BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
8 views

भौतिक राशियों, उनके विमीय सूत्रों और मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$): विमीय सूत्र $[M^{-1} L^3 T^{-2}]$ और SI मात्रक $N \cdot m^2 \cdot kg^{-2}$
  2. 2. श्यानता गुणांक ($\eta$): विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ और SI मात्रक $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$
  3. 3. प्लांक नियतांक ($h$): विमीय सूत्र $[M^1 L^2 T^{-1}]$ और SI मात्रक $J \cdot s$
  4. 4.

पृष्ठ तनाव ($S$): विमीय सूत्र $[M^1 L^0 T^{-2}]$ और SI मात्रक $N \cdot m^{-2}$ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न में भौतिक राशियों के विमीय सूत्रों और मात्रकों का परीक्षण किया गया है। 1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का सूत्र न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम से $F = \frac{G m_1 m_2}{r^2}$ होता है, जिससे इसका विमीय सूत्र $[M^{-1} L^3 T^{-2}]$ और मात्रक $N \cdot m^2 \cdot kg^{-2}$ सही है। 2. श्यानता गुणांक ($\eta$) का स्टॉक के नियम या श्यान बल के सूत्र $F = -6 \pi \eta r v$ से विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ और मात्रक $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$ सही है। 3. प्लांक नियतांक ($h$) का संबंध $E = h \nu$ से है, अतः इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^2 T^{-1}]$ और मात्रक जूल-सेकंड ($J \cdot s$) सही है। 4. पृष्ठ तनाव ($S$) का सूत्र बल प्रति एकांक लंबाई ($F/l$) होता है, इसलिए इसका सही SI मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($N \cdot m^{-1}$) है, जबकि कथन 4 में मात्रक $N \cdot m^{-2}$ दिया गया है जो गलत है (यह दाब या प्रतिबल का मात्रक है)। भौतिक राशियों की माप और मात्रकों की अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Share:

Related Questions

रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के सैद्धांतिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा वे यौगिक जिनमें केंद्रीय परमाणु का अष्टक अपूर्ण होता है (जैसे $BF_3$), इस श्रेणी में आते हैं। 2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यधिक दुर्बल होता है, तथा एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है। 3. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जल-अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति अम्लीय होती है और उसका pH मान 7 से कम होता है। 4. शुद्ध जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) प्रक्रिया है, जिसके कारण तापमान बढ़ाने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) घट जाता है और शुद्ध जल का pH मान 7 से अधिक हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भौतिक राशियों, उनके विमीय सूत्रों और एसआई (SI) मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant): विमीय सूत्र $[ML^2T^{-2}K^{-1}mol^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{J mol}^{-1} \text{K}^{-1}$ 2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{kg m}^{-1} \text{s}^{-1}$ 3. प्लांक नियतांक (Planck's Constant): विमीय सूत्र $[ML^2T^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{J s}$ 4. स्टीफन-बोल्ट्जमैन नियतांक (Stefan-Boltzmann Constant): विमीय सूत्र $[MT^{-3}K^{-4}]$ और एसआई मात्रक $\text{W m}^{-2} \text{K}^{-4}$ उपर्युक्त में से कौन सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं? कोशिका का शक्ति केंद्र किसे कहते हैं? प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत गोलीय दर्पणों और लेंसों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी अवतल दर्पण (Concave mirror) के सामने जब वस्तु को उसके वक्रता केंद्र (Centre of curvature) और फोकस (Focus) के बीच रखा जाता है, तो बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु से आकार में बड़ा होता है। 2. उत्तल लेंस (Convex lens) की क्षमता धनात्मक होती है, और जब इस लेंस को किसी ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और उसकी प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी (Diverging) हो जाती है। 3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens maker's formula) के अनुसार, किसी पतले लेंस की फोकस दूरी लेंस के दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं और लेंस के पदार्थ के सापेक्षिक अपवर्तनांक पर निर्भर करती है, तथा यह प्रकाश के रंग (तरंगदैर्ध्य) से पूर्णतः स्वतंत्र होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के सिद्धांतों और उससे संबंधित नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है। 2. 'लेंज का नियम' (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित विद्युत धारा या प्रेरित विद्युत वाहक बल की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है। 3. 'भंवर धाराएँ' (Eddy Currents) किसी चालक में तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग प्रेरण भट्टी (Induction Furnace) में धातुओं को पिघलाने तथा विद्युत ब्रेक (Magnetic braking) प्रणालियों में प्रभावी रूप से किया जाता है। 4. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जो उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करता है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' ($Henry$) है जो कि $Weber/Ampere$ के तुल्य नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.