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BPSC TRE 4.0
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केंद्रीय बजट एवं आर्थिक समीक्षा के हालिया आंकड़ों तथा वृहद आर्थिक संकेतकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. केंद्रीय बजट में वित्तीय वर्ष के लिए सकल राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) जीडीपी का एक निश्चित प्रतिशत अनुमानित किया जाता है, जिसके तहत सरकार का मध्यम अवधि का लक्ष्य इस घाटे को क्रमिक रूप से कम करके 4.5% से नीचे लाना है।
  2. 2. आर्थिक समीक्षा के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure - Capex) में लगातार वृद्धि की गई है, जिसका उद्देश्य दीर्घावधि में उत्पादक क्षमता का विस्तार करना और 'क्राउड-इन' (Crowd-in) प्रभाव के माध्यम से निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।
  3. 3. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में स्वर्ण, विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA), विशेष आहरण अधिकार (SDR) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास आरक्षित स्थिति शामिल होती है, जिसमें विदेशी मुद्रा आस्तियां सबसे बड़ा घटक है।
  4. 4. सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले 'अनुदान की मांगें' (Demands for Grants) संविधान के अनुच्छेद 112 के अंतर्गत लोकसभा में प्रस्तुत की जाती हैं, और इसमें रेलवे बजट को अलग से प्रस्तुत करने की पुरानी परंपरा को जारी रखते हुए एक पृथक दस्तावेज के रूप में संसद की स्वीकृति ली जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

केंद्रीय बजट और आर्थिक समीक्षा से संबंधित इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (a) है। कथन 1, 2 और 3 पूरी तरह सत्य हैं। सरकार का मध्यम अवधि का राजकोषीय समेकन (Fiscal Consolidation) लक्ष्य राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5% से नीचे लाना है। पूंजीगत व्यय से निजी निवेश को बढ़ावा मिलता है और विदेशी मुद्रा भंडार में एफसीए सबसे बड़ा घटक है। कथन 4 असत्य है क्योंकि वर्ष 2017 से रेलवे बजट को आम बजट में मिला दिया गया है और अब कोई पृथक रेलवे अनुदान मांग नहीं प्रस्तुत की जाती है। ऐसे ही महत्वपूर्ण अभ्‍यास प्रश्नों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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