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General Science
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम और रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) एक क्रोनिक संक्रामक नेत्र रोग है जो 'क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस' (Chlamydia trachomatis) नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से कॉर्निया तथा कंजंक्टिवा को प्रभावित करके अंधेपन का कारण बन सकता है।
  2. 2. 'एन्सेफलाइटिस' (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित तीव्र मस्तिष्क संक्रमण है, जिसका मुख्य प्राकृतिक संवाहक 'क्यूलेक्स' (Culex) प्रजाति का मच्छर है और यह सुअर तथा पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है।
  3. 3. 'फ्लू' (Influenza) और 'कॉमन कोल्ड' दोनों विषाणु जनित श्वसन संक्रमण हैं, किंतु फ्लू 'रिनोवाइरस' (Rhinovirus) के कारण होता है जबकि सामान्य जुकाम 'इन्फ्लूएंजा वायरस' (Orthomyxovirus) के कारण फैलता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: ट्रैकोमा (Trachoma) क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस जीवाणु द्वारा होने वाला एक गंभीर नेत्र रोग है। कथन 2 सही है: जापानी एन्सेफलाइटिस एक वायरल संक्रमण है जो क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलता है और इसके मुख्य संवर्धक परपोषी (Amplifying host) सुअर होते हैं। कथन 3 गलत है: 'कॉमन कोल्ड' (सामान्य जुकाम) मुख्य रूप से रिनोवाइरस (Rhinovirus) के कारण होता है, जबकि 'फ्लू' (इन्फ्लूएंजा) ऑर्थोमिक्सोवायरस (Orthomyxovirus) के कारण होता है; यहाँ दोनों के रोगकारक आपस में उल्टे लिखे गए हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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विलयन और उत्प्रेरण (Solutions and Catalysis) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी तरल विलायक में गैस की विलेयता हेनरी के नियम (Henry's Law) द्वारा नियंत्रित होती है, जिसके अनुसार स्थिर तापमान पर किसी गैस का आंशिक दाब विलयन में गैस के मोल अंश (Mole fraction) के सीधे आनुपातिक होता है, और यह नियम उन गैसों पर भी पूरी तरह लागू होता है जो विलायक के साथ रासायनिक रूप से संगुणित या वियोजित होती हैं। 2. 'सजातीय उत्प्रेरण' (Homogeneous Catalysis) वह प्रक्रिया है जिसमें अभिकारक और उत्प्रेरक दोनों एक ही भौतिक अवस्था (जैसे सभी गैसीय या सभी द्रव अवस्था) में होते हैं, उदाहरण के लिए सीसा कक्ष विधि द्वारा सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण में नाइट्रिक ऑक्साइड का गैस के रूप में उत्प्रेरक का कार्य करना। 3. उत्प्रेरक वर्धक (Catalytic Promoters वे पदार्थ होते हैं जो स्वयं रासायनिक अभिक्रिया में उत्प्रेरक के रूप में कार्य नहीं करते हैं, बल्कि उत्प्रेरक की सक्रियता (Catalytic activity) को बढ़ा देते हैं, जैसे Haber प्रक्रम द्वारा अमोनिया निर्माण में मोलिब्डेनम (Mo) का लोहे (Fe) के उत्प्रेरक के साथ कार्य करना। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मानव शरीर के तंत्रों और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय में ऑक्सीनटिक (Parietal) कोशिकाओं द्वारा हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ-साथ 'कैसल का इंट्रिंसिक फैक्टर' (Castle's Intrinsic Factor) का स्रावण किया जाता है, जो छोटी आंत के इलियम (Ileum) भाग में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य होता है। 2. मानव श्वसन तंत्र में, प्रसवान (Inspiration) के दौरान डायाफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों (External Intercostal Muscles) के संकुचन से वक्षीय गुहा का आयतन बढ़ जाता है और वक्षीय दबाव वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो जाता है, जिससे हवा फेफड़ों के भीतर प्रवेश करती है। 3. परिसंचरण तंत्र के अंतर्गत, 'हेस्स का बंडल' (Bundle of His) और 'पुर्किंजे तंतु' (Purkinje Fibres) हृदय के चालन तंत्र का हिस्सा हैं, जो विद्युत आवेगों को एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड से सीधे वेंट्रिकुलर मायोकार्डियम तक तेजी से प्रसारित करते हैं। 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में, प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण मुख्य रूप से प्रमस्तिष्क (Cerebrum) द्वारा किया जाता है, जो संवेदी न्यूरॉन्स से प्राप्त संकेतों का तुरंत विश्लेषण करके प्रेरक प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मृदा में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं। 2. प्रकाश संश्लेषण के दौरान चक्रीय फोटोफास्फोरिलेशन (Cyclic photophosphorylation) केवल फोटोसिस्टम-I (PS-I) से संबंधित है, जिसमें जल के प्रकाश अपघटन (Photolysis) की आवश्यकता नहीं होती है और इसमें NADPH का निर्माण न होकर केवल ATP का संश्लेषण होता है। 3. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) एक तनाव हॉर्मोन (Stress hormone) है जो पौधों में जल की कमी के समय रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि 'जिबरेलिन' तने की लंबाई बढ़ाने और आनुवंशिक बौनेपन को दूर करने में सहायता करता है। 4. पादप हॉर्मोन 'साइटोकाइनिन' मुख्य रूप से कोशिकाओं के दीर्घीकरण (Cell elongation) और apical dominance (शिखाग्र प्रमुखता) को बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होता है, तथा ऑक्सिन के साथ इसके अनुपात पर पादप अंगों का विभेदन निर्भर करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? प्रकाश संश्लेषण का रंग? जीन विनिमय (Crossing Over) और आनुवंशिक विविधता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीन विनिमय की प्रक्रिया अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachytene) उप-अवस्था के दौरान समजात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच खंडों के आदान-प्रदान के फलस्वरूप होती है। 2. इस जैव-रासायनिक प्रक्रिया को उत्प्रेरित करने के लिए 'रेकॉम्बिनेज' (Recombinase) नामक विशिष्ट एंजाइम की सक्रियता अनिवार्य होती है, जो डीएनए स्ट्रैंड्स को काटने और पुनः जोड़ने का कार्य करता है। 3. जीन विनिमय के स्थल पर समजात गुणसूत्रों के बीच बनने वाली X-आकार की संरचनाओं को 'कियास्माटा' (Chiasmata) कहा जाता है, जिनका निर्माण पैकीटीन अवस्था में ही हो जाता है किंतु उनका स्पष्ट अंतर्संक्रमण और पृथक्करण डायकाइनेसिस (Diakinesis) अवस्था में समाप्त होता है। 4. क्रॉसिंग ओवर की आवृत्ति (Frequency) दो जीनों के बीच की भौतिक दूरी के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely proportional) होती है, अर्थात् जितने पास जीन होंगे, क्रॉसिंग ओवर की संभावना उतनी ही अधिक होगी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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