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BPSC TRE 4.0
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भारत में खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों के भौगोलिक वितरण, उनकी अवस्थिति और उनसे जुड़े औद्योगिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत का 'छोटा नागपुर का पठार' खनिज संसाधनों की प्रचुरता के कारण 'भारत का रूर' (Ruhr of India) कहलाता है, जहाँ देश के कुल कोकिंग कोयला, अभ्रक, तांबा, लौह अयस्क और बॉक्साइट का विशाल भंडार संकेंद्रित है।
- 2. देश में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) उत्पादक क्षेत्र 'मुंबई हाई' (Mumbai High) है, जिसकी खोज वर्ष 1974 में की गई थी, और यह खंभात की खाड़ी के दक्षिण में अरब सागर के महाद्वीपीय मग्नतट पर स्थित है।
- 3. परमाणु ऊर्जा के विकास के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' का उत्पादन झारखंड के जादूगोड़ा के अलावा हाल ही में आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ले क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर खोजा गया है, जो विश्व के सबसे बड़े यूरेनियम भंडारों में से एक माना जाता है।
- 4. भारत में सौर ऊर्जा क्षमता के विकास के संबंध में 'राष्ट्रीय सौर मिशन' के तहत राजस्थान के 'भादला सोलर पार्क' (Bhadla Solar Park) को विश्व का सबसे बड़ा संचालित सौर पार्क घोषित किया गया है, जो थार मरुस्थल की अत्यधिक शुष्क और धूप वाली जलवायु का उपयोग करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। छोटा नागपुर का पठार भारत का प्रमुख खनिज हृदयस्थल है। मुंबई हाई खंभात की खाड़ी के दक्षिण में अरब सागर में स्थित है। जादूगोड़ा और तुमलापल्ले यूरेनियम के लिए प्रमुख भंडार हैं, और राजस्थान का भादला सोलर पार्क विश्व का सबसे बड़ा संचालित सौर पार्क है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संशोधन अधिनियमों तथा सहकारी समितियों के संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 73वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया तथा इसके तहत अनुच्छेद 243G के अंतर्गत ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के अधिकार, प्राधिकार और उत्तरदायित्व से संबंधित कुल 29 कार्यकारी विषयों का उल्लेख किया गया है, जिसके क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम स्तर, मध्यवर्ती स्तर और जिला स्तर) का गठन अनिवार्य किया गया है।
2. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया तथा इसके तहत बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत कुल 18 विषयों को शामिल किया गया है, जिसमें नगरपालिकाओं के तीन प्रकार—नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम—गठित किए जाने का प्रावधान है।
3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा देश में सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया, जिसके तहत संविधान के भाग IX-B (अनुच्छेद 243ZH से 243ZT) को जोड़ा गया, तथा अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत सहकारी समितियां बनाने के अधिकार को एक मौलिक अधिकार बना दिया गया।
4. पंचायती राज संस्थाओं, नगरपालिकाओं और सहकारी समितियों के वित्तीय पुनरावलोकन तथा उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए प्रत्येक राज्य में राज्यपाल द्वारा प्रत्येक पाँच वर्ष पर एक 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) के गठन का संवैधानिक प्रावधान किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) तथा संसद (लोकसभा एवं राज्य सभा) की विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी विधेयक या प्रस्ताव पर मतदान (Voting) करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
2. लोक सभा और राज्य सभा के संयुक्त अधिवेशन (Joint Sitting) की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और यदि लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों अनुपस्थित हों, तो संयुक्त बैठक की अध्यक्षता राज्य सभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) द्वारा की जाती है।
3. कोई भी धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित किया जा सकता है, और लोकसभा द्वारा पारित होने के पश्चात जब वह राज्य सभा में भेजा जाता है, तो राज्य सभा को उसे अधिकतम 14 दिनों तक रोकने का अधिकार होता है, जिसके भीतर राज्य सभा को अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के विधेयक वापस करना होता है।
