BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
11 views

मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और प्लाज्मा प्रोटीन की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. रक्त प्लाज्मा में उपस्थित 'फाइब्रिनोजेन' (Fibrinogen) और 'प्रोथ्रोम्बिन' (Prothrombin) यकृत द्वारा संश्लेषित होने वाले प्रमुख प्लाज्मा प्रोटीन हैं, जो रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया में निष्क्रिय अवस्था में भाग लेते हैं।
  2. 2. 'एल्ब्यूमिन' (Albumin) रक्त प्लाज्मा का सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो मुख्य रूप से रक्त के परासरण दाब (Colloid osmotic pressure) को बनाए रखने का कार्य करता है ताकि ऊतकों में द्रव का अत्यधिक रिसाव न हो।
  3. 3. 'सीरम' (Serum) और प्लाज्मा दोनों संरचनात्मक रूप से पूर्णतः समान होते हैं, अंतर केवल इतना होता है कि सीरम में थक्का जमाने वाले सभी प्रोटीन (जैसे फाइब्रिनोजेन) पूरी तरह से उपस्थित होते हैं जबकि प्लाज्मा से इन्हें निकाला जाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि फाइब्रिनोजेन और प्रोथ्रोम्बिन यकृत (Liver) द्वारा संश्लेषित होते हैं और रक्त स्कंदन (Blood coagulation) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि एल्ब्यूमिन प्लाज्मा प्रोटीन का लगभग 55-60% हिस्सा बनाता है और यह ऑन्कोटिक दबाव (Oncotic pressure) को नियंत्रित करके रक्त वाहिकाओं में तरल पदार्थ को बनाए रखने में मदद करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि सीरम वह प्लाज्मा है जिससे रक्त का थक्का जमाने वाले कारक (जैसे फाइब्रिनोजेन) हटा दिए जाते हैं। रक्त परिसंचरण और रक्त घटकों के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

तरंग की तीव्रता? अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) की गति एवं विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी ठोस माध्यम में अनुप्रस्थ तरंगें और अनुदैर्ध्य तरंगें दोनों संचालित हो सकती हैं, क्योंकि ठोस माध्यमों में प्रत्यास्थता के साथ-साथ कठोरता (Shear modulus) का गुण भी विद्यमान होता है। 2. जब कोई ध्वनि तरंग (जो कि एक अनुदैर्ध्य तरंग है) वायु से जल में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है, किंतु तरंगदैर्ध्य और वेग दोनों के मान में आनुपातिक रूप से वृद्धि हो जाती है। 3. लाप्लास द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, क्योंकि संपीडन और विरलन की प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि उत्पन्न होने वाली ऊष्मा परिवेश में स्थानांतरित नहीं हो पाती है। 4. डॉप्लर प्रभाव के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता दोनों एक ही दिशा में समान चाल से गति करते हैं, तो श्रोता द्वारा सुनी जाने वाली आभासी आवृत्ति में कोई परिवर्तन नहीं होता है और वह वास्तविक आवृत्ति के बराबर ही रहती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के तरीकों और रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'टिटनेस' (Tetanus) क्लोस्ट्रीडियम टिटानी (Clostridium tetani) जीवाणु के कारण होता है, जिसके बीजाणु (Spores) मुख्य रूप से मिट्टी या जंग लगी वस्तुओं में पाए जाते हैं, और यह रोग तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके पेशियों में तीव्र ऐंठन (Spasms) उत्पन्न करता है। 2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित जनन-अंग संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों, कुत्तों या अन्य स्तनधारियों के काटने से लार के माध्यम से तंत्रिका तंत्र में फैलता है और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाता है। 3. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जो 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी) के काटने से फैलता है और इसके परजीवी मुख्य रूप से यकृत, प्लीहा (Spleen) तथा अस्थि मज्जा (Bone marrow) की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? कार्बनिक रसायन के अंतर्गत हाइड्रोकार्बन और पेट्रोलियम ईंधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्केन्स (Paraffins) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जो सामान्यतः कम अभिक्रियाशील होते हैं, लेकिन सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ये हैलोजनों के साथ मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free-radical substitution) अभिक्रिया प्रदर्शित करते हैं। 2. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) के दौरान, विभिन्न अंशों का पृथक्करण उनके क्वथनांक (Boiling points) के अंतर पर आधारित होता है, जिसमें कम क्वथनांक वाले हल्के अंश स्तंभ के ऊपरी भाग में संघननित होते हैं, जबकि उच्च क्वथनांक वाले भारी अंश नीचे प्राप्त होते हैं। 3. ऑक्टेन संख्या (Octane Number) का मान पेट्रोल (गैसोलीन) ईंधन की 'अपस्फोटन रोधी' (Anti-knocking) गुणवत्ता को दर्शाता है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाला ईंधन कम अपस्फोटन उत्पन्न करता है और 'नॉर्मल हेप्टेन' को शून्य तथा 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 ऑक्टेन संख्या का संदर्भ मानक माना जाता है। 4. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन और ऐल्काइन) 'मार्कोवनिकोव नियम' (Markovnikov's rule) के अनुसार सममित अभिकर्मकों के साथ संकलन (Addition) अभिक्रिया दर्शाते हैं, जिसमें अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु पर जुड़تا है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिकतम होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विलयन और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम का एक अणुसंख्यक गुणधर्म है। 2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए हमेशा एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है। 3. उत्प्रेरक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को परिवर्तित करके अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते हैं, किंतु वे साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant) के मान को बदल देते हैं। 4. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.