त्वरित लिंक्स
General Science
10 views
ऊष्मागतिकी और तापमापी (Thermodynamics and Thermometry) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह बताता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
- 2. 'स्थिर आयतन गैस तापमापी' (Constant-volume gas thermometer) अत्यधिक संवेदनशील और सटीक होते हैं क्योंकि गैसों का दाब ताप के साथ रैखिक रूप से परिवर्तित होता है, और चार्ल्स के नियम के अनुसार नियत आयतन पर किसी गैस का दाब उसके परमताप के सीधे आनुपातिक होता है।
- 3. जल का त्रिक बिंदु (Triple point of water), जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में होते हैं, का मान 273.16 K होता है, और इसका उपयोग केल्विन ताप पैमाने को परिभाषित करने के लिए एक निश्चित संदर्भ बिंदु के रूप में किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम तापमान के मापन का आधार प्रदान करता है। स्थिर आयतन गैस तापमापी आदर्श गैस व्यवहार और चार्ल्स के नियम पर कार्य करते हैं, जिससे अत्यधिक सटीक माप संभव होता है। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति (SI) में ताप के मापन के लिए जल के त्रिक बिंदु (Triple point of water) को मानक संदर्भ बिंदु माना गया है, जिसका सटीक मान 273.16 K और 611.73 Pa दाब होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
→
आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लैमार्कवाद (Lamarckism) का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) है, जिसके अनुसार जीवों द्वारा अपने जीवनकाल में अर्जित किए गए शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी को स्थानांतरित हो जाते हैं, जिसका खंडन वेइज़मैन (Weismann) ने अपने 'जर्मप्लाज्म सिद्धांत' (Germplasm Theory) द्वारा किया था।
2. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) एक यादृच्छिक प्रक्रम है जो बड़े जनसमुदायों (Large Populations) में अपनी तीव्र प्रभावशीलता के कारण एलील आवृत्तियों में तेजी से परिवर्तन करता है, जबकि छोटे जनसमुदायों में इसका कोई सांख्यिकी महत्व नहीं होता है।
3. 'अनुकूली विकिरण' (Adaptive Radiation) का एक उत्कृष्ट उदाहरण डार्विन फिंच (Darwin's Finches) हैं, जिनका विकास गैलापागोस द्वीप समूह पर एक ही मूल प्रजाति से विभिन्न प्रकार की चोंच वाली जातियों के रूप में हुआ है।
4. समजात अंग (Homologous Organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और उत्पत्ति समान होती है किंतु उनके कार्य भिन्न हो सकते हैं, और यह 'अपसारी विकास' (Divergent Evolution) का परिणाम होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुंबकीय पदार्थों के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से बद्ध चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के सीधे समानुपाती होता है, तथा लेंस का नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का कठोरता से पालन करता है।
2. 'स्वप्रेरण गुणांक' (Coefficient of Self-Inductance) का SI मात्रक 'हेनरी' होता है, जो कि वेबर प्रति ऐम्पियर के तुल्य है, और यह किसी कुंडली की वह ज्यामितीय और भौतिक विशेषता है जो उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के मान में होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है।
3. प्रतिचुंबकीय पदार्थों (Diamagnetic substances) की चुंबकीय प्रवृत्ति (Magnetic Susceptibility) ऋणात्मक होती है तथा तापमान पर निर्भर करती है, और जब ऐसे पदार्थों को किसी बाहरी असमान चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो वे क्षेत्र के तीव्र भाग से कमजोर भाग की ओर गति करने का प्रयास करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
डीएनए प्रतिकृति के दौरान ओकाज़ाकी खंड किस स्ट्रैंड पर बनते हैं?
→
सूर्योदय से पहले सूर्य का दिखना?
→
मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण और विटामिनों की चयापचय क्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B$_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विघटनीय विटामिन है जो यकृत (Liver) में कई वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की पैराइटल कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
2. 'क्वाशियोकोर' (Kwashiorkor) रोग गंभीर प्रोटीन की कमी के कारण होता है जिसमें ऊर्जा की कमी प्रमुख नहीं होती, जबकि 'मरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कुल कैलोरी दोनों की गंभीर कमी से उत्पन्न होने वाला विकार है जो आमतौर पर शिशुओं में देखा जाता है।
3. जल-में-घुलनशील विटामिन (जैसे विटामिन C और B समूह के विटामिन) शरीर में आसानी से संग्रहित हो जाते हैं, जिसके कारण इनकी दैनिक आवश्यकता नहीं होती और इनके अत्यधिक सेवन से 'हाइपरविटामिनोसिस' की स्थिति उत्पन्न होती है।
4. हमारे शरीर में 'आवश्यक वसीय अम्ल' (Essential fatty acids), जैसे लिनोलिक और लिनोलेनिक अम्ल, का संश्लेषण स्वतः नहीं हो सकता है, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.