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History of India
Asked 2 months ago · Viewed 13 times

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह द्वारा संचालित संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वीर कुंवर सिंह ने जगदीशपुर के अपने पैतृक किले से ब्रिटिश सेना के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया तथा दानापुर से आए सैनिकों के साथ मिलकर आरा (शाहबाद) में ब्रिटिश सेनाओं को पराजित किया, और बाद में अपने सैन्य कौशल का परिचय देते हुए गंगा नदी पार कर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे आजमगढ़ और कानपुर) तक सफल सैन्य अभियान चलाया।
  2. 2. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके भाई अमर सिंह ने जगदीशपुर के जंगलों से अंग्रेजों के विरुद्ध गुरिल्ला (छापामार) युद्ध का सफल नेतृत्व जारी रखा और शाहबाद क्षेत्र में एक समानांतर प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर दी थी, जिसे कुचलने के लिए अंग्रेजों को भारी सैन्य बल का उपयोग करना पड़ा था।
  3. 3. अमर सिंह द्वारा संचालित इस गोरिल्ला प्रतिरोध को ब्रिटिश सरकार द्वारा पूर्णतः समाप्त करने के उपरांत उन्हें गिरफ्तार कर कलकत्ता के अलीपुर जेल में फांसी दे दी गई थी, जहाँ वर्ष 1860 में उनकी मृत्यु हो गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के जगदीशपुर में वीर कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अद्वितीय नेतृत्व और सैन्य रणनीति का परिचय दिया था। वीर कुंवर सिंह ने आरा और आजमगढ़ में ब्रिटिश सेनाओं को धूल चटाई और अपनी वृद्ध आयु के बावजूद अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया। उनकी मृत्यु के पश्चात उनके भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध जंगलों से गुरिल्ला (छापामार) युद्ध जारी रखा और समानांतर सरकार चलाई। हालांकि, अमर सिंह को फांसी नहीं दी गई थी, बल्कि ब्रिटिश रिकॉर्ड के अनुसार नवंबर 1859 में आत्मसमर्पण के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और दिसंबर 1859 में गोरखपुर जेल में पेचिश (Dysentery) जैसी बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी। इस प्रकार कथन 1 और 2 सही हैं, जबकि कथन 3 उनकी मृत्यु के स्थान और कारण के गलत होने के कारण असत्य है। इस ऐतिहासिक संघर्ष के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और प्रारंभिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत आने वाला पहला पुर्तगाली नाविक वास्को डी गामा वर्ष 1498 में कालीकट पहुँचा था, जहाँ स्थानीय शासक 'जमूरिन' ने पारंपरिक व्यापारिक प्रतिस्पर्धियों (अरब व्यापारियों) के विरोध के बावजूद उसका स्वागत किया था। 2. पुर्तगालियों ने भारत में अपनी प्रारंभिक सत्ता सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 1505 में फ्रांसिस्को डी अल्मेडा को भारत का प्रथम पुर्तगाली वायसराय बनाकर भेजा, जिसने 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल नीति) की शुरुआत की ताकि हिंद महासागर के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित किया जा सके। 3. भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक अल्बुकर्क को माना जाता है, जिसने वर्ष 1510 में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा को छीनकर पुर्तगाली मुख्यालय बनाया और भारतीयों के साथ वैवाहिक संबंधों को प्रोत्साहित कर सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया था। 4. ब्रिटिश ईस्ट India कंपनी ने भारत में अपनी पहली स्थायी व्यावसायिक फैक्ट्री की स्थापना सूरत में वर्ष 1613 में जहांगीर के फरमान से की थी, जबकि इससे पूर्व वर्ष 1611 में उन्होंने मुसूलीपट्नम (मछलीपट्टनम) में अपनी प्रथम फैक्ट्री स्थापित कर ली थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों (स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा वर्ष 1793 में लागू किए गए 'स्थाई बंदोबस्त' (Permanent Settlement) के तहत भू-राजस्व का निर्धारण हमेशा के लिए निश्चित कर दिया गया था, जिसमें ज़मींदारों को भूमि का वास्तविक स्वामी माना गया और उन्हें कुल वसूल किए जाने वाले राजस्व का 1/11 भाग अपने पास रखने का अधिकार दिया गया था। 