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सुभाषचंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सुभाषचंद्र बोस ने वर्ष 1939 के त्रिपुरी कांग्रेस अधिवेशन में पट्टाभि सीतारमैया को पराजित कर कांग्रेस अध्यक्ष का पद प्राप्त किया था, परंतु वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने त्यागपत्र दे दिया और 'फॉरवर्ड ब्लॉक' (Forward Bloc) की स्थापना की।
- 2. जर्मनी में प्रवास के दौरान सुभाषचंद्र बोस ने 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की और 'रेडियो बर्लिन' से प्रसारण के माध्यम से भारतीयों को ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया, जहाँ उन्हें सर्वप्रथम 'नेताजी' की उपाधि से सम्मानित किया गया।
- 3. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा इंडियन इंडिपेंडेंस लीग और आजाद हिंद फौज (INA) की कमान औपचारिक रूप से सुभाषचंद्र बोस को सौंपी गई, जिन्होंने अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में ही 'आर्गा सरकार' (आजाद हिंद कीं अनंतिम सरकार) की स्थापना की घोषणा की।
- 4. आजाद हिंद फौज की कुल तीन प्रमुख लड़ाकू रेजीमेंट थीं—गांधी रेजीमेंट, नेहरू रेजीमेंट और मौलाना आजाद रेजीमेंट—तथा महिलाओं की एक अलग रेजीमेंट भी बनाई गई थी जिसका नाम 'रानी झांसी रेजीमेंट' रखा गया था जिसकी कमान कैप्टन लक्ष्मी सहगल के हाथों में थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि सुभाषचंद्र बोस ने 1939 के त्रिपुरी अधिवेशन में गांधी समर्थित उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैया को हराया था और बाद में फॉरवर्ड ब्लॉक बनाया। कथन 2 असत्य है क्योंकि सुभाषचंद्र बोस को 'नेताजी' की उपाधि जर्मनी में नहीं, बल्कि जर्मनी में उनके भारतीय सहयोगियों और एडॉल्फ हिटलर के जर्मन अधिकारियों द्वारा (मुख्य रूप से बर्लिन प्रवास के दौरान 'फ्री इंडिया सेंटर' में जर्मन और भारतीय अनुयायियों द्वारा) दी गई थी, लेकिन ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार यह उपाधि मुख्य रूप से जर्मन नागरिकों द्वारा दी गई थी; हालाँकि, अधिक सूक्ष्म दृष्टिकोण से यह समझना आवश्यक है कि कथन 2 में तकनीकी त्रुटि यह है कि उन्हें 'नेताजी' के रूप में जर्मनी में फ्री इंडिया सेंटर के सदस्यों द्वारा पुकारा गया था, लेकिन कई मानक स्रोतों में इसे रास बिहारी बोस या उनके अनुयायियों के संदर्भ में भी देखा जाता है। अधिक सटीक रूप से, कथन 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। सिंगापुर में रास बिहारी बोस ने आईएनए की कमान सौंपी थी और अक्टूबर 1943 में 'आर्गा-ए-हुकूमत-ए-आद हिन्द' की स्थापना हुई थी। रानी झांसी रेजीमेंट कैप्टन लक्ष्मी सहगल के नेतृत्व में थी। व्यापक अध्ययन के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जाएँ।
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विश्व की प्रमुख मानव प्रजातियों (Human Races) और उनके वर्गीकरण के संदर्भ में, ग्रिफिथ टेलर (Griffith Taylor) तथा ई.ए. हूटन (E.A. Hooton) द्वारा प्रस्तुत प्रजातीय वर्गीकरण के आधार पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफिथ टेलर के 'प्रवासन कटिबंध सिद्धांत' (Migration Zone Theory) के अनुसार, मानव जातियों की उत्पत्ति मध्य एशिया में हुई थी और जो प्रजातियाँ सबसे पहले उत्पन्न हुईं (जैसे निग्रिटो), वे प्रवास करते हुए सबसे बाहरी किनारों या द्वीपों तक पहुँच गईं, जबकि सबसे नवीन प्रजातियाँ (जैसे नॉर्डिक) उद्गम स्थल के सबसे करीब या केंद्रीय क्षेत्रों में ही रहीं।
2. ई.ए. हूटन ने मानव प्रजातियों को उनके शारीरिक लक्षणों (जैसे बालों की बनावट, नाक का सूचकांक, कपाल क्षमता और त्वचा का रंग) के आधार पर मुख्य रूप से तीन प्राथमिक महा-प्रजातियों—कॉकेसोइड, मंगोलॉइड और नेग्रोइड में वर्गीकृत किया है।
3. 'नॉर्डिक' (Nordic) प्रजाति के लोग मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम यूरोप के निवासी माने जाते हैं, जिनकी शारीरिक विशेषताएँ लंबा सिर (Dolichocephalic), लंबी नाक, नीली या हल्की आँखें और गोरा रंग होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, महाजनपद काल और मौर्यकालीन अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंग निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध एवं जैन ग्रंथ प्राचीन भारत के 'षोडश महाजनपदों' की व्यवस्थित सूची प्रदान करते हैं, जिनमें मगध के अतिरिक्त वज्जि संघ को एक गणतंत्रात्मक व्यवस्था के रूप में उल्लेखित किया गया है।
2. मौर्यकाल में 'अध्यक्ष' नामक अधिकारी विभिन्न विभागों के प्रमुख होते थे, जैसे कि 'सुवर्णध्यक्ष' स्वर्ण और टकसाल का अधिकारी था, तथा 'पण्यध्यक्ष' वाणिज्य और व्यापार पर नियंत्रण रखता था।
3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार मौर्य प्रशासन में कृषि और भूमि माप के लिए 'नोमोनोई' (Nomonomoi) नामक अधिकारियों का उल्लेख मिलता है, जो सिंचाई व्यवस्था और भू-राजस्व संग्रह का कार्य करते थे।
4. संगम काल के प्राचीन तमिल साहित्य (जैसे एट्टुतोगै और पाट्टुपाट्टू) में उरैयूर और मुसिरी जैसे बंदरगाहों का उल्लेख मिलता है, जो रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले अत्यधिक लाभदायक मलमल, मसाले और मोती के व्यापार के प्रमुख केंद्र थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) का मुख्य कार्य क्या है?
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मिट्टी का अध्ययन क्या कहलाता है?
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बिहार तथा भारत में कृषि उद्योग, व्यापार और उसके आधारभूत संरचना (Infrastructure) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाइयों योजना (PMKSY) के अंतर्गत 'हर खेत को पानी' घटक का मुख्य उद्देश्य कृषि योग्य क्षेत्रों का विस्तार करना, खेत पर जल उपयोग की दक्षता को बढ़ाना (More Crop per Drop) और जल संरक्षण की आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देना है।
2. बिहार के कृषि रोड मैप (विशेषकर कृषि रोड मैप IV, 2023-2028) में जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के साथ-साथ मक्का, मखाना, लीची और शहद जैसी विशिष्ट फसलों के लिए क्लस्टर आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) इकाइयों की स्थापना पर विशेष बल दिया गया है।
3. राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है जो कृषि जिंसों के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाने के उद्देश्य से देश की सभी विनियमित कृषि उपज बाजार समितियों (APMCs) को आपस में जोड़ता है, जिससे किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलती है।
4. 'प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना' (PMKSY) का मुख्य उद्देश्य कृषि-समुद्री प्रसंस्करण और विकास के समेकित छोरों का सृजन करना है, जिसके तहत कोल्ड चेन, मूल्य संवर्धन बुनियादी ढांचे और मेगा फूड पार्कों के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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