BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
15 views

पानीपत का प्रथम युद्ध कब हुआ?

Detailed Explanation

बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच।
Share:

Related Questions

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थापित 'ग़दर पार्टी' और उससे जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग़दर पार्टी की स्थापना लाला हरदयाल, सोहन सिंह भाकना और रामचंद्र भारद्वाज के प्रयासों से की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश शासन को सशस्त्र क्रांति के माध्यम से उखाड़ फेंकना था और इसका साप्ताहिक पत्र 'ग़दर' उर्दू और पंजाबी के साथ-साथ गुजराती और पश्तो में भी प्रकाशित होता था। 2. कामागाटा मारू प्रकरण (1914), जो कि एक जापानी जापानी स्टीमर से संबंधित था, के यात्रियों को कनाडा में प्रवेश न दिए जाने और कलकत्ता (बज बज बंदरगाह) लौटने पर हुए संघर्ष के बाद, ग़दर पार्टी के नेताओं ने भारत में ब्रिटिश सेना के भीतर विद्रोह भड़काने (1915 की ग़दर योजना) का गंभीर प्रयास किया था। 3. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में गठित 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) ने समाजवादी आदर्शों को अपने क्रांतिकारी एजेंडे में शामिल किया और लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए जॉन सॉंडर्स की हत्या की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? मुगल काल में "अमल गुजार" नामक अधिकारी का मुख्य कार्य क्या था? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोही गतिविधियों के नेतृत्व, मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की स्थिति तथा विद्रोह के दमन से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेरठ से आए विद्रोही सिपाहियों द्वारा 11 मई 1857 को दिल्ली पर अधिकार करने के पश्चात वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, इस विद्रोह का 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया गया था। 2. दिल्ली में विद्रोहियों की वास्तविक सैन्य कमान और निर्णय लेने की शक्ति सम्राट बहादुर शाह जफर के हाथों में थी, जिन्होंने अत्यंत कुशल सैन्य रणनीति बनाते हुए ब्रिटिश सेनापति जॉन निकलसन को पहले ही चरण में पराजित कर दिया था। 3. सितम्बर 1857 में ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनः अधिकार करने के उपरांत हडसन (Hodson) ने हुमायूं के मकबरे से बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार किया तथा उनके दो पुत्रों और एक पौत्र को सरेआम गोली से उड़ा दिया था। 4. विद्रोह के दमन के पश्चात ब्रिटिश सरकार ने बहादुर शाह जफर पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया और उन्हें दोषी ठहराते हुए रंगून (मर्मा) निर्वासित कर दिया, जहाँ वर्ष 1862 में उनकी मृत्यु हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व व्यवस्थाओं (स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी) और उनके आर्थिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में वर्ष 1793 में लॉर्ड कार्नवालिस द्वारा लागू 'स्थाई बंदोबस्त' (Permanent Settlement) के अंतर्गत जमींदारों को भूमि का स्वामी मान लिया गया, किंतु कंपनी द्वारा भू-राजस्व की मांग को हमेशा के लिए निश्चित कर देने के कारण कृषि के आधुनिकीकरण में जमींदारों की रुचि समाप्त हो गई और 'सनसेट कानून' (Sunset Law) के तहत समय पर लगान न चुका पाने पर कई जमींदारों की संपत्तियां नीलाम कर दी गईं। 2. थॉमस मुनरो और कैप्टन रीड द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बंबई प्रेसीडेंसी में लागू 'रयतवारी व्यवस्था' में सरकार और किसान (रयत) के बीच सीधा अनुबंध होता था, जिसमें किसानों को मालिकाना हक तो प्राप्त हुआ, किंतु अत्यधिक ऊंची राजस्व दरों और अकाल या सूखे के समय भी लगान में छूट न मिलने के कारण किसान महाजनों और साहूकारों के कर्ज के जाल में फंसते चले गए। 3. उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब के कुछ हिस्सों में लागू 'महालवारी व्यवस्था' के अंतर्गत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसानों के आधार पर न करके पूरे ग्राम समुदाय या 'महाल' (गाँव या गाँवों के समूह) के साथ सामूहिक रूप से किया जाता था, और कर संग्रह की जिम्मेदारी मुख्य रूप से गाँव के मुखिया या लंबरदार को सौंपी जाती थी। 4. इन तीनों प्रमुख भू-राजस्व प्रणालियों के परिणामस्वरूप भारतीय कृषि का वाणिज्यीकरण (Commercialisation of Agriculture) हुआ, जिससे खाद्यान्न फसलों के स्थान पर कपास, जूट, नील और अफीम जैसी नकदी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा मिला, जिसने भारतीय किसानों को वैश्विक बाजार की मंदी और उतार-चढ़ाव के प्रति पूरी तरह सुरक्षित कर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? गुप्तकालीन राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त साम्राज्य में विकेंद्रीकरण की प्रवृत्ति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिसके अंतर्गत उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को नकद वेतन देने के स्थान पर 'भूमि अनुदान' (Land Grants) देने की प्रथा का बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ। 2. गुप्त प्रशासन में केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों को 'मंत्रिन्' कहा जाता था, जबकि प्रांतों (भुक्तियों) के प्रशासनिक प्रमुख को 'उपरिक' कहा जाता था, जिनकी नियुक्ति सीधे सम्राट द्वारा होती थी। 3. इस काल में भारत का पश्चिमी रोमन साम्राज्य के साथ होने वाला समुद्री व्यापार अपने चरम पर था, जिसके कारण सुदूर दक्षिण के बंदरगाहों (जैसे मुजिरीस) से भारी मात्रा में स्वर्ण सिक्कों का निर्यात किया गया था। 4. गुप्त शासकों द्वारा जारी किए गए स्वर्ण सिक्कों को 'दीनार' कहा जाता था, और फाह्यान के विवरण के अनुसार दैनिक लेन-देन और खुदरा बाजार में कौड़ियों का प्रयोग प्रमुखता से किया जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.