4. संसद के किसी भी सदन की बैठक के गठन के लिए आवश्यक गणपूर्ति (Quorum) कुल सदस्यों का दसवां हिस्सा (1/10th) होती है, और यदि किसी समय सदन में गणपूर्ति नहीं है, तो सभापति या अध्यक्ष का यह कर्तव्य होता है कि वह सदन को स्थगित कर दे या बैठक तब तक के लिए रोक दे जब तक कि गणपूर्ति पूरी न हो जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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जीव जगत के पाँच जगत वर्गीकरण (Five-Kingdom Classification) के अंतर्गत मोनेरा (Monera) जगत के मुख्य लक्षणों और उनके जैव-रासायनिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मोनेरा जगत के सभी जीव प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) होते हैं, जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक (True nucleus), केंद्रक झिल्ली तथा झिल्ली-युक्त कोशिकांग (Membrane-bound organelles जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी काय आदि) पूर्णतः अनुपस्थित होते हैं।
2. इस जगत के अधिकांश जीवों की कोशिका भित्ति (Cell wall) मुख्य रूप से जटिल शर्करा और अमीनो एसिड से बने 'पेप्टिडोग्लाइकान' (Peptidoglycan) की बनी होती है, किंतु आर्कीबैक्टीरिया (Archaebacteria) की कोशिका भित्ति की रासायनिक संरचना सामान्य बैक्टीरिया से भिन्न होती है जो उन्हें अत्यधिक कठोर वातावरण में जीवित रहने में मदद करती है।
3. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले सायनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria) या नीले-हरे शैवाल यूकैरियोटिक पादपों की भाँति प्रकाश संश्लेषण करते हैं, किंतु इनमें क्लोरोफिल-ए वर्णक के साथ-साथ प्रकाश संश्लेषी पिगमेंट विशिष्ट रूप से प्रोकैरियोटिक साइटोप्लाज्म में फैले होते हैं, न कि क्लोरोप्लास्ट के भीतर।
4. अधिकांश बैक्टीरिया में जनन मुख्य रूप से लैंगिक विधि (Sexual reproduction) द्वारा होता है, जिसमें समसूत्री (Mitosis) या अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन के माध्यम से युग्मकों का निर्माण और संलयन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के किसान विद्रोह, आंदोलनों और उनसे जुड़े प्रमुख नेतृत्वकर्त्याओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वामी सहजानंद सरस्वती ने वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' (Bihar Provincial Kisan Sabha) की स्थापना की थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य जमींदारों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अवैध उत्पीड़न, बेदखली और बकाश्त भूमि पर उनके अधिकारों की रक्षा करना था।
2. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित 'अखिल भारतीय किसान सभा' (All India Kisan Sabha) के पहले सत्र की अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा की गई थी, जबकि एन.जी. रंगा को इस प्रथम अखिल भारतीय संगठन का महासचिव (General Secretary) चुना गया था।
3. वर्ष 1937-38 के दौरान मोकामा के निकट 'बड़हिया टाल' (Barhiya Tal) संग्राम का नेतृत्व कार्यानंद शर्मा ने किया था, जो मुख्य रूप से टाल क्षेत्र की उपजाऊ भूमि पर काश्तकारी अधिकारों की रक्षा और फसल के बँटवारे को लेकर जमींदारों के विरुद्ध एक अत्यंत तीव्र किसान आंदोलन था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के भौगोलिक परिदृश्य में वन क्षेत्र एवं मृदा के वितरण तथा उनकी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार राज्य में कुल वन आवरण (Total Forest Cover) राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84 प्रतिशत है, जिसमें से सर्वाधिक वन आवरण क्षेत्रफल वाला जिला कैमूर है, जबकि न्यूनतम वन आवरण शेखपुरा जिले में दर्ज किया गया है।
2. उत्तर-पश्चिम बिहार के तराई क्षेत्रों (विशेषकर पश्चिमी चंपारण के सोमेश्वर और दून पहाड़ियों के आसपास) में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन पाए जाते हैं, जहाँ वर्षभर उच्च आद्र्रता के कारण 'साल' (सखुआ) के वृक्ष बहुतायत में मिलते हैं।
3. दक्षिण बिहार के पठारी और उच्च भूमि क्षेत्रों (जैसे गया, रोहतास, औरंगाबाद) की मृदा मुख्य रूप से लाल-पीली मृदा और बलुई-मिट्टी के रूप में पाई जाती है, जो लौह ऑक्साइड की प्रचुरता के कारण धान की खेती के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होती है और इसमें नाइट्रोजन एवं ह्यूमस की कोई कमी नहीं होती है।
4. बिहार की जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) का निर्माण मुख्य रूप से गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई गाद के निक्षेपण से हुआ है, जिसमें उत्तर बिहार की जलोढ़ मिट्टी सामान्यतः उदासीन से क्षारीय प्रकृति की होती है, जबकि दक्षिण बिहार की कुछ मिट्टियाँ हल्की अम्लीय होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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