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BPSC TRE 4.0
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राष्ट्रीय खेल पुरस्कार और प्रतिष्ठित खेल सम्मानों के नवीनतम प्रावधानों और उनके इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, जिसे पूर्व में 'राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार' कहा जाता था, के तहत प्रदान की जाने वाली नकद पुरस्कार राशि को बढ़ाकर अब 25 लाख रुपये कर दिया गया है, और यह पुरस्कार पिछले चार वर्षों की अवधि में खेल के क्षेत्र में शानदार और सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।
- 2. द्रोणाचार्य पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1985 में की गई थी और यह केवल उन प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों (Coaches) को दिया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं (जैसे ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल) में पदक विजेता तैयार किए हों, तथा इसे 'लाइफटाइम' और 'नियमित' दोनों श्रेणियों में दिया जाता है।
- 3. अर्जुन पुरस्कार के अंतर्गत प्राप्तकर्ता को एक कांस्य प्रतिमा, अर्जुन का लोगो, औपचारिक पोशाक, प्रशस्ति पत्र और 15 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है, तथा इसे केवल उन्हीं खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने पिछले वर्ष में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो।
- 4. मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रदान की जाती है, और इसके तहत विजेता समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को एक शानदार शाश्वत ट्रॉफी के साथ-साथ खेल विकास के लिए 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (a) है क्योंकि कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 3 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि अर्जुन पुरस्कार के लिए पिछले चार वर्षों की निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, नेतृत्व, खेल भावना और अनुशासन को आधार बनाया जाता है, न कि केवल पिछले एक वर्ष के प्रदर्शन को। राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की विस्तृत तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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औपनिवेशिक काल में भारत में हुए विभिन्न किसान विद्रोहों एवं आंदोलनों तथा उनके प्रमुख नेताओं/क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल का 'पबना विद्रोह' (1873-76) मुख्य रूप से जमींदारों द्वारा मनमाने ढंग से लगान में अत्यधिक वृद्धि और रैयतों के कानूनी अधिकारों के हनन के विरुद्ध संगठित एक कानूनी एवं शांतिपूर्ण संघर्ष था, जिसमें ईशान चंद्र राय और शंभुपाल ने प्रमुख नेतृत्व प्रदान किया था।
2. वर्ष 1920-22 के दौरान उत्तर प्रदेश में चलाए गए 'एक आंदोलन' (एका आंदोलन) का मुख्य केंद्र हरदोई, बहराइच और सीतापुर थे, जिसका नेतृत्व मडारी पासी और सहदेव ने किया था, तथा यह आंदोलन उच्च लगान और जबरन वसूली जाने वाली 'बेगार' प्रथा के विरुद्ध था।
3. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1936 में लखनऊ में स्थापित 'अखिल भारतीय किसान सभा' के प्रथम अध्यक्ष स्वयं स्वामी सहजानंद सरस्वती थे, जबकि इसके प्रथम महासचिव (General Secretary) एन. जी. रंगा चुने गए थे, और इस सभा का मुख्य उद्देश्य जमींदारी प्रथा का पूर्ण उन्मूलन था।
4. मोपला विद्रोह (1921), जो केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ था, एक पूरी तरह से वामपंथी और आधुनिक किसान आंदोलन था, जिसे कांग्रेस और खिलाफत नेताओं ने शुरू किया था और इसका जमींदारों या ब्रिटिश शासन से कोई धार्मिक संघर्ष नहीं था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और संसद (लोकसभा एवं राज्य सभा) की विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी प्रस्ताव पर मतदान (Voting) करने का अधिकार नहीं होता है।
2. लोकसभा के स्थगन (Adjournment) और सत्रावसान (Prorogation) में यह अंतर है कि स्थगन पीठासीन अधिकारी द्वारा सदन की बैठक को कुछ समय या अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करता है, जबकि सत्रावसान राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है जिससे सदन का सत्र समाप्त हो जाता है और सत्रावसान होने पर लोकसभा में लंबित सभी विधेयक (Bills) स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसका विघटन नहीं होता है, और इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, तथा संविधान में राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल निश्चित नहीं किया गया है बल्कि यह संसद द्वारा विधि बनाकर तय किया जाता है।
4. धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, और यदि राज्य सभा इस पर अपनी सिफारिशें देने में 14 दिन की समयावधि से अधिक का विलंब करती है, तो उस विधेयक को दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित मान लिया जाता है जिस रूप में उसे लोकसभा ने पारित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत का महान्यायवादी जिसके द्वारा नियुक्त किया जाता है?
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