त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
9 views
भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, किंतु संसद को विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों के लिए या किसी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही उच्च न्यायालय स्थापित करने की शक्ति प्राप्त है (जैसे सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा प्रावधानित)।
- 2. किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया वही है जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की है, जिसके लिए संसद के प्रत्येक सदन द्वारा अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से समर्थित समावेदन राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।
- 3. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श किए बिना और लोक सेवा आयोग की सीधी अनुशंसा पर की जाती है।
- 4. संघ राज्य क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने या किसी संघ राज्य क्षेत्र को किसी राज्य के उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अधीन लाने की शक्ति संसद के पास अनुच्छेद 241 के अंतर्गत निहित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होता है, और संसद को यह अधिकार है कि वह दो या अधिक राज्यों या संघ राज्य क्षेत्रों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय स्थापित कर सके। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया (अनुच्छेद 217 और 124(4)) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही महाभियोग जैसी कठोर प्रक्रिया के माध्यम से होती है। अनुच्छेद 241 संसद को संघ राज्य क्षेत्रों के संबंध में उच्च न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र को विस्तारित या सीमित करने की शक्ति देता है। इसके विपरीत, कथन 3 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 233 के अनुसार जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा संबंधित राज्य के **उच्च न्यायालय से परामर्श करके** की जाती है, न कि बिना परामर्श के। अधिक अभ्यास के लिए हमारी वेबसाइट बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पर विजिट करें।
Related Questions
→
भारतीय संविधान के विभिन्न स्रोतों, महत्वपूर्ण अनुच्छेदों, अनुसूचियों तथा शहरी स्थानीय स्वशासन (नगरीकरण) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान में 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) का प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है, किंतु संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक है, तो संसद समवर्ती सूची के विषयों पर भी पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए विधि बना सकती है।
2. संविधान की 12वीं अनुसूची, जिसे 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था, नगरपालिकाओं की शक्तियों, प्राधिकार और उत्तरदायित्वों से संबंधित है, तथा इसके अंतर्गत नगर निकायों की कार्यक्षमता के लिए कुल 18 कार्यात्मक विषय (Functional Items) निर्धारित किए गए हैं।
3. अनुच्छेद 243-W के अंतर्गत महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee) के गठन का प्रावधान किया गया है, जिसके सदस्यों में से कम से कम एक-तिहाई सदस्य उस महानगर क्षेत्र में स्थित नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाते हैं।
4. संविधान के अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन की प्रक्रिया दक्षिण अफ्रीका के संविधान से प्रेरित है, और यदि कोई संशोधन संघीय ढांचा या न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है, तो उसे संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) मिलना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
जीव जगत के जैविक वर्गीकरण (Biological Classification) और विशेष रूप से 'मोनेरा जगत' (Kingdom Monera) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मोनेरा जगत के सभी जीव प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) होते हैं, जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक (True Nucleus) और झिल्लीबद्ध कोशिकांग (Membrane-bound organelles) का अभाव होता है, किंतु इनका आनुवंशिक पदार्थ कोशिका द्रव्य में बिना केंद्रक आवरण के बिखरा रहता है जिसे न्यूक्लियोइड (Nucleoid) कहा जाता है।
2. साइनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria), जिन्हें नील-हरित शैवाल भी कहा जाता है, मोनेरा जगत के अंतर्गत आते हैं और इनमें प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल-ए पाया जाता है, तथा कुछ विशिष्ट जातियाँ वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करने में सक्षम होती हैं।
3. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) पादप जगत के सबसे छोटे ज्ञात जीव हैं, जिनमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) पाई जाती है और वे बिना ऑक्सीजन के जीवित नहीं रह सकते, जिसके कारण इन्हें 'पादप जगत का जोーカー' भी कहा जाता है।
4. आर्कीबैक्टीरिया (Archaebacteria) अत्यंत विषम और प्रतिकूल वातावरणीय परिस्थितियों (जैसे अत्यधिक गर्म झरने, उच्च लवणीय क्षेत्र और दलदली स्थानों) में जीवित रहने के लिए अनुकूलित होते हैं, क्योंकि इनकी कोशिका भित्ति की रासायनिक संरचना सामान्य बैक्टीरिया से भिन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
“नीति एनसीईआर स्टेटस इकोनॉमिक फोरम” पोर्टल के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
→
छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' की राजनीतिक संरचना, उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा बौद्ध एवं जैन साहित्यों में उनके उल्लिखित विवरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे प्राचीन ग्रंथों में छःवीं शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की स्पष्ट सूची मिलती है, जिनमें 'अमक' (अस्मक) एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी घाटी के क्षेत्र में नर्मदा और गोदावरी के बीच स्थित था और यह सभी महाजनपदों में दक्षिणतम रूप से अवस्थित था।
2. वज्जी संघ (Vajjika League) आठ कुलों का एक संघ था, जिसमें 'लिच्छवी' सबसे शक्तिशाली कुल था, और इसकी राजधानी वैशाली थी, जो प्राचीन विश्व के सबसे शुरुआती गणतंत्रों (Republics) में से एक का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
3. उत्तर प्रदेश के आधुनिक क्षेत्रों में स्थित 'मल्ल महाजनपद' की दो मुख्य राजधानियाँ थीं- कुशीनगर (कुशीनारा) और पावा, और इसी मल्ल राज्य के पावा नामक स्थान पर भगवान महावीर को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था।
4. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशंबी थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था, और इस महाजनपद के राजा उदयन (उदयीन) ने बुद्ध के प्रभाव से बौद्ध धर्म को राजकीय संरक्षण प्रदान किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय मानसून की उत्पत्ति, उसकी क्रियाविधि तथा बिहार में होने वाली मानसूनी वर्षा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'बंगाल की खाड़ी की शाखा' जब उत्तर-पूर्वी भारत से आगे बढ़ती है, तो हिमालयी बाधा और पूर्वी हवाओं के प्रभाव के कारण यह पश्चिम की ओर मुड़कर बिहार के मैदानी भागों में भारी वर्षा करती है, जिससे राज्य में पूर्व से पश्चिम की ओर जाने पर वर्षा की मात्रा में सामान्यतः कमी आती है।
2. अल-निनो (El Nino) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी तट (पेरू के पास) पर सतही जल का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर वायुदाब की स्थिति कमजोर हो जाती है और सामान्यतः भारत तथा बिहार में मानसून की वर्षा में नकारात्मक प्रभाव (अवृष्टि या सूखा) देखने को मिलता है।
3. बिहार में मानसून का आगमन सामान्यतः जून के दूसरे सप्ताह (लगभग 10 से 15 जून के मध्य) में पूर्णिया और भागलपुर के रास्ते होता है, और राज्य में होने वाली कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 80% से 85% भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि (जून से सितंबर) के दौरान ही प्राप्त होता है।
4. 'मैथ्यू-हर्बर्ट' या 'मैडन-जूलियन दोलन' (MJO) जैसी उष्णकटिबंधीय घटनाएँ भारतीय मानसून को प्रभावित नहीं करती हैं, क्योंकि मानसूनी वर्षा पूरी तरह से केवल स्थानीय तापीय चक्रवातों और तिब्बत के पठार के गर्म होने पर ही निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.