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Indian Polity
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भारतीय संविधान की अनुसूचियों, राजभाषा के प्रावधानों और राजनीतिक दल-बदल विरोधी कानून के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संवैधानिक संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, किंतु इस अनुसूची में 'अंग्रेजी' और 'राजस्थानी' दोनों ही भाषाएं आधिकारिक रूप से शामिल नहीं हैं।
  2. 2. संविधान की दसवीं अनुसूची, जिसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था, के अंतर्गत यह प्रावधान है कि यदि किसी राजनीतिक दल के कम से कम दो-तिहाई (2/3) सदस्य किसी अन्य दल में विलय (Merger) कर लेते हैं, तो उन पर दल-बदल के आधार पर अयोग्यता लागू नहीं होगी।
  3. 3. संविधान की छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है, और इन राज्यों में स्वायत्त जिला परिषदों (Autonomous District Councils) के गठन तथा उनकी विधाई एवं न्यायिक शक्तियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, जिसके लिए राष्ट्रपति को इन क्षेत्रों की सीमाओं में परिवर्तन करने की अनन्य शक्ति प्राप्त है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान की आठवीं अनुसूची में 'राजस्थानी' भाषा को अभी तक शामिल नहीं किया गया है, किंतु 'अंग्रेजी' भाषा नागालैंड और मेघालय जैसे राज्यों की आधिकारिक भाषा होने के बावजूद इस अनुसूची में शामिल नहीं है; हालांकि, मेघालय और नागालैंड की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, पर आठवीं अनुसूची में अंग्रेजी का उल्लेख नहीं है। कथन 2 सत्य है क्योंकि 52वें संविधान संशोधन (1985) के द्वारा जोड़ी गई दसवीं अनुसूची में मूल रूप से दल-परिवर्तन को अयोग्यता का आधार बनाया गया था, परंतु 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि यदि किसी दल के कम से कम 2/3 सदस्य अन्य दल में विलय करते हैं तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। कथन 3 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त क्षेत्रों की सीमाओं को घटाने-बढ़ाने या नए क्षेत्र जोड़ने की शक्ति राज्यपाल को प्राप्त होती है, न कि सीधे राष्ट्रपति को (हालाँकि राज्यपाल राष्ट्रपति के अनुमोदन से ऐसा करता है, पर मूल अधिकार राज्यपाल के पास है)। अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विभिन्न अध्यायों का संदर्भ ले सकते हैं।
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संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'नागरिकता' (Citizenship) से संबंधित है? भारतीय संविधान के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों (अनुच्छेद 5-11) और नागरिकता अधिनियम, 1955 के संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 10 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति, जो भारत का नागरिक है या समझा जाता है, संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए ऐसी नागरिकता का निरंतर बना रहना सुनिश्चित करेगा, जिसका अर्थ है कि संसद को किसी नागरिक की नागरिकता को विधि बनाकर समाप्त करने या विनियमित करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है। 2. नागरिकता अधिनियम, 1955 में पहली बार व्यापक संशोधन नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 1986 के माध्यम से किया गया था, जिसके तहत 'जन्म द्वारा' (By Birth) नागरिकता प्राप्त करने के नियमों को कड़ा करते हुए यह अनिवार्य किया गया कि 1 जुलाई 1987 या उसके बाद भारत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के माता-पिता में से कम से कम एक व्यक्ति उस समय भारत का नागरिक होना चाहिए। 3. संविधान का अनुच्छेद 8 भारत के बाहर रहने वाले कुछ निश्चित भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) को नागरिकता के अधिकार प्रदान करता है, और इसके तहत स्वतः ही विदेशी भूमि पर जन्मे ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को भारत की मानद नागरिकता प्राप्त हो जाती है, बशर्ते वह संबंधित भारतीय राजनयिक मिशन में पंजीकरण कराने से न चूके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की अंतरिम कार्यप्रणाली तथा उसकी समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के गठन के लिए हुए चुनावों में ब्रिटिश प्रांतों की 296 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 208 सीटें और मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुई थीं, जबकि देसी रियासतें (Princely States) शुरुआत में इस निर्वाचन प्रक्रिया से अलग रहीं क्योंकि उनके प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा नामित किया जाना था न कि निर्वाचित होकर आना था। 2. संविधान सभा की कुल समितियों में संघीय संविधान समिति, प्रांतीय संविधान समिति और संचालन समिति जैसी प्रमुख समितियां शामिल थीं, जिनमें प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जबकि प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। 3. संविधान सभा द्वारा कुल 11 सत्रों (Sessions) में कार्य किया गया, और संविधान के प्रारूप (Draft) पर विचार करने के लिए कुल 114 दिनों तक बहस चली, तथा 26 नवंबर 1949 को जब संविधान को अंगीकृत किया गया, उस समय संविधान सभा के कुल 299 उपस्थित सदस्यों में से 284 सदस्यों ने इस पर अपने हस्ताक्षर किए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और संविधान में यह अनिवार्य किया गया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान केवल संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के माध्यम से ही संभव होगी, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना नहीं हटाया जा सकता। 2. दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने चुनाव सुधारों पर अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की थी कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों में सरकारी धन से वित्तपोषण (State Funding of Elections) किया जाना चाहिए, तथा इस समिति ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति के लिए एक कॉलेजियम व्यवस्था (जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों) का सुझाव भी दिया था। 3. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 के तहत 'भ्रष्ट आचरण' (Corrupt Practice) की परिभाषा में धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर वोट मांगना या शत्रुता की भावना को बढ़ावा देना शामिल है, और यदि किसी उम्मीदवार या उसके एजेंट द्वारा इस प्रकार का भ्रष्ट आचरण सिद्ध हो जाता है, तो संबंधित निर्वाचन को उच्च न्यायालय द्वारा शून्य घोषित किया जा सकता है और उस व्यक्ति को अधिकतम छह वर्ष की अवधि के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? राष्ट्रपति को पद की शपथ कौन दिलाता है?
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