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History of India
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविन समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. गांधी-इरविन समझौते (5 मार्च 1931) के तहत सरकार द्वारा उन सभी राजनीतिक बंदियों को तुरंत रिहा करना स्वीकार कर लिया गया जिन पर हिंसा का प्रत्यक्ष आरोप था तथा जिन्होंने जेलों में हिंसक गतिविधियों में भाग लिया था।
- 2. कराची में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वर्ष 1931 के अधिवेशन में गांधी-इरविन समझौते को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया, और इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस ने मौलिक अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम से संबंधित ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किए।
- 3. लंडन में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया, जहाँ सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर गतिरोध उत्पन्न होने के कारण यह सम्मेलन असफल घोषित कर दिया गया।
- 4. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन की विफलता और भारत लौटने पर ब्रिटिश सरकार द्वारा पुनः दमनकारी नीतियां अपनाए जाने के कारण महात्मा गांधी ने जनवरी 1932 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दूसरे चरण को पुनः प्रारंभ कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि गांधी-इरविन समझौते (दिल्ली समझौते) के तहत ब्रिटिश सरकार ने केवल उन राजनीतिक कैदियों को रिहा करने पर सहमति जताई थी जिन पर हिंसा का आरोप नहीं था; जिन कैदियों पर हिंसा या हत्या के आरोप थे (जैसे भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु), उनकी फांसी की सजा को माफ करने से लॉर्ड इरविन ने स्पष्ट इनकार कर दिया था। कथन 2, 3 और 4 पूरी तरह सही हैं। कराची अधिवेशन (1931) में इस समझौते की पुष्टि की गई और मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव पास हुआ। गांधीजी ने कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
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सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रथम चरण, गांधी-इरविन समझौते और कराची अधिवेशन (1931) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1931 में संपन्न गांधी-इरविन समझौते के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान हिंसा के आरोपियों को छोड़कर सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और जब्त की गई संपत्ति को वापस करने की शर्त स्वीकार की थी, किंतु भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी की सजा को माफ करने की गांधीजी की मांग को औपचारिक रूप से अस्वीकार कर दिया गया था।
2. मार्च 1931 में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन की अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने गांधी-इरविन समझौते का समर्थन किया और पहली बार 'मौलिक अधिकार तथा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' पर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया।
3. गांधी-इरविन समझौते की शर्तों के अनुसार कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने की स्वीकृति दी थी।
4. कराची अधिवेशन में ही युवा राष्ट्रवादियों के भारी विरोध के बावजूद महात्मा गांधी ने कहा था कि "गांधी मर सकता है, परंतु गांधीवाद हमेशा जीवित रहेगा," और उन्होंने पूर्ण स्वराज के प्रस्ताव को त्यागकर डोमिनियन स्टेटस के लक्ष्य को स्वीकार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दौर में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत में व्यापारिक एकाधिकार और बस्तियों की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1615 में किंग जेम्स प्रथम के आधिकारिक राजदूत के रूप में सर थॉमस रो भारत आया था और वह अजमेर में मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार में उपस्थित हुआ, जहाँ उसने अंग्रेजों के लिए पूरे मुगल साम्राज्य में व्यापार करने और कारखाने स्थापित करने के विशेष अधिकार प्राप्त किए।
2. पश्चिमी तट पर अंग्रेजों ने वर्ष 1613 में जहांगीर के शाही फरमान के बाद सूरत में अपनी पहली स्थायी व्यापारिक कोठी स्थापित की, जो आगे चलकर पश्चिमी भारत में उनके व्यापारिक अभियानों का प्रमुख मुख्यालय बन गई।
3. पूर्वी भारत में अंग्रेजों ने अपनी पहली फैक्ट्री की स्थापना वर्ष 1633 में उड़ीसा के हरिहरपुर और बालासोर में की थी, जिससे बंगाल की खाड़ी केीय क्षेत्र में उनके व्यापारिक विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ।
4. वर्ष 1639 में Francis Day (फ्रांसिस डे) ने चंद्रगिरि के स्थानीय शासक से मद्रासपट्टनम (मद्रास) को पट्टे पर लिया और वहाँ 'फोर्ट सेंट जॉर्ज' की किलेबंदी की, जो बाद में दक्षिण भारत में अंग्रेजों का मुख्य प्रशासनिक केंद्र बना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास, राजस्व प्रणालियों और विभिन्न विभागों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में 'दीवान-ए-मुस्तखराज' विभाग की स्थापना अलाउद्दीन खिलजी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य कार्य बकाया राजस्व की वसूली करना और राजस्व अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार तथा गबन की जाँच करना था।
2. गयासुद्दीन तुगलक ने अपने राजस्व प्रशासन में 'हक-ए-मवेशी' और 'किस्मत-ए-खुती' जैसी पारंपरिक ग्रामीण मुखियाओं (मुकद्दम, खुद और चौधरी) की विशेषाधिकार प्राप्त शक्तियों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया ताकि किसानों पर से अतिरिक्त कर का बोझ कम हो सके।
3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई पर 'हक-ए-शर्ब' (कुल उपज का 10 प्रतिशत) नामक एक नया सिंचाई कर लगाया, जिसे फिकह (इस्लामी न्यायशास्त्र) के जानकारों की सहमति से लागू किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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किस मुगल शासक ने सिखों के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को देखते हुए उनके व्यापार पर नियंत्रण लगाया था?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपद' और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है, जिनमें 'अश्मक' एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी के तट पर दक्षिण भारत में स्थित था।
2. मगध साम्राज्य के शुरुआती उत्थान में हर्रक राजवंश के शासक बिम्बिसार ने कूटनीतिक विवाह संबंधों और विजय नीतियों का सहारा लिया, और उसने अंग महाजनपद को जीतकर अपने साम्राज्य में मिला लिया था तथा अपने राज्य की प्रारंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) को बनाया था।
3. अजातशत्रु के शासनकाल में वैशाली के वज्जि संघ को पराजित करने के लिए वर्षार्सु (वर्षकार) नामक मंत्री को कूटनीति के तहत भेजा गया था, और उसी के शासनकाल में मगध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाटलिग्राम में एक नए सैन्य किले का निर्माण किया गया था जो आगे चलकर पाटलिपुत्र के रूप में उभरा।
4. शिशुनाग राजवंश के संस्थापक शिशुनाग ने अवंती महाजनपद को जीतकर मगध साम्राज्य में मिला लिया और मगध की शत्रुता को समाप्त करने के लिए अपनी राजधानी को पाटलिपुत्र से हटाकर पुनः राजगृह स्थानांतरित कर दिया था, जिसे बाद में उसके उत्तराधिकारी काकवर्ण (कालाशोक) ने वापस पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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