BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
5 views

वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और इसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विद्रोहियों के पास ब्रिटिश साम्राज्य के विकल्प के रूप में कोई सुसंगत राजनीतिक दृष्टिकोण, एक केंद्रीय एकीकृत कमान और भविष्य के प्रशासनिक स्वरूप की स्पष्ट रूपरेखा का पूर्ण अभाव था।
  2. 2. देश के विभिन्न हिस्सों में नेतृत्व कर रहे प्रमुख नेताओं (जैसे नाना साहब, बेगम हजरत महल और कुंवर सिंह) ने अखिल भारतीय दृष्टिकोण अपनाने के बजाय मुख्य रूप से अपने स्थानीय हितों, खोई हुई रियाسات और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
  3. 3. शिक्षित मध्यम वर्ग, आधुनिक बुद्धिजीवियों और अधिकांश भारतीय रियाسतों के शासकों ने इस विद्रोह का मुखर समर्थन किया था, जिसके कारण ब्रिटिश सेना को भारी जनविरोध का सामना करना पड़ा और विद्रोह को सफलता मिली।
  4. 4. विद्रोहियों के पास न तो पर्याप्त वित्तीय संसाधन और कुशल रसद (Logistics) प्रणाली थी और न ही आधुनिक संचार के साधन, जिससे देश के विभिन्न केंद्रों के बीच किसी प्रकार का प्रभावी सैन्य समन्वय स्थापित नहीं हो सका।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 का महान विद्रोह भारतीय इतिहास का एक निर्णायक मोड़ था, किंतु यह अपनी आंतरिक कमजोरियों और नेतृत्व के अभाव के कारण असफल हो गया। इस विद्रोह की असफलता के प्रमुख कारणों में एक केंद्रीय एकीकृत सैन्य कमान का अभाव, आधुनिक हथियारों और संचार साधनों की कमी, तथा सुसंगत राजनीतिक दर्शन की अनुपस्थिति शामिल थी। इसके अलावा, देश का शिक्षित मध्यम वर्ग और अधिकांश बड़े रियासतों के शासकों (जैसे सिंधिया, होलकर और हैदराबाद के निजाम) ने इस विद्रोह का समर्थन करने के बजाय अंग्रेजों का साथ दिया था। इस ऐतिहासिक घटना के विस्तृत विश्लेषण के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

मध्यकालीन भारत के इतिहास में 'भक्ति और सूफी आंदोलन' के प्रसार, उनके दार्शनिक सिद्धांतों और प्रमुख संतों के योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण भारत के भक्ति आंदोलन के अग्रदूत माने जाने वाले आलवार (विष्णु के भक्त) और नयनार (शिव के भक्त) संतों ने अपनी रचनाओं और उपदेशों के माध्यम से तमिल भाषा को प्रतिष्ठा दिलाई तथा तत्कालीन कठोर जाति व्यवस्था और ब्राह्मणवादी वर्चस्व को कड़ी चुनौती दी थी। 2. उत्तर भारत में रामभक्ति धारा के प्रमुख संत रामानंद ने सामाजिक समावेशिता पर अभूतपूर्व बल देते हुए शूद्रों, अछूतों और महिलाओं को भी अपनी शिष्य परंपरा में दीक्षित किया था, और उनके प्रसिद्ध शिष्यों में कबीर, रैदास और सेना शामिल थे। 3. सूफी संतों का 'चिश्ती सिलसिला' संगीत, नृत्य और 'समां' के माध्यम से ईश्वर की आराधना में पूर्ण विश्वास रखता था, तथा भारत में इस सिलसिले के संस्थापक ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने अजमेर को अपना मुख्य केंद्र बनाया था। 4. सूफी संतों का 'सुहरावर्दी सिलसिला' राज्य के नियंत्रण और राजनीतिक सत्ता से पूर्ण अलगाव की नीति का कड़ाई से पालन करता था, जिसके तहत वे सुल्तानों के दरबार में जाने और उनसे किसी भी प्रकार की जागीर या वित्तीय सहायता लेने को वर्जित मानते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व संभाला और ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध ब्रिटिश रेजीडेंसी की घेराबंदी में सक्रिय रूप से भाग लिया। 2. 'डंका शाह' के नाम से प्रसिद्ध मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने फैजाबाद और रोहिलखंड क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध का संचालन किया तथा चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 3. ब्रिटिश दमन चक्र के दौरान बेगम हजरत महल ने आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें आजीवन कारावास के लिए अंडमान निकोबार (सेल्यूलर जेल) भेज दिया गया, जबकि अहमदुल्लाह शाह को अंग्रेजों ने लखनऊ में सार्वजनिक रूप से फाँसी पर लटका दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक संरचना और राजकोषीय प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार, केंद्रीय प्रशासन में राजा के पश्चात सर्वोच्च नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी 'तीर्थ' कहलाते थे, जिनकी कुल संख्या अट्ठारह थी; इनमें 'समाहर्त्ता' राजस्व के संग्रहण और आय-व्यय के मुख्य नियंत्रक के रूप में कार्य करता था, जबकि 'सन्निधातृ' राजकोष और कोषागार का मुख्य संरक्षक होता था। 2. अशोक के शिलालेखों और यूनानी विवरणों के अनुसार, मौर्य काल में प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत साम्राज्य को चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित किया गया था, जिनकी राजधानियाँ तक्षशिला, सुवर्णगिरि, उज्जैन और तोसली थीं, तथा इन प्रांतों का शासन सीधे सम्राट द्वारा नियुक्त अमत्यों (मंत्रियों) द्वारा चलाया जाता था, जिसमें राजवंश के राजकुमारों की नियुक्ति का कोई प्रावधान नहीं था। 3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार, पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन तीस सदस्यों की एक नगर परिषद द्वारा चलाया जाता था, जो छह समितियों में विभाजित थी और प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य होते थे; यह परिषद उद्योग-धंधों, विदेशी यात्रियों की देखरेख, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और कर-संग्रह (विक्रय मूल्य का दसवाँ भाग) जैसे कार्यों का निर्वहन करती थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? पानीपत का प्रथम युद्ध कब हुआ? भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन की पृष्ठभूमि में माउंटबेटन योजना (3 जून योजना) तथा उससे संबंधित घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माउंटबेटन योजना के तहत भारत के विभाजन और पाकिस्तान के सृजन के अतिरिक्त यह भी प्रावधान किया गया था कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें दो भागों (मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के प्रतिनिधि और गैर-मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के प्रतिनिधि) में होंगी, जो यह निर्णय लेंगी कि प्रांत का विभाजन किया जाए या नहीं। 2. इस योजना के अंतर्गत पूर्वोत्तर के असम प्रांत के सिलहट (Sylhet) जिले में जनमत संग्रह (Referendum) कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप सिलहट ने पाकिस्तान में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया। 3. माउंटबेटन योजना के क्रियान्वयन और सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण के लिए ब्रिटिश संसद में 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' प्रस्तुत किया गया, जिसके द्वारा 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन (Dominion) राष्ट्रों के सृजन की वैधानिक घोषणा की गई। 4. पंजाब और बंगाल की सीमाओं के निर्धारण के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 1947) से पूर्व ही अपनी सीमा रेखा का अंतिम प्रतिवेदन सार्वजनिक कर दिया था, जिससे दोनों नव-सृजित राष्ट्रों में किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.