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BPSC TRE 4.0
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन तथा असहयोग आंदोलन (1920-22) के ऐतिहासिक घटनाक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) का मुख्य उद्देश्य क्रांतिकारी गतिविधियों का दमन करना था, जिसके तहत बिना किसी वारंट के गिरफ्तारी और बिना मुकदमे के संदेह के आधार पर दो साल तक नजरबंद रखने का प्रावधान था, और महात्मा गांधी ने इसके विरोध में 'रॉलेट सत्याग्रह' के लिए 'सहमति सभा' (Satyagraha Sabha) की स्थापना की थी।
- 2. अखिल भारतीय खिलाफत सम्मेलन का प्रथम ऐतिहासिक अधिवेशन नवंबर 1919 में दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता स्वयं महात्मा गांधी ने की थी, क्योंकि वे मुसलमानों को राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने का यह एक स्वर्णिम अवसर मान रहे थे।
- 3. 1 अगस्त 1920 को असहयोग आंदोलन की शुरुआत के ठीक उसी दिन देश के महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का निधन हो गया था, जिसके पश्चात उनके नाम पर 'तिलक स्वराज फंड' की स्थापना की गई और अल्प समय में ही एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की गई।
- 4. चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922) की हिंसक घटना के बाद महात्मा गांधी ने बारडोली में हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में असहयोग आंदोलन को अचानक और पूरी तरह वापस लेने की घोषणा की, जिससे क्षुब्ध होकर चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस से अलग होकर 'स्वराज पार्टी' का गठन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के सभी कथन (कथन 2 को छोड़कर) पूर्णतः सत्य हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि नवंबर 1919 में दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय खिलाफत सम्मेलन के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता महात्मा गांधी ने नहीं, बल्कि मौलाना हसरत मोहानी या फजल-উল-हक के प्रस्ताव पर **महात्मा गांधी** को इस आंदोलन का मार्गदर्शक चुना गया था, किंतु दिल्ली के उस प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता **फजल-उल-हक** (या कुछ स्रोतों में मौलाना अबुल कलाम आजाद) द्वारा की गई थी, हालाँकि गांधीजी इसके प्रमुख रणनीतिकार अवश्य थे। रॉलेट एक्ट, खिलाफत और असहयोग आंदोलन से जुड़े ऐसे ही गहन और विश्लेषणात्मक प्रश्नों के लिए हमारी बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा तैयारी श्रृंखला का अध्ययन करें।
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यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के भारत आगमन और उनकी प्रारंभिक स्थापनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में व्यापार करने वाली पहली यूरोपीय कंपनी पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी थी, और वर्ष 1503 में कोच्चि में पुर्तगालियों द्वारा भारत की पहली यूरोपीय फैक्ट्री (व्यापारी कोठी) की स्थापना की गई थी, जबकि उनकी दूसरी फैक्ट्री कन्नूर में स्थापित हुई थी।
2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (The Governor and Company of Merchants of London Trading into the East Indies) की स्थापना वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम के चार्टर द्वारा की गई थी, और इसने जहांगीर के शासनकाल में विलियम हॉकिंस के प्रयासों से वर्ष 1613 में सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित की थी।
3. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (Vereenigde Oostindische Compagnie - VOC) ने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टम में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, और बंगाल में हुगली तथा पटना में अपनी व्यापारिक कोठियों की स्थापना के माध्यम से उन्होंने भारतीय वस्त्र और सोरा (Saltpeter) के व्यापार पर प्रमुख नियंत्रण स्थापित किया था।
4. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना फ्रांसीसी मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से वर्ष 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, औरフランソワ कार्तों (François Caron) के नेतृत्व में फ्रांसीसियों ने वर्ष 1668 में सूरत में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, जबकि वर्ष 1674 में पांडिचेरी की स्थापना कर उसे अपना मुख्यालय बनाया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में अकबर के प्रशासन के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से गलत हैं?
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संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा मंत्रिस्तरीय 2025 के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से गलत हैं?
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बिहार की राजनीति एवं प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार विधान परिषद (Legislative Council) एक स्थायी सदन है, जिसका सृजन या उत्सादन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत संसद द्वारा संबंधित राज्य की विधानसभा के विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर किया जाता है।
2. बिहार के प्रशासनिक ढांचे में सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी 'मुख्य सचिव' (Chief Secretary) होता है, जो राज्य के मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रमुख होने के साथ-साथ सभी प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है।
3. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें उनके पद से हटाने की शक्ति केवल भारत के राष्ट्रपति के पास होती है, जो संविधान के अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के तहत निहित है।
4. जिला स्तर पर 'जिला मजिस्ट्रेट' (District Magistrate) के रूप में कार्य करते समय आईएएस अधिकारी कानून-व्यवस्था और राजस्व प्रशासन दोनों का नियंत्रण संभालता है, तथा इस पद का सृजन सर्वप्रथम लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में बंगाल प्रेसिडेंसी में किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान का अनुच्छेद 280 किससे संबंधित है?
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