शिक्षा आयोग, समितियाँ एवं नीतियाँ
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित समितियों और आयोगों तथा उनके मुख्य योगदानों पर विचार कीजिए:
- 1. राधाकृष्णन आयोग (1948-49), जिसे विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग भी कहा जाता है, ने उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग' (UGC) के गठन की सिफारिश की थी।
- 2. मुदलियार आयोग (1952-53), जिसे माध्यमिक शिक्षा आयोग के रूप में जाना जाता है, ने माध्यमिक स्तर पर बहुउद्देशीय विद्यालयों (Multipurpose Schools) की स्थापना और उच्च माध्यमिक पाठ्यक्रम में विविधता लाने पर बल दिया था।
- 3. कोठारी आयोग (1964-66), जिसकी अध्यक्षता डॉ. डी.एस. कोठारी ने की थी, ने देश में '10+2+3' शिक्षा संरचना का सुझाव दिया और जीडीपी का कम से कम 6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करने की बात कही थी।
- 4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP, 1986) ने 'ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड' योजना की शुरुआत की थी जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक भौतिक सुविधाओं और शिक्षण उपकरणों को सुलभ कराना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। आज़ादी के बाद भारत में शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न आयोगों और नीतियों का गठन किया गया था। राधाकृष्णन आयोग (1948-49) की संस्तुति पर ही बाद में यूजीसी की स्थापना हुई। मुदलियार आयोग ने माध्यमिक शिक्षा के पुनर्गठन की बात कही। कोठारी आयोग (शिक्षा आयोग 1964-66) ने पूरे देश के लिए समान '10+2+3' शैक्षिक ढांचा तैयार किया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 ने प्राथमिक विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 'ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड' चलाया। अधिक तैयारी और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और औपनिवेशिक कालीन शैक्षिक नीतियों के संदर्भ…
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और 'अधिकार अधिनियम (RPwD Act 2016)' के प्रावधानों तथा 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय संवेदी, शारीरिक, बौद्धिक या बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities) से ग्रस्त बच्चों को सामान्य बालकों के साथ मुख्यधारा की शिक्षा में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यचर्या में लचीलापन, सुगम्यता (Accessibility) और सहायक तकनीकी (Assistive Technology) का उपयोग करता है, तो समावेशी शिक्षाशास्त्र के इन तात्विक एवं वैधानिक मानदंडों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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निम्नलिखित में से कौन सी अवस्था 'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता' (FLN) के लिए महत्वपूर्ण है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के बहु-साधन, प्रस्तुतीकरण के बहु-साधन, और अभिव्यक्ति के बहु-साधन—का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) सहित सभी विद्यार्थियों के लिए अधिगम वातावरण का निर्माण करता है, तो UDL के इन सिद्धांतों और 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP 2020) के प्रावधानों के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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भारत सरकार द्वारा संचालित 'राष्ट्रीय योजनाएँ एवं नीतियाँ' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत मैदानी क्षेत्रों में मकान निर्माण के लिए वित्तीय सहायता को बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये तथा पहाड़ी व कठिन क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये कर दिया गया है, और इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2024 तक 'सभी के लिए आवास' के लक्ष्य को प्राप्त करना था।
2. 'जल जीवन मिशन' (JJM) के अंतर्गत वर्ष 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को हर घर नल से जल (Functional Household Tap Connection - FHTC) उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 55 लीटर पीने योग्य पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है।
3. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत संचालित 'आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (AB-PMJAY) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो देश के लगभग 50% गरीब और कमज़ोर परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए प्रदान करती है।
4. 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP) 2020 के तहत स्कूली शिक्षा की पुरानी 10+2 संरचना को पूरी तरह से समाप्त करके एक नए 5+3+3+4 पाठ्यचर्या संबंधी ढांचे में बदल दिया गया है, जिसमें 3 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को शामिल किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन एवं आधुनिक भारत में शिक्षा के विकास, प्रमुख आयोगों और उसकी संस्थागत प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वुड का प्रेषण (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की थी तथा प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा के क्रमिक विकास पर बल दिया था।
2. वर्ष 1882 में नियुक्त हंटर शिक्षा आयोग (Hunter Commission) ने मुख्य रूप से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा की तथा प्राथमिक शिक्षा के नियंत्रण और प्रबंधन को स्थानीय निकायों (District and Municipal Boards) को सौंपने की सिफारिश की थी।
3. लॉर्ड कर्जन के शासनकाल में वर्ष 1902 में थॉमस रैले की अध्यक्षता में गठित 'रैले आयोग' की सिफारिशों के आधार पर 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904' पारित किया गया, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना और सीनेट के सदस्यों की संख्या को कम करना था।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जिसे युद्धोत्तर शिक्षा विकास की केंद्रीय योजना कहा जाता है, ने भारत में 6 से 11 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा था, जिसे 40 वर्षों के भीतर लागू करने की परिकल्पना की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और औपनिवेशिक शिक्षा नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 के 'वुड के डिस्पैच' (Wood's Despatch) को भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है, जिसके तहत लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की गई थी और महिला शिक्षा पर विशेष बल दिया गया था।
2. लॉर्ड कर्zan के शासनकाल में पारित 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904' का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना और सीनेट के सदस्यों की संख्या को कम करके उसमें सरकारी नामांकित सदस्यों का बहुमत स्थापित करना था।
3. वर्ष 1917-19 में गठित 'सैडलर विश्वविद्यालय आयोग' (Calcutta University Commission) ने माध्यमिक शिक्षा के सुधार के बाद इंटरमीडिएट कक्षाओं को विश्वविद्यालयों से अलग करने और स्कूली शिक्षा को 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी।
4. वर्धा योजना (Wardha Scheme of Basic Education, 1937), जिसे जाकिर हुसैन समिति द्वारा तैयार किया गया था, उसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी माध्यम से उच्च शिक्षा प्रदान करना और औद्योगिक तकनीकी प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और विभिन्न आयोगों तथा अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1882 में नियुक्त 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) ने प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और उसके स्थानीय निकायों को सौंपे जाने की सिफारिश की थी, साथ ही माध्यमिक शिक्षा के दो स्पष्ट मार्ग (साहित्यिक शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा) सुझाए थे।
2. वर्ष 1902 में लॉर्ड कर्ज़न द्वारा नियुक्त 'रैले आयोग' (Raleigh Commission) का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्थिति की जाँच करना था, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया गया, जिसने सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी और सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया।
3. वर्ष 1917-19 में गठित 'सैडलर आयोग' (Sadler Commission), जिसे कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग भी कहा जाता है, ने स्कूली शिक्षा की अवधि 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी और विश्वविद्यालयों को प्रशासनिक स्वतंत्रता देने के साथ-साथ स्नातक स्तर पर 'पास' और 'ऑनर्स' पाठ्यक्रमों को अलग करने की वकालत की थी।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 18 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और ऐतिहासिक अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 के 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बंबई और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी और जन-शिक्षा के प्रसार का दायित्व सरकार पर सौंपा था।
2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण जिला और नगरपालिका बोर्डों (स्थानीय निकायों) को सौंपने की सिफारिश की थी।
3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' के तहत विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया गया, सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी गई और गवर्नर-जनरल को विश्वविद्यालयों के सीनेट द्वारा बनाए गए नियमों पर वीटो करने का अधिकार दिया गया।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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