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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की नगरीय योजना, अर्थव्यवस्था और व्यापारिक संपर्कों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हड़प्पा सभ्यता की जल निकासी प्रणाली (Drainage System) अपनी स्वच्छता और सुनियोजित ग्रिड पैटर्न के लिए विश्व प्रसिद्ध थी, किंतु चन्हुदरो एकमात्र ऐसा स्थल है जहाँ घरों के अंदर पक्की ईंटों के कुओं और बेहतरीन जल निकासी के साक्ष्य नहीं मिलते हैं, क्योंकि यह एक औद्योगिक नगर था।
  2. 2. लोथल और सुरकोतदा जैसे तटीय स्थलों से जहाजों के ठहरने के लिए गोदीवाड़ा (Dockyard) के अवशेष मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि इस सभ्यता का मेसोपोटामिया, ओमान (मगन) और बहरीन (दिलमुन) के साथ समुद्री मार्ग से व्यापक विदेशी व्यापार होता था।
  3. 3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'पशुपति मुहर' (Pashupati Seal) पर एक योगी की आकृति उत्कीर्ण है जिसके चारों ओर गेंडा, भैंसा, बाघ और हाथी जैसे पशुओं का अंकन है, तथा इस मुहर के शीर्ष पर सिंधु लिपि (Pictographic Script) के कुछ अक्षर भी लिखे मिले हैं।
  4. 4. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे से भली-भांति परिचित थे और उन्होंने अपने रक्षात्मक दुर्गों (Citadels) के निर्माण में बड़े पैमाने पर लोहे के औजारों का प्रयोग किया था, जिसके कारण उनकी सैन्य शक्ति इस काल में अत्यंत सुदृढ़ हो गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि चन्हुदरो सिंधु घाटी सभ्यता का एकमात्र ऐसा प्रमुख स्थल है जहाँ किसी भी प्रकार का दुर्ग (Citadel) नहीं पाया गया है, जबकि पक्की ईंटों के कुओं और घरों के भीतर जल निकासी के साक्ष्य यहाँ भी मिलते हैं। कथन 2 सत्य है; लोथल (गुजरात) में एक विशाल गोदीवाड़ा (डॉकयार्ड) के अवशेष मिले हैं, जिससे साबित होता है कि हड़प्पावासी मेसोपोटामिया और फारस की खाड़ी के क्षेत्रों के साथ समुद्री व्यापार करते थे। कथन 3 सत्य है; मोहनजोदड़ो से मिली पशुपति मुहर पर त्रिमुख देवता (पशुपति) की आद्या-शिव जैसी आकृति है जिसके चारों ओर चार पशु (व्याघ्र, गेंडा, हाथी और भैंसा) तथा नीचे दो हिरण उत्कीर्ण हैं, और इसके ऊपर चित्रात्मक लिपि अंकित है। कथन 4 असत्य है क्योंकि सिंधु घाटी सभ्यता एक ताम्र-पाषाण युग (Chalcolithic) की सभ्यता थी और यहाँ के लोग **लोहे** (Iron) से पूरी तरह अपरिचित थे। लोहे की खोज भारत में उत्तर-वैदिक काल (लगभग 1000 ईसा पूर्व) में हुई थी। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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