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History of India
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वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के अंतर्संबंधों तथा रणनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब देश के शीर्ष कांग्रेस नेता गिरफ्तार कर लिए गए थे, तब कांग्रेस के कुछ समाजवादी नेताओं (जैसे राम मनोहर लोहिया और अच्युत पटवर्धन) ने भूमिगत रहकर 'रेडियो कांग्रेस' का संचालन किया और जनता को सशस्त्र प्रतिरोध के लिए प्रेरित किया, जबकि सुभाष चंद्र बोस इस समय जर्मनी से बर्लिन रेडियो के माध्यम से भारतीयों को लगातार ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध उग्र संघर्ष जारी रखने का आह्वान कर रहे थे।
  2. 2. जापान द्वारा समर्थित 'इंडियन नेशनल आर्मी' (INA) के पुनर्गठन और इसके सर्वोच्च नेतृत्व को संभालने के लिए सुभाष चंद्र बोस जून 1943 में जर्मन पनडुब्बी की सहायता से खतरनाक समुद्री यात्रा पूरी कर टोक्यो पहुँचे थे, जहाँ रास बिहारी बोस ने औपचारिक रूप से 'आज़ाद हिंद सरकार' (अर्जी हुकूमत-ए-आद हिन्द) की बागडोर उन्हें सौंपी।
  3. 3. आज़ाद हिंद फौज की 'सुभाष ब्रिगेड', 'गांधी ब्रिगेड' और महिलाओं की एक विशिष्ट टुकड़ी 'झांसी की रानी रेजीमेंट' (जिसका नेतृत्व लक्ष्मी सहगल ने किया था) ने इम्फाल और कोहिमा अभियान के दौरान जापानी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के विरुद्ध कड़ा सैन्य संघर्ष किया था।
  4. 4. वर्ष 1945 के अंत और 1946 के आरंभ में लाल किले (Red Fort Trials) में INA के अधिकारियों (शाहनवाज खान, प्रेम सहगल और गुरदयाल सिंह ढिल्लों) पर चले ऐतिहासिक मुकदमे के दौरान देश भर में तीव्र जन-आक्रोश भड़क उठा, जिसका समर्थन केवल कांग्रेस पार्टी ने किया था, जबकि मुस्लिम लीग और कम्युनिस्ट पार्टी ने इन सैनिकों की रिहाई का खुलकर विरोध किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आज़ाद हिंद फौज (INA) का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अत्यंत गौरवशाली और निर्णायक योगदान रहा है। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि लाल किले के मुकदमों के दौरान न केवल कांग्रेस (जिसके लिए भूलाभाई देसाई, जवाहरलाल नेहरू और तेज बहादुर सप्रू ने वकालत की) ने बल्कि मुस्लिम लीग, कम्युनिस्ट पार्टी और लगभग संपूर्ण देश ने INA के सैनिकों की रिहाई के लिए एकजुट होकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया था। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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