2. थॉमस मुनरो और कैप्टन रीड द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बॉम्बे प्रेसीडेंसी में लागू की गई 'रयतवारी व्यवस्था' (Ryotwari System) में सरकार और कृषक (रयत) के बीच सीधा अनुबंध होता था, जिसमें ज़मींदारों की अनुपस्थिति के कारण किसानों को भूमि का स्वामित्व प्राप्त हुआ और राजस्व की दरें कभी नहीं बदली गईं। 3. हॉल्ट मैकेंज़ी द्वारा प्रतिपादित और विलियम बेंटिंक के शासनकाल में उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब में लागू की गई 'महालवारी व्यवस्था' (Mahalwari System) के अंतर्गत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसान के स्तर पर न करके संपूर्ण ग्राम या महाल (गाँवों के समूह) के स्तर पर किया जाता था, जिसमें राजस्व भुगतान के लिए पूरे ग्राम समुदाय को सामूहिक रूप से उत्तरदायी बनाया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक, धार्मिक और स्थापत्य विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अकबर द्वारा साम्राज्य के सुदृढ़ीकरण हेतु लागू की गई 'मनसबदारी व्यवस्था' आंशिक रूप से मंगोलों की दशमलव पद्धति पर आधारित थी, जिसमें 'जात' पद व्यक्ति के व्यक्तिगत वेतन और पद को दर्शाता था, जबकि 'सवार' पद उसके द्वारा रखे जाने वाले घुड़सवार सैनिकों की संख्या को निश्चित करता था। 2. जहांगीर के शासनकाल में चित्रकला ने अपनी चरम सीमा या स्वर्ण युग को छुआ, किंतु इसी काल में नूरजहाँ ने एक शक्तिशाली राजनीतिक गुट (जहाँगीर जूता या ज्यूरी) का निर्माण किया था, जिसमें उसके पिता इत्तिमद उद्दौला और भाई आसफ खान शामिल थे। 3. शाहजहाँ के काल में स्थापत्य कला अपने स्वर्ण युग पर पहुँची, और इस दौरान यूरोपीय यात्री बर्नियर तथा ट्रैवर्नीयर ने यह उल्लेख किया कि साम्राज्य की अत्यधिक केंद्रीकृत प्रशासनिक व्यवस्था और कृषि पर बढ़ते राजस्व बोझ के कारण किसानों और कारीगरों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई थी। 4. औरंगजेब द्वारा पुनः 'जिजिया' कर लगाया जाना तथा मंदिरों को ध्वस्त करने की उसकी नीति केवल धार्मिक असहिष्णुता का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक और प्रशासनिक नियंत्रण की आवश्यकता भी जुड़ी हुई थी, और उसके शासनकाल के दौरान मुगल साम्राज्य का भू-भाग अपने अधिकतम विस्तार को प्राप्त हुआ था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में हुए घटनाक्रम तथा वहाँ के प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं—बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अवध के नवाब वाजिद अली शाह को कुशासन के आधार पर अपदस्थ किए जाने के पश्चात बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह की बागडोर संभाली और ब्रिटिश रेजिडेंसी की घेराबंदी का नेतृत्व किया। 2. 'फैजाबाद के डंका शाह' के रूप में प्रसिद्ध मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने रोहिलखंड और अवध के सीमावर्ती क्षेत्रों में अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया तथा चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेनाओं को पराजित करने में रणनीतिक भूमिका निभाई। 3. लखनऊ पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल और जनरल आउट्राम ने गोरखा रेजिमेंट की सहायता ली, और पराजय के उपरांत बेगम हजरत महल ने नेपाल की तराई में शरण ली जहाँ वर्ष 1879 में उनका निधन हो गया, जबकि अहमदुल्लाह शाह को धोखे से मार दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं? → महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
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