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General Science
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोनों की जटिल क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करके ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) के स्राव को प्रेरित करता है, जो आगे चलकर जननांगों के कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
- 2. पैराथायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथायराइड हॉर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है, जो रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाने के लिए हड्डियों के अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करता है तथा वृक्कों (Kidneys) द्वारा कैल्शियम के पुनअवशोषण को भी बढ़ाता है।
- 3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) का मज्जा (Medulla) भाग 'एल्डोस्टेरोन' नामक मिनरलोकोर्टिकोइड हॉर्मोन का मुख्य रूप से स्राव करता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनरावशोषण को नियंत्रित करके रक्त दाब को बनाए रखता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हाइपोथैलेमस से स्रावित GnRH अग्र पीयूष ग्रंथि को LH और FSH के उत्पादन तथा स्राव के लिए उत्तेजित करता है। कथन 2 सही है क्योंकि पैराथायराइड हॉर्मोन (PTH) हड्डियों से कैल्शियम को मुक्त करवाकर और वृक्कों में इसके पुनअवशोषण को बढ़ाकर रक्त में कैल्शियम की मात्रा (हाइपरकैल्सेमिक प्रभाव) को बढ़ाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि एल्डोस्टेरोन का स्राव अधिवृक्क ग्रंथि के वल्कुट (Adrenal cortex) के ज़ोना ग्लोमेरुलोसा भाग द्वारा होता है, न कि अधिवृक्क मज्जा (Adrenal medulla) द्वारा, जो कैटेकोलामाइन (एपिनीफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन) का स्राव करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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ध्वनि का तारत्व (Pitch) किस पर निर्भर करता है?
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) और ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि तरंगों की चाल लाप्लास के संशोधन के अनुसार गैस के दाब के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती और उसके घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, जिसका तात्पर्य यह है कि दाब परिवर्तन का ध्वनि की चाल पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता क्योंकि दाब और घनत्व का अनुपात अचर रहता है।
2. अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं, जिससे माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) का निर्माण होता है, और ये तरंगें केवल ठोसों में संचरित हो सकती हैं।
3. माध्यम का तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ जाती है, क्योंकि तापमान में वृद्धि के साथ गैसों के अणुओं का वर्ग माध्य मूल वेग (RMS velocity) बढ़ जाता है, जिससे ध्वनि तरंगों का संचरण तीव्र हो जाता है।
4. पराध्वनिक (Supersonic) चाल से गतिमान किसी वस्तु द्वारा उत्पन्न 'प्रघाती तरंगें' (Shock Waves) अत्यधिक ऊर्जावान होती हैं और ये हवा में ध्वनि की चाल से अधिक चाल से चलती हैं, जिससे एक तीव्र और तेज ध्वनि का 'ध्वनि बूम' (Sonic boom) उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मलेरिया का वाहक?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हार्मोन की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्नाशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में पाई जाने वाली अल्फा (α) कोशिकाएं 'ग्लूकागोन' हार्मोन का स्रावण करती हैं, जो एक हाइपरग्लिसेमिक हार्मोन है और यकृत में ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) तथा ग्लूकोनियोजेनेसिस को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है।
2. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'कैल्सीटोनिन' (Calcitonin) हार्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करने का कार्य करता है, क्योंकि यह अस्थियों से कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है और अस्थि-निर्माण (Bone formation) को बढ़ावा देता है।
3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का मज्जा (Medulla) भाग कैटेकोलामाइन (एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन) हार्मोन का स्रावण करता है, जिन्हें 'आपातकालीन हार्मोन' या 'लड़ो या भागो' (Fight or Flight) हार्मोन कहा जाता है, जो हृदय की धड़कन, श्वसन दर और पुतली के फैलाव को बढ़ाते हैं।
4. अग्र पिट्यूटरी (Adenohypophysis) ग्रंथि द्वारा स्रावित 'प्रोलैक्टिन' हार्मोन दुग्ध के निष्कासन (Milk ejection) के लिए सीधे उत्तरदायी होता है, जबकि दुग्ध के संश्लेषण (Milk synthesis) का कार्य ऑक्सीटोसिन हार्मोन द्वारा किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की कक्षीय गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical energy) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है, और उपग्रह की चाल उसके पथ के पेरिजी (Perigee) पर अधिकतम तथा अपोजी (Apogee) पर न्यूनतम होती है।
2. भू-तुल्यकालिक उपग्रह (Geosynchronous satellite) का आवर्त काल पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन काल (एक sidereal day) के ठीक बराबर होता है, और यह अनिवार्य रूप से पृथ्वी के विषुवत वृत्त (Equator) के ठीक तल में स्थित होना चाहिए।
3. जब कोई उपग्रह अपनी कक्षा में बिना किसी ईंधन के निरंतर गति करता है, तो पृथ्वी के केंद्र के सापेक्ष उपग्रह का कोणीय संवेग (Angular momentum) संरक्षित रहता है क्योंकि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा लगाया गया बल आघूर्ण (Torque) शून्य होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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