History of India
Asked 2 months ago · Viewed 17 times
मध्यकालीन भक्ति और सूफी आंदोलनों के वैचारिक विकास, संतों के दार्शनिक सिद्धांतों तथा उनके ऐतिहासिक प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. शंकराचार्य के 'अद्वैत वेदांत' के विपरीत, निम्बार्क ने 'द्वैताद्वैतवाद' (भेदाभेद) के दर्शन का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार जीव, जगत और ब्रह्म परस्पर भिन्न भी हैं और अभिन्न भी हैं, तथा राधा-कृष्ण की युगल उपासना उनके मार्ग का मुख्य आधार थी।
- 2. सूफी सिलसिले के अंतर्गत 'चिशती सिलसिला' ने भारत में सादगी, संगीत (समा) और उदारता का मार्ग अपनाया, तथा शेख निजामुद्दीन औलिया ने राजनीतिक सत्ता से दूरी बनाए रखते हुए 'सुल्तान-उल-मशाइख' की उपाधि धारण की और सल्तनत के कई सुल्तानों के आमंत्रण के बावजूद कभी भी शाही दरबार में कदम नहीं रखा।
- 3. भक्ति आंदोलन के महान संत चैतन्य महाप्रभु ने बंगाल में 'अचिंत्य भेदाभेद' के सिद्धांत का प्रचार किया और भगवान श्रीकृष्ण की प्रेम-भक्ति (कीर्तन परंपरा) को समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाया, जिसमें जाति और धर्म का कोई भेदभाव नहीं था।
- 4. सूफी संतों में 'सुह्रवर्दी सिलसिला' के विपरीत चिश्ती संतों ने राजकीय अनुदान, जागीरें और नगद धन स्वीकार करने की सख्त मनाही की थी, किंतु सूहरावर्दी संतों ने राज्य के साथ घनिष्ठ संबंध रखे और उच्च पदों तथा शाही संरक्षण को सहर्ष स्वीकार किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्यकालीन भारतीय इतिहास में भक्ति और सूफी आंदोलनों ने भारतीय समाज, संस्कृति और दर्शन को गहराई से प्रभावित किया। निम्बार्क ने द्वैताद्वैतवाद की स्थापना की, जिसमें राधा-कृष्ण की उपासना को प्रधानता दी गई। चिशती सिलसिले के संत शेख निजामुद्दीन औलिया ने सल्तनत के कई सुल्तानों (जैसे जलालुद्दीन खिलजी से लेकर गयासुद्दीन तुगलक तक) के संपर्क में आने के बावजूद शाही दरबार से स्वतंत्र रहने की अपनी नीति का कड़ाई से पालन किया और 'सुल्तान-उल-मशाइख' कहलाए। बंगाल में चैतन्य महाप्रभु ने गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के तहत 'अचिंत्य भेदाभेद' का दर्शन दिया और संकीर्तन आंदोलन को लोकप्रिय बनाया। इसके अतिरिक्त, चिशती संत जहाँ राज्य के अनुदानों को अस्वीकार करते थे, वहीं सूहरावर्दी सिलसिले के संत (जैसे शेख बहाउद्दीन जकारिया) राज्य के साथ निकट संबंध रखते थे और राजकीय सहायता स्वीकार करते थे। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
1857 के महान विद्रोह के उदय के लिए उत्तरदायी राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और…
← पिछला प्रश्न
मध्यकालीन भक्ति और सूफी आंदोलनों के वैचारिक विकास, प्रमुख…
Related Questions
→
1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में हुए संघर्ष तथा बेगम हजरत महल एवं मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और ब्रिटिश रेजिडेंसी की घेराबंदी के दौरान सैन्य रणनीतियों का प्रभावी संचालन किया।
2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता है, ने फैजाबाद और रोहिलखंड क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया और ब्रिटिश सेनापतियों को अपनी गुरिल्ला युद्ध शैली से कड़ी चुनौती दी।
3. लखनऊ की अंतिम रक्षा और ब्रिटिश नियंत्रण स्थापित करने के दौरान सर कॉलिन कैंपबेल और सर जेम्स आउट्राम ने मुख्य भूमिका निभाई, तथा बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और पेंशन स्वीकार कर ली।
