त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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अकार्बनिक रसायन के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (Transition Metals) और उनके यौगिकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संक्रमण धातुएँ सामान्यतः परिवर्ती संयोजकता (Variable Valency) प्रदर्शित करती हैं क्योंकि इनके (n-1)d और ns कक्षकों की ऊर्जा में बहुत कम अंतर होता है, जिससे दोनों कक्षकों के इलेक्ट्रॉन बंधन निर्माण में भाग ले सकते हैं।
- 2. अधिकांश संक्रमण धातु आयन और उनके यौगिक जलीय विलयन में रंगीन (Coloured) होते हैं, जिसका मुख्य कारण d-d संक्रमण (d-d Transition) और आवेष्टन स्थानांतरण (Charge Transfer) स्पेक्ट्रा है।
- 3. जिंक (Zn), कैडमियम (Cd) और मरकरी (Hg) को औपचारिक रूप से डी-ब्लॉक (d-block) के अंतर्गत रखा गया है, किंतु इनके d-कक्षक पूर्णतः भरे होने के कारण ये संक्रमण तत्व (Transition Elements) की सभी विशेषताएँ प्रदर्शित नहीं करते हैं।
- 4. लैंथेनाइड आकुंचन (Lanthanide Contraction) का मुख्य कारण 4f कक्षकों का अत्यधिक प्रभावी परिरक्षण प्रभाव (Shielding Effect) है, जिसके कारण 5d और 6d श्रेणी के तत्वों की परमाणु त्रिज्याएँ 4d श्रेणी के तत्वों से काफी बड़ी हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के माध्यम से अकार्बनिक रसायन के संक्रमण तत्वों के गुणों का परीक्षण किया गया है। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। संक्रमण धातुएँ (जैसे आयरन, कॉपर आदि) (n-1)d और ns कक्षकों के ऊर्जा स्तरों में कम अंतर के कारण परिवर्ती संयोजकता दर्शाती हैं। अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के d-d संक्रमण के कारण इनके यौगिक रंगीन होते हैं। जिंक, कैडमियम और मर्करी (d¹⁰ इलेक्ट्रॉनिक विन्यास) के d-कक्षक पूर्णतः भरे होने के कारण संक्रमण तत्व की सटीक परिभाषा में पूरी तरह फिट नहीं बैठते। हालांकि, कथन 4 असत्य है क्योंकि लैंथेनाइड आकुंचन का कारण 4f कक्षकों का **दुर्बल** परिरक्षण प्रभाव (Poor Shielding Effect) है, न कि प्रभावी परिरक्षण, जिसके परिणामस्वरूप 5d श्रेणी के तत्वों की त्रिज्याएँ 4d श्रेणी के तत्वों के लगभग बराबर हो जाती हैं। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जाएँ।
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकार और भूकंपीय तरंगों के संचलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप के उद्गम बिंदु को 'फोकस' (Focus) या हाइपोसेंटर कहा जाता है, जो पृथ्वी के भीतर स्थित होता है, जबकि इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित बिंदु को 'अधिकरण' (Epicentre) कहा जाता है जहाँ सबसे पहले भूकंपीय तरंगें पहुँचती हैं।
2. प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों में गमन कर सकती हैं।
3. हवाई द्वीप पर पाया जाने वाला 'कििलाउएआ' (Kilauea) ज्वालामुखी ढाल (Shield) ज्वालामुखी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अत्यधिक तरल और कम चिपचिपे बेसिक लावा (Basaltic lava) के शांत उद्गार से निर्मित होता है।
4. विस्फोटे उद्गारों के आधार पर 'पेलियन तुल्य' (Peléean type) ज्वालामुखी उद्गार सबसे अधिक विनाशकारी और भयंकर माने जाते हैं, जिनमें अत्यधिक गाढ़ा लावा, ज्वलनशील गैसों के बादल और पाइरोक्लास्टिक पदार्थ तीव्र गति से बाहर निकलते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सौर मंडल और ब्रह्माण्ड की संरचना तथा खगोलीय पिंडों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हमारे सौर मंडल का अधिकांश द्रव्यमान और कोणीय संवेग सूर्य में निहित है, और सूर्य के भीतर ऊर्जा का उत्पादन मुख्य रूप से 'प्रोटॉन-प्रोटॉन श्रृंखला' (Proton-Proton Chain) नाभिकीय संलयन अभिक्रिया के माध्यम से होता है, जिसके अंतर्गत हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर हीलियम के एक नाभिक का निर्माण करते हैं।
2. क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, जहाँ 'सीरेस' (Ceres) सबसे बड़ा बोना ग्रह (Dwarf Planet) है, तथा यह बेल्ट गुरु ग्रह के शक्तिशाली ज्वारीय बलों के कारण एक बड़े ग्रह के रूप में समेकित होने से वंचित रह गई।
3. ओर्ट क्लाउड (Oort Cloud), जो सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले खगोलीय पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का मुख्य उद्गम स्थल माना जाता है, और यह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित है।
4. हबल स्पेस टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के डेटा के अनुसार, ब्रह्माण्ड का विस्तार (Expansion of the Universe) स्थिर गति से हो रहा है, जिसका मुख्य कारण 'डार्क मैटर' (Dark Matter) का आकर्षक बल है, जो आकाशगंगाओं को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संचित निधि के अलावा ऋण से संबंधित लेनदेन किसमें रखे जाते हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) तथा संसद के दोनों सदनों (राज्य सभा और लोकसभा) की विधायी एवं विशेषाधिकार संबंधी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों या उनकी किसी भी समिति की बैठकों में भाग लेने और बोलने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद की कार्यवाही में मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।
2. अनुच्छेद 105 के अनुसार संसद के सदस्यों को मिलने वाले सभी संसदीय विशेषाधिकार और उन्मुक्तियाँ महान्यायवादी को भी पूरी तरह से प्राप्त होती हैं, क्योंकि वह संसद के किसी सदन का निर्वाचित सदस्य होता है।
3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसे कभी भी भंग नहीं किया जा सकता, किंतु इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, और राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिसके चुनाव में राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं।
4. धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में लोकसभा की स्थिति राज्य सभा की तुलना में पूर्णतः अनन्य और सर्वोपरि होती है, और राज्य सभा किसी भी धन विधेयक को अपने पास अधिकतम 14 दिनों तक रोक सकती है, जिसके बाद यदि वह इसे वापस नहीं करती है, तो इसे दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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