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संवेगात्मक विकास
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत न्यूटन के गति के नियमों, संवेग संरक्षण के सिद्धांत और घर्षण बल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. न्यूटन का प्रथम गति नियम, जिसे 'जड़त्व का नियम' (Law of Inertia) भी कहा जाता है, बल की गुणात्मक परिभाषा प्रदान करता है, जबकि द्वितीय गति नियम बल के परिमाण का मात्रात्मक व्यंजक ($F = ma$) प्रदान करता है।
  2. 2. संवेग संरक्षण का सिद्धांत (Law of Conservation of Momentum) इस बात पर आधारित है कि यदि किसी निकाय पर कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य न कर रहा हो, तो उस निकाय का कुल रेखीय संवेग नियत (संरक्षित) रहता है, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण रॉकेट का प्रक्षेपण और बंदूक से गोली छोड़ने पर पीछे की ओर झटका लगना है।
  3. 3. स्थैतिक घर्षण (Static Friction) का अधिकतम मान सीमांत घर्षण कहलाता है, और यह संपर्क तलों की प्रकृति और अभिलंब प्रतिक्रिया बल पर निर्भर करता है, किंतु संपर्क तलों के क्षेत्रफल के बदलने से इसका मान परिवर्तित हो जाता है।
  4. 4. जब कोई वस्तु किसी तरल या गैस में गति करती है, तो तरल द्वारा उसकी गति का विरोध करने वाला बल 'श्यानता' (Viscosity) या श्यान बल कहलाता है, जिसका मान वस्तु के वेग, आकृति और तरल की प्रकृति पर निर्भर करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। न्यूटन का प्रथम नियम जड़त्व की परिभाषा और बल का गुणात्मक रूप देता है, जबकि द्वितीय नियम से $F=ma$ प्राप्त होता है। संवेग संरक्षण के सिद्धांत के अनुसार बाह्य बल की अनुपस्थिति में कुल संवेग संरक्षित रहता है (जैसे रॉकेट नोदन)। तरल में गति का विरोध करने वाला बल श्यानता कहलाता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि सीमांत घर्षण (या स्थैतिक घर्षण) संपर्क तलों के क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि केवल अभिलंब प्रतिक्रिया बल और सतह की प्रकृति पर निर्भर करता है। इस प्रकार के उच्च स्तरीय और वैचारिक प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।

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