4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह पर अंग्रेजों ने अत्यधिक इनाम घोषित किया था, और अंततः पुवियाँ (पवैन) के राजा के विश्वासघात के कारण उन्हें अंग्रेजों द्वारा घेर लिया गया तथा युद्ध में उनकी मृत्यु हो गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल के आर्थिक, प्रशासनिक तथा धार्मिक परिवर्तनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल में रोमन साम्राज्य के साथ भारी मात्रा में विदेशी व्यापार (इंडो-रोमन ट्रेड) के कारण उत्तर भारत में सोने के सिक्कों का प्रचलन बड़े पैमाने पर हुआ, जबकि गुप्त काल में सम्राटों द्वारा जारी किए गए सोने के सिक्के (दीनार) शुद्धता और कलात्मकता के मामले में कुषाणों के सिक्कों की तुलना में अत्यंत उत्कृष्ट और भारी मात्रा में थे।
2. गुप्त काल में 'भूमि अनुदान' (Land Grants) की प्रथा धार्मिक और प्रशासनिक अधिकारियों को बड़े पैमाने पर दी जाने लगी, जिसके परिणामस्वरूप सामंतवाद (Feudalism) के बीज अंकुरित हुए और स्थानीय स्तर पर किसानों पर प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर होने के साथ-साथ उनकी स्थिति उप-कृषकों या अर्ध-दासों जैसी हो गई।
3. सातवाहन वंश (मौर्योत्तर काल) ने शीशे (Lead), तांबे और कांसे के सिक्कों का सबसे अधिक प्रचलन किया, तथा उन्होंने ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि अनुदान देने की परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे गुप्त काल में और अधिक विस्तार मिला।
4. गुप्त काल में भारत का विदेशी व्यापार सभी दिशाओं में निरंतर फलता-फूलता रहा और इस काल के अंतिम चरण तक रोम (बाइज़ेंटाइन साम्राज्य) के साथ व्यापारिक संबंध अपने ऐतिहासिक सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गए थे, जिसके कारण पश्चिमी बंदरगाहों (जैसे भृगुकच्छ या ब्रोच) पर भारतीय व्यापारियों का पूर्ण एकाधिकार बना रहा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
बंगाल विभाजन (1905) और इसके विरोध में संचालित स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन के वैचारिक तथा व्यावहारिक आयामों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय के विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में प्रसिद्ध 'बहिष्कार प्रस्ताव' पारित किया गया, तथा इस आंदोलन के दौरान सर्वप्रथम 'वंदे मातरम्' को आंदोलन का मुख्य राष्ट्रीय गीत बनाया गया।
2. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन पर बल देते हुए आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय ने 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वक्र्स' की तर्ज पर अनेक स्वदेशी उद्योगों, बैंकों और बीमा कंपनियों की स्थापना की रूपरेखा तैयार की थी।
3. स्वदेशी आंदोलन का प्रभाव केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इसे बंबई और पुणे में, लाला लाजपत राय ने पंजाब में, तथा सैयद حیدر رضا (सैयद हैदर रज़ा) ने दिल्ली में इस आंदोलन का सक्रिय नेतृत्व किया।
4. इस आंदोलन के दौरान मुस्लिम किसानों और बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी ने राष्ट्रवादी नेताओं का पूर्ण समर्थन किया, तथा पूर्वी बंगाल के नवाब सलीमुल्लाह ने स्वदेशी आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए ब्रिटिश विभाजनकारी नीतियों का पुरजोर विरोध किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
1857 के महान विद्रोह के विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना द्वारा विद्रोह के दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन
2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल
3. कानपुर - मेजर जनरल हैवलॉक
4. झाँसी - जेम्स आउट्राम
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं?
→
महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.