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History of India
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1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन तथा उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. फैजाबाद - मौलवी अहमदुल्लाह शाह (दमनकर्ता: जनरल रेनार्ड / सर कॉलीन कैंपबेल)
  2. 2. बरेली - खान बहादुर खान (दमनकर्ता: सर कॉलिन कैंपबेल / बर्कले)
  3. 3.

इलाहाबाद - लियाकत अली (दमनकर्ता: कर्नल नील) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

1857 के महान विद्रोह के समय फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने किया था, जिन्हें बाद में ब्रिटिश सेना द्वारा दबा दिया गया। बरेली में रोहिला प्रशासनिक परंपरा के उत्तराधिकारी खान बहादुर खान ने विद्रोह की बागडोर संभाली थी, जिनका दमन सर कॉलिन कैंपबेल ने किया। वहीं, इलाहाबाद (प्रयागराज) में लियाकत अली ने विद्रोह का सफल नेतृत्व किया था, जिसे ब्रिटिश अधिकारी कर्नल नील द्वारा अत्यंत क्रूरता के साथ दबाया गया था। विकिपीडिया संदर्भ
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Related Questions

→ चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण में यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर 'तीनकठिया' प्रणाली थोपी गई थी, जिसके तहत किसानों को अपनी भूमि के प्रत्येक बीघे के तीन-बीसवें हिस्से (3/20 भाग) पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी पड़ती थी। 2. चंपारण सत्याग्रह के दौरान ही महात्मा गांधी ने पहली बार भारत में 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) का अस्त्र के रूप में प्रयोग किया था, जबकि अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918) उनका पहला सविनय अवज्ञा प्रयोग था। 3. खेड़ा सत्याग्रह के दौरान फसलें नष्ट हो जाने के बाद भी जब ब्रिटिश प्रशासन ने राजस्व वसूली माफ नहीं की, तो गांधीजी ने किसानों को लगान न चुकाने का आह्वान किया, और इसी आंदोलन के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल गांधीजी के मुख्य सहयोगियों के रूप में उभरे। 4. चंपारण जाँच समिति (Champaranya Agrarian Enquiry Committee) के एक सदस्य के रूप में महात्मा गांधी ने स्वयं बागान मालिकों द्वारा किसानों से अवैध रूप से वसूले गए धन का 50 प्रतिशत हिस्सा वापस दिलाने का सफल समझौता कराया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके उत्तराधिकारियों के सैन्य अभियानों और संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बाबू कुंवर सिंह ने आरा पर नियंत्रण स्थापित करने के पश्चात ब्रिटिश सेनापति विंसेंट आयर की सेना को बीबीगंज के समीप पराजित किया था और बाद में गंगा नदी पार कर उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सफल सैन्य अभियान चलाते हुए लखनऊ और आजमगढ़ तक अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी थी। 2. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु (अप्रैल 1858) के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष की बागडोर संभाली और कैमूर की पहाड़ियों (रोहतास क्षेत्र) को अपना मुख्य केंद्र बनाकर ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध एक लंबी और प्रभावी छापामार (गुएरिला) युद्ध शैली जारी रखी थी। 3. अमर सिंह ने कैमूर के जंगलों से अंग्रेजी सेना के संचार और रसद मार्गों को पूरी तरह बाधित कर दिया था तथा ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा बार-बार भारी सैन्य अभियान भेजे जाने के बावजूद उन्होंने वर्ष 1858 के अंत तक ब्रिटिश प्रशासन को खुले मैदान में सीधी चुनौती देना जारी रखा था। 4. बाबू कुंवर सिंह और अमर सिंह के संपूर्ण परिवार को ब्रिटिश दमन चक्र के दौरान माफ कर दिया गया था और विद्रोह के शांत होने पर उनकी सभी जब्त जागीरें तथा रियासतें उन्हें ससम्मान वापस लौटा दी गई थीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल के आर्थिक, प्रशासनिक तथा धार्मिक परिवर्तनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्योत्तर काल में रोमन साम्राज्य के साथ भारी मात्रा में विदेशी व्यापार (इंडो-रोमन ट्रेड) के कारण उत्तर भारत में सोने के सिक्कों का प्रचलन बड़े पैमाने पर हुआ, जबकि गुप्त काल में सम्राटों द्वारा जारी किए गए सोने के सिक्के (दीनार) शुद्धता और कलात्मकता के मामले में कुषाणों के सिक्कों की तुलना में अत्यंत उत्कृष्ट और भारी मात्रा में थे। 2. गुप्त काल में 'भूमि अनुदान' (Land Grants) की प्रथा धार्मिक और प्रशासनिक अधिकारियों को बड़े पैमाने पर दी जाने लगी, जिसके परिणामस्वरूप सामंतवाद (Feudalism) के बीज अंकुरित हुए और स्थानीय स्तर पर किसानों पर प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर होने के साथ-साथ उनकी स्थिति उप-कृषकों या अर्ध-दासों जैसी हो गई। 3. सातवाहन वंश (मौर्योत्तर काल) ने शीशे (Lead), तांबे और कांसे के सिक्कों का सबसे अधिक प्रचलन किया, तथा उन्होंने ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि अनुदान देने की परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे गुप्त काल में और अधिक विस्तार मिला। 4. गुप्त काल में भारत का विदेशी व्यापार सभी दिशाओं में निरंतर फलता-फूलता रहा और इस काल के अंतिम चरण तक रोम (बाइज़ेंटाइन साम्राज्य) के साथ व्यापारिक संबंध अपने ऐतिहासिक सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गए थे, जिसके कारण पश्चिमी बंदरगाहों (जैसे भृगुकच्छ या ब्रोच) पर भारतीय व्यापारियों का पूर्ण एकाधिकार बना रहा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में हुए संघर्ष तथा बेगम हजरत महल एवं मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और ब्रिटिश रेजिडेंसी की घेराबंदी के दौरान सैन्य रणनीतियों का प्रभावी संचालन किया। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता है, ने फैजाबाद और रोहिलखंड क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया और ब्रिटिश सेनापतियों को अपनी गुरिल्ला युद्ध शैली से कड़ी चुनौती दी। 3. लखनऊ की अंतिम रक्षा और ब्रिटिश नियंत्रण स्थापित करने के दौरान सर कॉलिन कैंपबेल और सर जेम्स आउट्राम ने मुख्य भूमिका निभाई, तथा बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और पेंशन स्वीकार कर ली। 4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह पर अंग्रेजों ने अत्यधिक इनाम घोषित किया था, और अंततः पुवियाँ (पवैन) के राजा के विश्वासघात के कारण उन्हें अंग्रेजों द्वारा घेर लिया गया तथा युद्ध में उनकी मृत्यु हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं? → महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
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