, जबकि पूर्ण वियोजन की स्थिति में यह उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है।
3. समांगी और विषमांगी उत्प्रेरण में, उत्प्रेरक रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को बढ़ा देता है, जिससे अभिकारकों के अणुओं को ऊर्जा अवरोध पार करने में आसानी होती है और अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुंबकीय क्षेत्रों के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में उत्पन्न प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) का परिमाण उस परिपथ से बद्ध चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के सीधे समानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) में प्रवाहित धारा के मान को परिवर्तित किया जाता है, तो उसके भीतर उत्पन्न होने वाला स्व-प्रेरित विद्युत वाहक बल मुख्य धारा के परिवर्तन का विरोध करता है, और इस गुण को 'स्वप्रेरकत्व' (Self-inductance) कहा जाता है जिसका SI मात्रक 'हेनरी' है।
4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी गतिमान या स्थिर चालक के भीतर परिवर्तित चुंबकीय फ्लक्स के कारण उत्पन्न होने वाली गोलाकार प्रेरित विद्युत धाराएँ हैं, और इनका उपयोग केवल ऊर्जा हानि को रोकने के लिए किया जाता है, व्यावहारिक उपकरणों में इनका कोई सकारात्मक उपयोग नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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