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History of India
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गदर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. गदर पार्टी की स्थापना वर्ष 1913 में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना के प्रयासों से की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना था।
  2. 2. इस पार्टी द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक पत्र 'गदर' उर्दू, पंजाबी और गुजराती के अलावा पाश्तुन भाषा में भी निकाला जाता था, ताकि विभिन्न क्षेत्रों के अप्रवासी भारतीयों तक क्रांतिकारी विचार पहुँचाए जा सकें।
  3. 3. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गदर पार्टी के नेताओं ने भारत आकर ब्रिटिश सेना के भीतर कार्यरत भारतीय सैनिकों में असंतोष फैलाने और सशस्त्र विद्रोह भड़काने का सुनियोजित प्रयास किया था, जिसे 'गदर षड्यंत्र' के नाम से जाना जाता है।
  4. 4. चंद्रशेखर आजाद ने 'हिस्टोरियन एसोसिएशन' की स्थापना की थी और वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) के गठन में प्रमुख भूमिका निभाई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: गदर पार्टी की स्थापना 1 नवंबर 1913 को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को (एस्टोरिया) में सोहन सिंह भकना (अध्यक्ष) और लाला हरदयाल (प्रमुख प्रस्तावक एवं विचारक) द्वारा 'पैसिफिक कोस्ट हिन्दुस्तान एसोसिएशन' के रूप में की गई थी, जिसका मुख्य पत्र 'गदर' था। कथन 2 गलत है: 'गदर' अखबार मुख्य रूप से उर्दू, पंजाबी, हिंदी, गुजराती और पश्तो (पाश्तुन) में प्रकाशित होता था, लेकिन इसमें गुजराती का नियमित व्यापक संस्करण प्रमुखता से नहीं बल्कि पाश्तुन, गुरमुखी और अंग्रेजी के कुछ विज्ञापनों के साथ छपता था; हालांकि पारंपरिक स्रोतों में गुजराती को लेकर विवाद है, लेकिन मुख्य रूप से यह गुरुमुखी, उर्दू और हिंदी में था। अधिक सटीक रूप से, गदर पार्टी के वैचारिक इतिहास के अनुसार यह कथन आंशिक अशुद्धियों से ग्रसित है क्योंकि गुजराती इसकी मुख्य भाषाओं में शामिल नहीं थी। कथन 3 सही है: प्रथम विश्व युद्ध (1914) छिड़ने पर गदर पार्टी के सदस्यों ने 'हमारी लड़ाई अंग्रेजों के खिलाफ है' का नारा देते हुए भारत लौटने और सैन्य छावनियों में विद्रोह करवाने का आह्वान किया था। कथन 4 सही है: चंद्रशेखर आजाद ने हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) को पुनर्गठित करते हुए भगवती चरण बोहरा और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की थी। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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