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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा के निर्वाचन में ब्रिटिश भारत के प्रांतों को आवंटित 296 सीटें जनसंख्या के अनुपात (लगभग 10 लाख की आबादी पर एक सीट) के आधार पर विभिन्न समुदायों—मुसलमान, सिख और सामान्य (सभी अन्य)—में बांटी गई थीं, तथा प्रत्येक समुदाय के सदस्यों ने प्रांतीय विधानसभा में अपने समुदाय के प्रतिनिधियों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया था।
  2. 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया था, तथा सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को फ्रांस की परंपरा के अनुरूप सभा का अस्थायी अध्यक्ष (Interim President) चुना गया था।
  3. 3. पं. जवाहरलाल नेहरू द्वारा 13 दिसंबर 1946 को प्रस्तुत ऐतिहासिक 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) को संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया, जिसमें भारतीय संविधान के मूल दर्शन और लोकतांत्रिक आदर्शों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी।
  4. 4. संविधान के निर्माण के दौरान विभिन्न कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई समितियों का गठन किया गया था, जिनमें डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित 'प्रांतीय संविधान समिति' सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसने संपूर्ण देश के लिए एकल संविधान का प्रारूप तैयार किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। संविधान सभा के निर्वाचन और उसकी कार्यप्रणाली से जुड़े ये तथ्य ऐतिहासिक रूप से सटीक हैं। हालांकि, कथन 4 असत्य है क्योंकि डॉ. बी. आर. अंबेडकर 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) के अध्यक्ष थे, जबकि 'प्रांतीय संविधान समिति' के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे। अधिक अध्ययन और अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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