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General Science
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श्वेत रक्त कण?

Detailed Explanation

प्रतिरक्षा।
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चुम्बकत्व और विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) का परिमाण कुंडली से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के अनुक्रमानुपाती होता है। 2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक विशेष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा सदैव उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है। 3. स्वप्रेरण (Self-induction) गुणांक या स्वप्रेरकतत्व (Inductance) का एसआई मात्रक 'हेनरी' (Henry) है, और यह इस बात पर निर्भर करता है कि कुंडली में प्रवाहित धारा का मान कितना उच्च है। 4. जब किसी चालक को किसी एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में इस प्रकार गति कराया जाता है कि उसकी गति की दिशा, चुंबकीय क्षेत्र और चालक की लंबाई तीनों एक-दूसरे के लंबवत हों, तो चालक के सिरों के बीच प्रेरित विभवांतर $e = Blv$ होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के रासायनिक गुणों में आवर्तिता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी उदासीन गैसीय परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा 'आयनन एन्थैल्पी' कहलाती है, और एक ही आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटने तथा नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण आयनन एन्थैल्पी का मान सामान्यतः बढ़ता है, फिर भी ऑक्सीजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी नाइट्रोजन से कम होती है क्योंकि नाइट्रोजन के $2p$ कक्षकों में अर्ध-पूरित (half-filled) व्यवस्था का अतिरिक्त स्थायित्व होता है। 2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान फ्लोरिन (-328 kJ/mol) की तुलना में क्लोरीन (-349 kJ/mol) के लिए अधिक ऋणात्मक होता है, जिसका मुख्य कारण फ्लोरिन का अत्यंत छोटा आकार होना है, जिससे आने वाले इलेक्ट्रॉन पर तीव्र अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षण (interelectronic repulsion) उत्पन्न होता है। 3. आवर्त सारणी में नीचे की ओर जाने पर धात्विक गुण (Metallic character) घटता है क्योंकि आयनन ऊर्जा में वृद्धि होती है और परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन त्याग नहीं पाते हैं, जबकि अधात्विक गुण (Non-metallic character) में क्रमिक वृद्धि होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) के लिए प्रकाश को किस माध्यम से किस माध्यम में जाना चाहिए? लेंस? विलयन और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम का एक अणुसंख्यक गुणधर्म है। 2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए हमेशा एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है। 3. उत्प्रेरक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को परिवर्तित करके अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते हैं, किंतु वे साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant) के मान को बदल देते हैं। 4. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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