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History of India
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में, सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी द्वारा उठाए गए कदमों पर विचार कीजिए:
- 1. अलाउद्दीन खिलजी ने देश में पहली बार भूमि की पैमाइश (विश्वा) के आधार पर भू-राजस्व निर्धारित किया और खालसा भूमि का आकार बढ़ाते हुए बिस्वा प्रणाली को लागू किया, जिसमें कर की दर उपज का आधा (50 प्रतिशत) भाग तय की गई थी।
- 2. उसने सेना के आधुनिकीकरण और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए घोड़ों को दागने (दाग प्रथा) तथा सैनिकों के हुलिया का पंजीकरण करने की प्रणाली शुरू की, तथा बाजार नियंत्रण (मूल्य नियंत्रण) नीति लागू करने के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' नामक नए अधिकारियों की नियुक्ति की।
- 3. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में सबसे पहले किसानों पर लगने वाले सभी पुराने करों (जैसे गृह कर और चराई कर) को पूर्णतः माफ कर दिया और केवल कृषि उपज पर लगने वाले भू-राजस्व को ही एकमात्र कर के रूप में स्वीकार किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में पहली बार भूमि की वास्तविक पैमाइश करवाकर भू-राजस्व तय किया। उसने खालसा भूमि के विस्तार पर जोर दिया और उपज का 50% (आधा भाग) कर के रूप में वसूला। कथन 2 सही है: सेना में भ्रष्टाचार रोकने के लिए उसने 'दाग' और 'हुलिया' प्रथा शुरू की तथा बाजार नियंत्रण के सफल क्रियान्वयन के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' जैसे अधिकारियों की नियुक्ति की। कथन 3 गलत है: अलाउद्दीन खिलजी ने किसानों पर दो नए कर—'चराई कर' (दुधारू पशुओं पर) और 'घर कर' (मकानों और झोपड़ियों पर)—लगाए थे, न कि पुराने करों को माफ किया था। दिल्ली सल्तनत के इस कालखंड के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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औरंगजेब ने किस वर्ष बीजापुर (1686) और गोलकुंडा (1687) को मुगल साम्राज्य में मिलाया था?
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दिल्ली में 1857 के विद्रोह के नेतृत्व और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यद्यपि विद्रोही सिपाहियों ने बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट (शहंशाह-ए-हिंदुस्तान) घोषित कर दिया था, किंतु जफर की भूमिका मुख्य रूप से एक प्रतीकात्मक और अनिच्छुक केंद्रबिंदु की थी, जिन्हें सैनिकों द्वारा इस पद को स्वीकार करने के लिए विवश किया गया था।
2. दिल्ली में विद्रोहियों की वास्तविक सैन्य और प्रशासनिक कमान जनरल बख्त खान के हाथों में थी, जो बरेली से आने वाली विद्रोही सेना का नेतृत्व कर रहे थे और जिन्हें जफर द्वारा 'साहिब-ए-आलम बहादुर' की उपाधि प्रदान की गई थी।
3. दिल्ली पर पुन: अधिकार प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सेना ने सितंबर 1857 में कश्मीरी गेट पर भीषण आक्रमण किया, जिसमें ब्रिटिश अधिकारी जॉन निकलसन गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
4. हुमायूं के मकबरे से ब्रिटिश अधिकारी मेजर विलियम हडसन द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद बहादुर शाह जफर पर दिल्ली के लाल किले में मुकदमा चलाया गया और उन्हें निर्वासित कर रंगून भेज दिया गया, जहाँ वर्ष 1862 में उनकी मृत्यु हो गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 'नरम दल' और 'गरम दल' के वैचारिक संघर्ष, रणनीतियों तथा बंगाल विभाजन के उपरांत उत्पन्न राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजन के पीछे मुख्य वैचारिक मतभेद यह था कि गरम दल के नेता स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को केवल बंगाल तक सीमित रखना चाहते थे, जबकि नरम दल के नेता इसे पूरे देश में प्रसारित करना चाहते थे।
2. लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और विपिन चंद्र पाल (जिन्हें 'लाल-बाल-पाल' त्रिपुटी कहा जाता है) ने प्रशासनिक सुधारों के लिए ब्रिटिश न्यायप्रियता में विश्वास रखने की नरमपंथियों की 'भिक्षुक वृत्ति' (Mendicancy) की तीखी आलोचना की और पूर्ण स्वराज या आक्रामक राजनीतिक संघर्ष पर बल दिया।
3. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पहली बार 'स्वराज' (Self-Government) को अपने राजनीतिक लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया था, जिसे लेकर नरमपंथियों और उग्रवादियों के बीच तीखी तनातनी हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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नूरजहाँ के पिता गियास बेग को जहाँगीर ने कौन सी महत्वपूर्ण उपाधि दी थी?
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ग़दर पार्टी और उसके संस्थापकों द्वारा संचालित क्रांतिकारी गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थापित 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' (जिसे आगे चलकर ग़दर पार्टी के रूप में प्रसिद्धि मिली) के संस्थापक अध्यक्ष सोहन सिंह भकना थे, जबकि लाला हरदयाल इसके प्रमुख विचारक, प्रणेता और मार्गदर्शक के रूप में सक्रिय थे।
2. ग़दर पार्टी द्वारा निकाले जाने वाले साप्ताहिक समाचार पत्र 'ग़दर' का मुख्य पृष्ठ हमेशा 'अंग्रेजी राज का कच्चा चिट्ठा' शीर्षक के साथ छपता था, और यह अखबार अपनी स्थापना के समय से ही केवल गुरुमुखी और उर्दू लिपि में प्रकाशित होता था ताकि प्रवासियों तक आसानी से अपनी बात पहुँचाई जा सके।
3. प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ होने पर ग़दर पार्टी के नेताओं ने 'ग़दर पाक्षिक' के माध्यम से प्रवासी भारतीयों से अपील की कि वे ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह करने के लिए शीघ्र भारत लौटें, जिसे 'ग़दर षड्यंत्र' के नाम से भी जाना जाता है।
4. वर्ष 1915 में ब्रिटिश सरकार द्वारा लागू किए गए 'भारत रक्षा अधिनियम' (Defence of India Act) और कड़े खुफिया तंत्र के कारण ग़दर आंदोलन का यह सशस्त्र विद्रोह समय से पहले ही विफल हो गया था, जिसके फलस्वरुप कई प्रमुख क्रांतिकारियों पर प्रसिद्ध लाहौर षड्यंत्र मुकदमा चलाया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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