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BPSC TRE 4.0
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अखिल भारतीय किसान सभा (All India Kisan Sabha) के पहले अधिवेशन और 1930 के दशक के दौरान भारत में चले वामपंथी व किसान आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन की अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती ने की थी, जबकि इसके महासचिव (General Secretary) एन.जी. रंगा चुने गए थे।
- 2. 'बकाश्त भूमि' (Bakasht Land) आंदोलन मुख्य रूप से बिहार में जमींदारों द्वारा किसानों से छीनी गई उन जमीनों की वापसी के लिए चलाया गया था, जिन पर किसान बेदखल कर दिए गए थे लेकिन वे उसी भूमि पर बटाईदार के रूप में कार्य कर रहे थे।
- 3. वर्ष 1938 के हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन में किसानों के अधिकारों के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की थी और उन्होंने किसान सभाओं के साथ पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया था।
- 4. केरल के मलबार क्षेत्र में 'कादप्पूरम' और 'किराना' जैसे आंदोलनों का नेतृत्व कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी (CSP) के नेताओं जैसे ई.एम.एस. नम्बूदिरीपाद और पी. कृष्णा पिल्लाई द्वारा किया गया था, जिन्होंने किसानों को संगठित कर जन-आंदोलन खड़ा किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1936 में लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना हुई थी जिसके प्रथम अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती और महासचिव एन.जी. रंगा थे। बिहार में बकाश्त भूमि आंदोलन जमींदारी प्रथा के खिलाफ एक बड़ा संघर्ष था। मलबार क्षेत्र में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के नेताओं ने किसान आंदोलनों को संगठित किया था। वहीं, कथन 3 असत्य है क्योंकि 1938 के हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता सुभाष चंद्र बोस ने की थी, न कि जवाहरलाल नेहरू ने। ऐसी उच्च-स्तरीय तैयारी के लिए हमारे पोर्टल बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पर विजिट करें।
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बिहार की लोक कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मधुबनी पेंटिंग (जिसे मिथिला पेंटिंग भी कहा जाता है) की मुख्य रूप से पाँच प्रमुख शैलियाँ हैं - कचनी, भरनी, तांत्रिक, गोडवाना और कोबर, जिनमें प्राकृतिक रंगों और तूलिकाओं के स्थान पर बाँस की तीलियों व उंगलियों का प्रयोग किया जाता है।
2. 'मंजूषा कला' (Manjusha Art) को अंग प्रदेश (विशेषकर भागलपुर क्षेत्र) की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है, जिसे 'संगीतात्मक कला' भी कहा जाता है क्योंकि इसमें मुख्य रूप से विषहर (महासांप) की कथा और बिहुला-विषहरी की गाथाओं का चित्रांकन सिल्क के कपड़ों या बक्से पर किया जाता है।
3. बिहार का प्रसिद्ध लोक पर्व 'छठ पूजा' कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाने वाला एक सूर्योपासना का महापर्व है, जिसकी अनूठी परंपरा ऋग्वैदिक काल से जुड़ी हुई है और इसमें प्रकृति संरक्षण का संदेश मिलता है।
4. पटना कलम शैली (Patna School of Painting) मुगल शैली और ब्रिटिश शैली का एक सुंदर मिश्रण है, जिसके प्रमुख चित्रकारों में सेवक राम और महालाल जैसे कलाकारों का नाम लिया जाता है, और इसमें मुख्य रूप से राजा-दरबारों के भव्य दृश्यों के बजाय सामान्य जन-जीवन और बाजार के दृश्यों को चित्रित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के अपवाह तंत्र, प्रमुख घाटियों, प्रपातों और झीलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की अधिकांश नदियाँ हिमालयी क्षेत्र या प्रायद्वीपीय पठार से निकलकर गंगा नदी में मिलती हैं, जिसमें 'कोसी नदी' अपने मार्ग परिवर्तन और भारी मात्रा में गाद (Silt) जमा करने के कारण 'बिहार का शोक' कहलाती है, जबकि 'सोन नदी' अमरकंटक पठार से निकलकर पटना के समीप मनेर में गंगा में मिलती है।
2. रोहतास जिले के पठारी भाग में कैमूर की पहाड़ियों के बीच ककोलत जलप्रपात अवस्थित है, जो राज्य का सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक प्रपात है और इसका जल गर्मियों में भी अत्यंत ठंडा रहता है।
3. बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित 'कावर झील' (Kanwar Lake) एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की गोखुर (Oxbow) झीलों में से एक है, जिसे रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता दी गई है और यह प्रवासी पक्षियों का एक प्रमुख आश्रय स्थल है।
4. चंपारण क्षेत्र में सोमेश्वर श्रेणी की पहाड़ियों के बीच स्थित 'हरहा नदी' की घाटी एक संकीर्ण अनुदैर्ध्य घाटी (Longitudinal Valley) का निर्माण करती है, जो राज्य के उत्तर-पश्चिमी छोर की भू-आकृतिक विशेषता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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दूध का सफेद रंग किसकी उपस्थिति के कारण होता है?
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प्रकाश के अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और उसका आपतन कोण क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में पूर्ण रूप से परावर्तित हो जाता है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।
2. हीरा (Diamond) का चमकना, रेगिस्तान में मरीचिका (Mirage) का दिखाई देना और ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fibre) का कार्य करना पूर्ण आंतरिक परावर्तन के प्रमुख व्यावहारिक उदाहरण हैं।
3. तारों का टिमटिमाना (Twinkling of stars) प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन का सबसे बेहतरीन उदाहरण है, क्योंकि वायुमंडलीय परतों के घनत्व में लगातार परिवर्तन के कारण प्रकाश की किरणें बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचती हैं।
4. अपवर्तन के नियम (स्नेल का नियम) के अनुसार, आपतन कोण की ज्या (Sine of angle of incidence) और अपवर्तन कोण की ज्या (Sine of angle of refraction) का अनुपात एक नियतांक होता है, जो दोनों माध्यमों के युग्म के लिए और प्रयुक्त प्रकाश के रंग (तरंगदैर्ध्य) के लिए भी भिन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, किंतु संसद को विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों के लिए या किसी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही उच्च न्यायालय स्थापित करने की शक्ति प्राप्त है (जैसे सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा प्रावधानित)।
2. किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया वही है जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की है, जिसके लिए संसद के प्रत्येक सदन द्वारा अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से समर्थित समावेदन राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।
3. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श किए बिना और लोक सेवा आयोग की सीधी अनुशंसा पर की जाती है।
4. संघ राज्य क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने या किसी संघ राज्य क्षेत्र को किसी राज्य के उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अधीन लाने की शक्ति संसद के पास अनुच्छेद 241 के अंतर्गत निहित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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