BPSC TRE 4.0
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भारत में खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूगर्भिक अवस्थिति और उनके औद्योगिक महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. झारखंड का छोटा नागपुर पठार भारत का 'खनिज हृदयस्थल' कहलाता है, जहाँ धारवाड़ और आर्कियन क्रम की चट्टानों में लौह अयस्क, कोयला, अभ्रक और तांबा के विशाल भंडार पाए जाते हैं।
- 2. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला 'गोडवाना' युग का है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित है, और इसमें राख की मात्रा अधिक तथा सल्फर की मात्रा कम होती है।
- 3. राजस्थान का खेतरी क्षेत्र तांबे के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि गुजरात का अंकलेश्वर और असम का डिगबोई क्षेत्र पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक बेसिन हैं, जो टर्शरी (Tertiary) युग की अवसादी चट्टानों में पाए जाते हैं।
- 4. परमाणु ऊर्जा के लिए आवश्यक यूरेनियम के भंडार भारत में केवल झारखंड के सिंहभूम और राजस्थान के उदयपुर जिले तक ही सीमित हैं, तथा देश में थोरियम का सबसे बड़ा भंडार पश्चिमी तटीय क्षेत्रों की मोनोजाइट रेत में उपलब्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के सभी कथनों का विश्लेषण इस प्रकार है: कथन 1 सत्य है क्योंकि छोटा नागपुर का पठार भारत का खनिज भंडार गृह है जहाँ धारवाड़ और आर्कियन शैलों में प्रचुर खनिज मिलते हैं। कथन 2 सत्य है क्योंकि भारत का लगभग 98% कोयला गोडवाना क्रम का है जो दामोदर घाटी आदि में पाया जाता है और इसमें उच्च राख (ash) तथा निम्न सल्फर होती है। कथन 3 सत्य है क्योंकि खेतरी (तांबा) तथा अंकलेश्वर व डिगबोई (पेट्रोलियम) टर्शरी युग की अवसादी संरचनाओं से संबंधित हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि यूरेनियम के भंडार केवल झारखंड और राजस्थान तक सीमित नहीं हैं बल्कि आंध्र प्रदेश के तुम्मलापल्ली क्षेत्र में भी यूरेनियम के विशाल भंडार खोजे गए हैं। थोरियम मोनोजाइट रेत में केरल व तमिलनाडु के तटों पर प्रचुर मात्रा में है। इस प्रकार की उच्च स्तरीय तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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विश्व के विभिन्न महाद्वीपों, देशों, उनकी राजधानियों और उनकी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के दो स्थलारुद्ध (Landlocked) देश बोलीविया और पैराग्वे हैं, जिनकी सीमाएँ समुद्र से नहीं मिलती हैं, तथा बोलीविया की संवैधानिक राजधानी सुक्रे है जबकि प्रशासनिक राजधानी ला पाज़ है।
2. अफ्रीका महाद्वीप में स्थित 'हॉर्न ऑफ अफ्रीका' (Horn of Africa) क्षेत्र के अंतर्गत चार देश आते हैं - सोमालिया, इथियोपिया, जिबूती और इरिट्रिया, तथा इनमें से इरिट्रिया एक स्थलारुद्ध देश है जो लाल सागर तक पहुँच नहीं रखता है।
3. मध्य एशिया के सभी देश स्थलारुद्ध हैं, जिनमें कजाकिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा स्थलारुद्ध देश है, और इसकी नई राजधानी 'अस्ताना' (पूर्ववर्ती नूर-सुल्तान) इशिम नदी के तट पर स्थित है।
4. यूरोप महाद्वीप में स्थित 'डुरंड रेखा' (Durand Line) मुख्य रूप से जर्मनी और पोलैंड के बीच की अंतरराष्ट्रीय सीमा निर्धारित करती है, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात निर्धारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के विभिन्न स्रोतों, महत्वपूर्ण अनुच्छेदों, अनुसूचियों तथा नगरीय स्थानीय शासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान में 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) और 'व्यापार, वाणिज्य एवं समागम की स्वतंत्रता' के प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिए गए हैं, जबकि आपातकाल के दौरान मूल अधिकारों के स्थगन का प्रावधान जर्मनी के वीमर संविधान से लिया गया है।
2. संविधान की 11वीं और 12वीं अनुसूची को क्रमशः 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से जोड़ा गया था, जहाँ 11वीं अनुसूची में पंचायतों के लिए 29 कार्यात्मक विषयों का उल्लेख है, वहीं 12वीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के लिए 18 कार्यात्मक विषयों का प्रावधान किया गया है।
