BaalVikas
Menu
History of India
Asked 2 months ago · Viewed 18 times

वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और सुभाष चंद्र बोस द्वारा संचालित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के ऐतिहासिक घटनाक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में 'समांतर सरकारों' (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी; जिनमें बलिया में चित्तू पाण्डू के नेतृत्व में, ताम्रलिप्त (बंगाल) में 'जातीय सरकार' के रूप में और सतारा में 'प्रती सरकार' (वाई.बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में) सबसे लंबे समय तक चलने वाली समांतर सरकारों में प्रमुख थीं।
  2. 2. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1943 में सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की और जापान के हस्तांतरण के पश्चात अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नियंत्रण प्राप्त कर क्रमशः उनका नाम 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा।
  3. 3. जापानी सेना के सहयोग से आगे बढ़ते हुए आज़ाद हिंद फौज की 'गांधी ब्रिगेड', 'सुभाष ब्रिगेड' और महिलाओं की टुकड़ी 'झाँसी की रानी रेजिमेंट' ने इम्फाल और कोहिमा के मोर्चों पर ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया, और इस संपूर्ण सैन्य अभियान के दौरान जापानी सेना ने INA को पूर्ण रणनीतिक स्वायत्तता प्रदान करते हुए कभी भी अपनी कमान के अधीन नहीं रखा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान बलिया, ताम्रलिप्त और सतारा में प्रभावी समांतर सरकारों की स्थापना की गई थी, जिसमें सतारा की 'प्रती सरकार' सबसे लंबी अवधि तक चली थी। कथन 2 सही है क्योंकि सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना की और जापानी नियंत्रण वाले अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को प्राप्त कर उनका नाम क्रमशः शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप रखा था। कथन 3 गलत है क्योंकि जापानी सेना ने आज़ाद हिंद फौज (INA) को पूर्ण रणनीतिक स्वायत्तता नहीं दी थी, बल्कि कई मौकों पर INA को जापानी सेना की कमान के अधीन और उनकी सामरिक प्राथमिकताओं के अनुसार ही कार्य करना पड़ा था। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Share:
अगला प्रश्न → दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास और विभिन्न राजवंशों के दौरान लागू की गई… ← पिछला प्रश्न ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व…

Related Questions

→ वर्ष 1857 के विद्रोह की प्रकृति, उसके कारणों और विभिन्न ब्रिटिश तथा भारतीय इतिहासकारों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध मतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रसिद्ध इतिहासकार सर जॉन लॉरेنس और सी.आर. सीले ने 1857 के विद्रोह को केवल एक 'सिपाही विद्रोह' (Sepoy Mutiny) करार दिया, जिसका उद्देश्य केवल सेना की व्यक्तिगत और व्यावसायिक ग्रीवांस (शिकायतों) का समाधान करना था, न कि कोई राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम। 2. वी.डी. सावरकर ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1857' में इस महान विद्रोह को सुनियोजित ढंग से लड़ा गया 'भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम' घोषित किया, जबकि अशोक मेहता ने इसे राष्ट्रीय विद्रोह माना। 3. इतिहासकार टी.आर. होम्स के अनुसार 1857 का यह विद्रोह 'सभ्यता और बर्बरता' के बीच का संघर्ष था, और जे.डब्लू. के (J.W. Kaye) ने इसे 'असंतोष की ज्वाला' कहा जो ब्रिटिश साम्राज्य के कुप्रशासन का परिणाम था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और उसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1857 के विद्रोह का तात्कालिक नेतृत्व करने वाले अधिकांश भारतीय शासकों और सामंतों (जैसे नाना साहेब, बेगम हजरत महल और खान बहादुर खान) के पास अपनी व्यक्तिगत रियासतों को बचाने की संकीर्ण और सीमित महत्वकांक्षा थी, जिसके कारण वे पूरे उपमहाद्वीप के स्तर पर अंग्रेजों के विरुद्ध कोई एकीकृत, दीर्घकालिक और अखिल भारतीय रणनीतिक दृष्टि विकसित नहीं कर सके। 2. दिल्ली में विद्रोहियों के औपचारिक नेता घोषित किए गए मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की अत्यधिक वृद्धावस्था, सैन्य नेतृत्व क्षमता का पूर्ण अभाव और उनके निकटवर्ती दरबारियों तथा राजकुमारों के बीच आपसी अंतर्द्वंद्व व समन्वय की कमी ने विद्रोह को कमजोर कर दिया। 3. शिक्षित भारतीय मध्यम वर्ग, बड़े व्यापारियों और आधुनिक पश्चिमी शिक्षा प्राप्त बुद्धिजीवियों ने 1857 के विद्रोह में बढ़-चढ़कर सक्रिय भागीदारी की तथा अंग्रेजों के खिलाफ इसे एक राष्ट्रीय और आधुनिक स्वतंत्रता संग्राम के रूप में वैचारिक समर्थन प्रदान किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → मध्यकालीन भारत के भक्ति और सूफी आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण भारत के अलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संतों ने भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से संस्कृत के उच्च वर्गीय एकाधिकार को चुनौती देते हुए स्थानीय तमिल भाषा को भक्ति प्रचार का मुख्य माध्यम बनाया। 2. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा भारत में स्थापित 'चिश्ती सिलसिले' ने राज्य की सत्ता से पूर्ण अलगाव और सख्त वैराग्य की नीति अपनाते हुए किसी भी प्रकार के राजकीय अनुदान, जागीर या उपहार को लेने से स्पष्ट इंकार कर दिया था, जबकि सुहरवर्दी सिलसिले ने राजाओं से आर्थिक सहायता स्वीकार की थी। 3. निर्गुण भक्ति धारा के महान संत कबीर ने जाति व्यवस्था, बाह्य आडंबरों और मूर्तिपूजा का कड़ा विरोध करते हुए हिन्दू और मुस्लिम दोनों संप्रदायों के रूढ़िवादी तत्वों पर तीखा प्रहार किया, और उनकी साखियों व पदों का मुख्य संकलन उनके शिष्य धर्मदास द्वारा 'बीजक' के रूप में किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और सुभाष चंद्र बोस द्वारा संचालित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों में 'समांतर सरकारों' (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी; जिनमें बलिया में चित्तू पाण्डू के नेतृत्व में, ताम्रलिप्त (बंगाल) में 'जातीय सरकार' के रूप में और सतारा में 'प्रती सरकार' (वाई.बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में) सबसे लंबे समय तक चलने वाली समांतर सरकारों में प्रमुख थीं। 2. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1943 में सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की और जापान के हस्तांतरण के पश्चात अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नियंत्रण प्राप्त कर क्रमशः उनका नाम 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा। 3. जापानी सेना के सहयोग से आगे बढ़ते हुए आज़ाद हिंद फौज की 'गांधी ब्रिगेड', 'सुभाष ब्रिगेड' और महिलाओं की टुकड़ी 'झाँसी की रानी रेजिमेंट' ने इम्फाल और कोहिमा के मोर्चों पर ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया, और इस संपूर्ण सैन्य अभियान के दौरान जापानी सेना ने INA को पूर्ण रणनीतिक स्वायत्तता प्रदान करते हुए अपनी कमान के अधीन कभी नहीं रखा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं? → महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.