भारत के गवर्नर जनरलों एवं वायसराय के कार्यकाल और उनके द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लॉर्ड विलियम बेंटिक के कार्यकाल में वर्ष 1833 का चार्टर अधिनियम पारित किया गया, जिसके द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया और इस पद को प्राप्त करने वाले लॉर्ड विलियम बेंटिक पहले व्यक्ति थे।
- 2. लॉर्ड डलहौजी ने 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सर्वप्रथम 1848 में सतारा रियासत का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया, तथा इसी के कार्यकाल में शिमला को अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना की गई।
- 3. लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में पारित 'वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट, 1878' का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करना था, जिससे बचने के लिए 'अमृत बाजार पत्रिका' रातों-रात अंग्रेजी भाषा में परिवर्तित हो गई थी।
- 4. लॉर्ड कर्ज़न द्वारा 1904 में पारित 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' का उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कम करना और उच्च शिक्षा में स्वायत्तता को बढ़ावा देना था, जिसके लिए सर थॉमस रैले की अध्यक्षता में एक विश्वविद्यालय आयोग का गठन किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) के समय 1833 के चार्टर एक्ट द्वारा उन्हें भारत का पहला गवर्नर-जनरल बनाया गया। लॉर्ड डलहौजी (1848-1856) ने 'व्यपगत का सिद्धांत' के तहत सबसे पहले सतारा (1848) को अंग्रेजी साम्राज्य में मिलाया, शिमला को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया और पीडब्ल्यूडी की स्थापना की। लॉर्ड लिटन (1876-1880) के काल में 1878 का वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट आया जिससे बचने हेतु अमृत बाजार पत्रिका अंग्रेजी में हो गई। वहीं, कथन 4 असत्य है क्योंकि लॉर्ड कर्ज़न द्वारा 1904 का विश्वविद्यालय अधिनियम विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को *कड़ा* करने और स्वायत्तता को घटाने के लिए लाया गया था, न कि बढ़ाने के लिए। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों और संपूर्ण पाठ्यक्रम की तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।