3. अनुच्छेद 243-ZJ के अंतर्गत सहकारिता समितियों के निदेशकों के बोर्ड में अधिकतम सदस्यों की संख्या 21 निर्धारित की गई है, तथा इसमें अनुसूचित जातियों/जनजातियों के लिए एक सीट और महिलाओं के लिए दो सीटें आरक्षित करना अनिवार्य किया गया है।
4. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-Q के अनुसार प्रत्येक राज्य में नगर पंचायत (ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों में परिवर्तित हो रहे क्षेत्रों के लिए), नगर परिषद (छोटे नगरीय क्षेत्रों के लिए) और नगर निगम (बड़े नगरीय क्षेत्रों के लिए) का गठन किया जाना अनिवार्य है, बशर्ते राज्यपाल द्वारा किसी औद्योगिक नगरी को इसके दायरे से मुक्त न किया गया हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia), कोणीय संवेग (Angular Momentum) तथा सरल आवर्त गति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दृढ़ पिंड का जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) केवल पिंड के द्रव्यमान और घूर्णन अक्ष से कणों की लंबवत दूरियों पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि घूर्णन अक्ष की स्थिति अंतरिक्ष में कहाँ और किस दिशा में है।
2. जब किसी घूर्णन करने वाले पिंड पर कोई बाह्य बल आघूर्ण (External Torque) शून्य हो, तो उसका कुल कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, जिसे 'कोणीय संवेग संरक्षण का नियम' कहते हैं, और इसी सिद्धांत के कारण जब कोई घूमती हुई बैले डांसर अपनी बाहों को शरीर के पास सिकोड़ लेती है, तो उसका कोणीय वेग बढ़ जाता है।
3. किसी सरल लोलक (Simple Pendulum) का आवर्तकाल उसके गोलक (Bob) के द्रव्यमान और आयाम पर निर्भर करता है, तथा यदि लोलक को पृथ्वी के केंद्र पर ले जाया जाए, तो प्रभावी गुरुत्वीय त्वरण शून्य होने के कारण उसका आवर्तकाल अनंत हो जाएगा।
4. किसी स्प्रिंग-द्रव्यमान निकाय की सरल आवर्त गति में, जब पिंड अपनी माध्य स्थिति (Mean Position) से गुजरता है, तो उसकी गतिज ऊर्जा अधिकतम और स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम (शून्य) होती है, जबकि कुल यांत्रिक ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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आनुवंशिकी (Genetics) और जैविक विकास के आधुनिक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के आधार पर वंशागति के नियमों का प्रतिपादन किया था, जिसमें 'स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम' (Law of Independent Assortment) इस बात पर आधारित है कि एक लक्षण के जीन दूसरे लक्षण के जीन की वंशागति को प्रभावित नहीं करते हैं, बशर्ते वे जीन अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित हों या उनके बीच पर्याप्त दूरी हो।
2. हार्डी-वेनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के सिद्धांत के अनुसार, एक आदर्श बड़ी आबादी में एलील (Allele) आवृत्तियाँ पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) और जीन प्रवास जैसे कारक कार्य न कर रहे हों।
3. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) के सिद्धांत को अगस्त वीजमैन (August Weismann) द्वारा अपने 'जर्मप्लासम सिद्धांत' (Germplasm Theory) के प्रयोगों द्वारा पूर्ण रूप से सही साबित कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने चूहों की पूंछ काटकर यह सिद्ध किया कि दैहिक कोशिकाओं के परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित होते हैं।
4. आनुवंशिक कूट (Genetic Code) की विशेषता यह है कि यह लगभग सार्वभौमिक (Universal) होता है और 'अप्राप्य' (Degenerate) होता है, जिसका अर्थ है कि एक से अधिक कोडॉन एक ही अमीनो अम्ल के लिए संकेत दे सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में भीम बांध वन्यजीव अभ्यारण्य किस जिले में है?
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सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में कितना समय लगता है?
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