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General Science
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तरंग की तीव्रता?

Detailed Explanation

I प्रोपोर्शनल टू A^2।
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगामी (randomly mating) जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ (allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन (genetic drift) जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों। 2. 'अनुलेखन' (Transcription) के दौरान, डीएनए की केवल एक रज्जु (strand) जिस पर 'एंटीसेंस' या 'टेंपलेट' रज्जु कहा जाता है, आरएनए पोलीमरेज़ द्वारा आरएनए संश्लेषण के लिए खाका के रूप में कार्य करती है, और इसका अनुलेखन हमेशा 5' से 3' दिशा में होता है क्योंकि एंजाइम केवल इसी दिशा में न्यूक्लियोटाइड को जोड़ सकता है। 3. लामार्कवाद (Lamarckism) के विपरीत, डार्विनवाद (Darwinism) और आधुनिक संश्लेषणात्मक सिद्धांत (Modern Synthetic Theory of Evolution) यह प्रतिपादित करते हैं कि जीवन काल में जीवों द्वारा उपार्जित लक्षण (acquired characters) आनुवंशिक रूप से अगली पीढ़ी को हस्तांतरित नहीं होते हैं, बल्कि केवल जनन कोशिकाओं में होने वाले वंशागत परिवर्तन ही जैव विकास का आधार बनते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? छोटा ग्रह? ध्वनि तरंगों के माध्यम में संचरण, डॉप्लर प्रभाव और संगीत के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी गैस में ध्वनि की चाल गैस के परम ताप के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती होती है, किंतु दाब में परिवर्तन का ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है क्योंकि दाब और घनत्व में समानुपातिक परिवर्तन एक-दूसरे के प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। 2. डॉप्लर प्रभाव के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और स्थिर श्रोता एक-दूसरे की ओर गति करते हैं, तब श्रोता द्वारा सुनी गई आभासी आवृत्ति मूल आवृत्ति से अधिक होती है, और यह प्रभाव केवल ध्वनि तरंगों तक ही सीमित है, विद्युत चुंबकीय तरंगों पर लागू नहीं होता है। 3. श्रव्यता की सीमा के अंतर्गत, किसी ध्वनि की तीक्ष्णता (Pitch) मुख्य रूप से उसकी आवृत्ति पर निर्भर करती है, जबकि ध्वनि का तारत्व या प्रबलता (Loudness) आयाम के वर्ग और कान की संवेदनशीलता से निर्धारित होती है। 4. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में अपवर्तित होती है, तो उसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है, किंतु माध्यम के तापमान और घनत्व में अंतर के कारण उसकी चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बदल जाते हैं, जिसके विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के सीधे समानुपाती होता है। 2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है। 3. जब किसी बंद कुंडली को एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है, तो उत्पन्न प्रेरित विद्युत वाहक बल का मान चुंबकीय क्षेत्र के घूमने की आवृत्ति और कुंडली के क्षेत्रफल के वर्ग के सीधे समानुपाती होता है। 4. स्वप्रेरण (Self-induction) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' (Henry) है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम, ऊष्मा धारिता और विशिष्ट ऊष्मा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का ही एक व्यापक रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी गई ऊष्मा ($dQ$) निकाय की आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन ($dU$) और निकाय द्वारा किए गए कार्य ($dW$) के योग के बराबर होती है। 2. समदाबीय प्रक्रम (Isobaric process) में दी गई ऊष्मा की गणना करते समय मोलर ऊष्मा धारिता का उपयोग किया जाता है, और किसी गैस के लिए स्थिर दाब पर मोलर ऊष्मा धारिता ($C_p$) का मान स्थिर आयतन पर मोलर ऊष्मा धारिता ($C_v$) से हमेशा कम होता है ($C_p < C_v$)। 3. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता है ($dQ = 0$), जिसके फलस्वरूप गैस के प्रसार में निकाय द्वारा किया गया कार्य उसकी आंतरिक ऊर्जा के ह्रास के कारण होता है और तापमान में गिरावट आती है। 4. जल की विशिष्ट ऊष्मा धारिता सभी पदार्थों में अधिकतम होती है, जिसके कारण जल का उपयोग ताप नियंत्रক (Coolant) के रूप में और ठंडे प्रदेशों में सेकने वाली बोतलों में किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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